चंडीगढ़। पंजाब में पड़ रही सर्दी और धुंध वाले मौसम के बीच स्कूल बसों में सफर करने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त हो गई है। खराब मौसम के चलते सभी स्कूली वाहनों पर फाॅग लाइट जरूरी कर दी गई है, जबकि स्कूल वाहन तय स्पीड लिमिट से तेज नहीं चलेंगे। वहीं, स्कूल बसों में चालक पद पर केवल उसी व्यक्ति को तैनात किया जाएगा, जिसके पास चार साल का तुजुर्बा होगा। वहीं, बच्चों को बसों से उतारने व चढ़ाने के लिए महिला कडंक्टर भी तैनात रहेगी। जिला स्तर पर गठित कमेटियां इन चीजों पर नजर रखेंगी। अगर कोई स्कूल उक्त नियमों का पालन नहीं करता है तो स्कूल प्रबंधक व ड्राइवर पर केस दर्ज किया जाएगा। सभी जिलों में सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी का सख्ती से पालन करवाया जाए।
स्कूल बसों में बच्चों के सफर को लेकर कई अन्य मानक भी तय किए गए हैं। स्कूल बसों में फुट स्टैप की ऊंचाई 200 मिलीमीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वहीं, स्कूल बसों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग 60 दिनों तक संभाल कर रखी जाएगी। स्कूल बस के ड्राइवर नीले फीके रंग की कमीज व काले रंग के बूट पहनकर वाहन चलाएंगे। ड्राइवर के नेम प्लेट लगी होनी चाहिए। ड्राइवर के पास सभी बच्चों के नाम पता, क्लास व ब्लड ग्रुप वाली लिस्ट होनी चाहिए। वहीं, स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चे नहीं बिठाए जाएंगे। स्कूल बस में आग बुझाने के यंत्र भी लगे होेने चाहिए। स्कूल में आगे और पीछे एक इमरजेंसी खिड़की होनी चाहिए। बसों में फर्स्ट एड बाक्स जरूरी होनी चाहिए। स्कूल में जीपीएस सिस्टम को जरूरी किया गया।