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अदाणी से बिजली खरीद को लेकर नए करार पर रार शुरू
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के अदाणी पावर से बिजली खरीद को लेकर हुए नये करार को लेकर रार शुरू हो गई है। कांग्रेस और भाजपा नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने सरकार पर आरोप लगाया है कि नए करार में सरकार ने अदाणी के आगे सरेंडर कर दिया। उनका कहना है कि यह करार हरियाणा के हित में नहीं है और इससे प्रदेश को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान झेलना पड़ेगा। उधर, आरोपों का जवाब देने के लिए खुद प्रदेश के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है। रणजीत सिंह का कहना है कि विपक्ष लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
गुमराह करने की कोशिश कर रहा विपक्ष : रणजीत सिंह
बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा है कि अदाणी पावर लिमिटेड के नाम पर विपक्ष प्रदेश को गुमराह कर रहा है। अदाणी से तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समय जब रणदीप सिंह सुरजेवाला बिजली मंत्री थे तो उस समय 1424 मेगावाट के लिए बिजली खरीद समझौता हुआ था। इसमें 70 प्रतिशत घरेलू कोयला व 30 प्रतिशत आयातित कोयला का उपयोग किया जाना था जिसे अब 83 प्रतिशत घरेलू और 17 प्रतिशत आयातित कोयला किया गया है। अब अदाणी से 1200 मेगावाट बिजली ले रहे हैं।
यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अदाणी पावर लिमिटेड से 2.94 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। दूसरी थर्मलों से 3.40 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि पूरा कोयला कोल इंडिया लिमिटेड के माध्यम से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मई, जून व जुलाई में बिजली की अधिक मांग रहती है और पीक समय के दौरान भी दो-तीन दिनों को छोडक़र कहीं भी कट नहीं लगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र में भी कोई कट नहीं लगा।
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बिजली बिल ठीक करने के नाम पर मोबाइल निगमों ने कोई नंबर जारी नहीं किया
एक प्रश्न के उत्तर में बिजली मंत्री ने कहा कि बिजली बिल ठीक करने के नाम पर कोई कॉल आती है तो सावधान रहें। विभाग ने ऐसा कोई नंबर जारी नहीं किया है। उन्होंने बताया कि बिल के मामले में लाइनमेन स्वयं बिजली बिल उपभोक्ताओं तक पहुंचाता है। उन्होंने खासतौर पर मोबाइल नंबर- 7679709312 से फर्जी कॉल की शिकायत मिलने पर इस नंबर की विजिलेंस जांच करवाने के निर्देश दिए।
अदाणी को कटघरे में खड़ा करने की बजाए मेहरबानी दिखा रही सरकार : उदयभान
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान ने कहा कि अदाणी पावर और सरकार के बीच हुए नए समझौते को देखकर लगता है कि बीजेपी-जेजेपी सरकार ने पूरी तरह अदाणी के सामने समर्पण कर दिया है। उन्होंने कहा कि समझौते की शर्तों के बारे में जानकर उन्हें बहुत निराशा हुई, क्योंकि प्रदेश की जनता के राजस्व को सरकार अदाणी पर लुटा रही है। उदयभान ने कहा कि अदाणी पावर लिमिटेड के साथ साल 2008 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के दौरान 25 साल के लिए कॉन्ट्रेक्ट हुआ था। इसमें लिखा गया था कि 2.94 रुपये प्रति यूनिट के रेट पर 1424 मेगावाट प्रतिदिन की सप्लाई अदाणी पावर हरियाणा को करेगी। सितंबर 2021 में अदाणी पावर ने हरियाणा को बिजली देने से इनकार कर दिया और प्रति यूनिट के रेट बढ़ा दिए। यह सीधे तौर पर समझौते का उल्लंघन था। इसकी वजह से हरियाणा को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि अदाणी पावर को कटघरे में खड़ा करने की बजाय सरकार ने नए फैसले में 224 मेगावाट बिजली को सरेंडर कर दिया। कांग्रेस हर मंच पर इस मुद्दे को उठाएगी और सरकार व कंपनी के बीच के हिडन एजेंडा को उजागर करेगी। यहां तक कि वकीलों की सलाह पर इस मामले को न्यायालय तक भी लेकर जाया जा सकता है।
