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अनदेखी : कराेड़ाें के बूथों पर मजदूरों और भिखारियों का डेरा, देखभाल के अभाव में हो रहे जर्जर

Fri, 07 Jul 2023 02:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2023 02:05 AM IST
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Overlooked: Camp of laborers and beggars at the booths of Kareda, dilapidated due to lack of care
- केवल तीन बूथों की हुई नीलामी, दूसरी तरफ सेक्टर-9 में चार माह पहले करीब तीन करोड़ में बिके थे दो बूथ
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-14 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के 25 से ज्यादा बूथ जर्जर पड़े हैं। प्राधिकरण की तरफ से न इनकी नीलामी की गई है, न ही देखरेख की जा रही है। कराेड़ाें के इन बूथों पर मजदूरों और भिखारियों का डेरा है। इतना ही नहीं इन बूथों पर ताला भी नहीं लगाया गया है। एचएसवीपी की तरफ से जब भी शहर में कहीं भी बूथों की नीलामी की जाती है, तो लोग बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं। इतना ही नहीं छोटे-छोटे बूथ और कियोस्क की करोड़ों रुपये की कीमत चुकाते हैं। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से करीब 15 साल में यहां 28 बूथ नीलाम नहीं हो पाए हैं। करीब तीन माह पहले एचएसवीपी ने सेक्टर-9 की रेहड़ी मार्केट में दो बूथों को नीलाम किया था। खरीदारों ने नीलामी में प्रत्येक बूथ की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये लगाई थी। उससे कुछ समय पहले सेक्टर-5 की हैप्पीनेस फूड मार्केट में 3 गुणा 6 स्क्वेयर मीटर के कियोस्क भी लोगों ने 2.27 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। दोनों ही जगह पर एचएसवीपी ने खाली जगह की नीलामी की है। मगर सेक्टर-14 में बूथों का निर्माण भी किया गया है।


लागत पर खर्च किए लाखों रुपये हुए बर्बाद
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से करीब 15 साल पहले सेक्टर-14 में 28 बूथों का निर्माण किया गया था। उस समय भी निर्माण पर कई लाख रुपये खर्च हुए थे। दो लाइनों में ये बूथ बनाए गए हैं। दोनों में ही 14-14 बूथ शामिल हैं। कुछ समय पहले इनमें से दो बूथों को नीलामी में रखा गया था, तो एक फर्म ने उन्हें खरीद लिया। मगर बाकी बूथों की नीलामी आज तक नहीं हो सकी। अब ये बूथ कंडम होने लगे हैं। इससे प्राधिकरण की तरफ से निर्माण पर खर्च किए लाखों रुपये भी बर्बाद हो गए।
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बूथ नीलाम हों तो लोगों को मिले सुविधाएं
अगर एचएसवीपी इन बूथों को नीलाम कर देता है, तो यहां पर दुकानें शुरू होंगी। इससे वहां मार्केट का विस्तार होगा और लोगों को पहले की अपेक्षा ज्यादा सुविधाएं भी मिल पाएंगी। वहीं इन बूथों में प्रवासी मजदूर और भिखारी मार्केट की सुंदरता को ग्रहण लगा रहे हैं। काफी लोग मार्केट के उस हिस्से में जाना भी पसंद नहीं करते। इसीलिए वहां चल रही दुकानों को इससे नुकसान भी हो रहा है।
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यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। तुरंत इसकी जांच कराई जाएगी। अगर वहां कोई रह रहा है तो बूथों को खाली कराया जाएगा और वहां ताले लगवाए जाएंगे। जल्द ही उनको नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - मानव मलिक, संपदा अधिकारी पंचकूला, एचएसवीपी
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