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Panchkula News: धान की खरीद आज से, 102 मंडियां तैयार
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में मंगलवार से धान की खरीद शुरू होने जा रही है। जिले में धान की खरीद के लिए 102 मंडियां तैयार की गई हैं और जरूरत पड़ने पर करीब 100 अस्थायी खरीद केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। जिला मंडी अधिकारी मनदीप सिंह ने कहा कि इस बार पंजाब में 15 दिन पहले धान की खरीद शुरू हो रही है। आशंका है कि किसान गीला धान मंडियों में ला सकते हैं। इसलिए किसानों से अपील है कि वे मंडियों में गीला धान न लाएं, क्योंकि नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद एजेंसियों को धान खरीदने में परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि मंडियों के गेट पर धान की नमी की जांच की जाएगी। जिससे मंडियों में अनावश्यक धान का ढेर न लगे और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मंडियों में सफाई, अनाज भंडारण, परिवहन, श्रमिक, पेयजल और किसानों के लिए शौचालय सहित सभी प्रकार की व्यवस्थाएं कर दी हैं। इस बार जिले की मंडियों में करीब 12 लाख 50 हजार मीट्रिक टन धान के आवक की संभावना है। वहीं 2.50 लाख मीट्रिक टन बासमती की आवक हो सकती है।
डीसी प्रीति यादव ने कहा कि यदि अधिक नमी वाला गीला धान मंडियों में आएगा तो दाने हरे रह जाएंगे और उनका रंग फीका पड़ जाएगा, जिससे नुकसान होगा। इसके अलावा यदि अधिक नमी वाला धान मंडियों में आएगा तो किसानों को उसे सुखाने के लिए अतिरिक्त समय तक मंडियों में बैठना पड़ेगा, इसलिए कोई भी किसान निर्धारित नमी से अधिक नमी वाला गीला धान मंडियों में न लाए। उन्होंने कंबाइन संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि रात के समय धान की कटाई न की जाए और जिला प्रशासन द्वारा शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कटाई न करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि यदि कंबाइन संचालक निर्धारित समय के बाद गीली फसल की कटाई करते हैं तो उनकी कंबाइन जब्त कर ली जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। डॉ. प्रीति यादव ने किसानों से अपील की कि वे पराली में आग न लगाएं बल्कि इन सीटू और एक्स सीटू तकनीकों का उपयोग करके पराली प्रबंधन को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि खेत में आग लगाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि खेत की उर्वरा शक्ति भी कम होती है।
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पटियाला। पंजाब में मंगलवार से धान की खरीद शुरू होने जा रही है। जिले में धान की खरीद के लिए 102 मंडियां तैयार की गई हैं और जरूरत पड़ने पर करीब 100 अस्थायी खरीद केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। जिला मंडी अधिकारी मनदीप सिंह ने कहा कि इस बार पंजाब में 15 दिन पहले धान की खरीद शुरू हो रही है। आशंका है कि किसान गीला धान मंडियों में ला सकते हैं। इसलिए किसानों से अपील है कि वे मंडियों में गीला धान न लाएं, क्योंकि नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद एजेंसियों को धान खरीदने में परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि मंडियों के गेट पर धान की नमी की जांच की जाएगी। जिससे मंडियों में अनावश्यक धान का ढेर न लगे और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मंडियों में सफाई, अनाज भंडारण, परिवहन, श्रमिक, पेयजल और किसानों के लिए शौचालय सहित सभी प्रकार की व्यवस्थाएं कर दी हैं। इस बार जिले की मंडियों में करीब 12 लाख 50 हजार मीट्रिक टन धान के आवक की संभावना है। वहीं 2.50 लाख मीट्रिक टन बासमती की आवक हो सकती है।
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डीसी प्रीति यादव ने कहा कि यदि अधिक नमी वाला गीला धान मंडियों में आएगा तो दाने हरे रह जाएंगे और उनका रंग फीका पड़ जाएगा, जिससे नुकसान होगा। इसके अलावा यदि अधिक नमी वाला धान मंडियों में आएगा तो किसानों को उसे सुखाने के लिए अतिरिक्त समय तक मंडियों में बैठना पड़ेगा, इसलिए कोई भी किसान निर्धारित नमी से अधिक नमी वाला गीला धान मंडियों में न लाए। उन्होंने कंबाइन संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि रात के समय धान की कटाई न की जाए और जिला प्रशासन द्वारा शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कटाई न करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि यदि कंबाइन संचालक निर्धारित समय के बाद गीली फसल की कटाई करते हैं तो उनकी कंबाइन जब्त कर ली जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। डॉ. प्रीति यादव ने किसानों से अपील की कि वे पराली में आग न लगाएं बल्कि इन सीटू और एक्स सीटू तकनीकों का उपयोग करके पराली प्रबंधन को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि खेत में आग लगाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि खेत की उर्वरा शक्ति भी कम होती है।