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गुमराह करने की कोशिश कर रहा विपक्ष : रणजीत सिंह
बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा है कि अदाणी पावर लिमिटेड के नाम पर विपक्ष प्रदेश को गुमराह कर रहा है। अदाणी से तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समय जब रणदीप सिंह सुरजेवाला बिजली मंत्री थे तो उस समय 1424 मेगावाट के लिए बिजली खरीद समझौता हुआ था। इसमें 70 प्रतिशत घरेलू कोयला व 30 प्रतिशत आयातित कोयला का उपयोग किया जाना था जिसे अब 83 प्रतिशत घरेलू और 17 प्रतिशत आयातित कोयला किया गया है। अब अदाणी से 1200 मेगावाट बिजली ले रहे हैं।
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यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अदाणी पावर लिमिटेड से 2.94 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। दूसरी थर्मलों से 3.40 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि पूरा कोयला कोल इंडिया लिमिटेड के माध्यम से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मई, जून व जुलाई में बिजली की अधिक मांग रहती है और पीक समय के दौरान भी दो-तीन दिनों को छोडक़र कहीं भी कट नहीं लगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र में भी कोई कट नहीं लगा।
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बिजली बिल ठीक करने के नाम पर मोबाइल निगमों ने कोई नंबर जारी नहीं किया
एक प्रश्न के उत्तर में बिजली मंत्री ने कहा कि बिजली बिल ठीक करने के नाम पर कोई कॉल आती है तो सावधान रहें। विभाग ने ऐसा कोई नंबर जारी नहीं किया है। उन्होंने बताया कि बिल के मामले में लाइनमेन स्वयं बिजली बिल उपभोक्ताओं तक पहुंचाता है। उन्होंने खासतौर पर मोबाइल नंबर- 7679709312 से फर्जी कॉल की शिकायत मिलने पर इस नंबर की विजिलेंस जांच करवाने के निर्देश दिए।
अदाणी को कटघरे में खड़ा करने की बजाए मेहरबानी दिखा रही सरकार : उदयभान
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान ने कहा कि अदाणी पावर और सरकार के बीच हुए नए समझौते को देखकर लगता है कि बीजेपी-जेजेपी सरकार ने पूरी तरह अदाणी के सामने समर्पण कर दिया है। उन्होंने कहा कि समझौते की शर्तों के बारे में जानकर उन्हें बहुत निराशा हुई, क्योंकि प्रदेश की जनता के राजस्व को सरकार अदाणी पर लुटा रही है। उदयभान ने कहा कि अदाणी पावर लिमिटेड के साथ साल 2008 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के दौरान 25 साल के लिए कॉन्ट्रेक्ट हुआ था। इसमें लिखा गया था कि 2.94 रुपये प्रति यूनिट के रेट पर 1424 मेगावाट प्रतिदिन की सप्लाई अदाणी पावर हरियाणा को करेगी। सितंबर 2021 में अदाणी पावर ने हरियाणा को बिजली देने से इनकार कर दिया और प्रति यूनिट के रेट बढ़ा दिए। यह सीधे तौर पर समझौते का उल्लंघन था। इसकी वजह से हरियाणा को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि अदाणी पावर को कटघरे में खड़ा करने की बजाय सरकार ने नए फैसले में 224 मेगावाट बिजली को सरेंडर कर दिया। कांग्रेस हर मंच पर इस मुद्दे को उठाएगी और सरकार व कंपनी के बीच के हिडन एजेंडा को उजागर करेगी। यहां तक कि वकीलों की सलाह पर इस मामले को न्यायालय तक भी लेकर जाया जा सकता है।