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Panchkula News: वनकर्मियों पर हमला करने वाले को एक साल की कैद
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खैर की अवैध कटाई रोकने गई टीम पर किया था हमला, फॉरेस्टर का हाथ फ्रैक्चर होने के मामले में अदालत ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर के नानकपुर ब्लॉक के जंगल में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला करने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए आरोपी की पहचान संदीप सिंह उर्फ दीपा (20) निवासी गांव कीरतपुर, पिंजौर के रूप में हुई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 21 फरवरी 2025 की सुबह वन विभाग को रामनगर खोली के जंगल में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की सूचना मिली थी।
सूचना मिलने पर फॉरेस्टर दीपक कुमार, फॉरेस्ट गार्ड सचिन कुमार और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वहां तीन युवक खैर के पेड़ काटते हुए मिले। वनकर्मियों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने डंडों से हमला कर दिया।
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हमले में फॉरेस्टर दीपक कुमार के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि टीम के अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से खैर के तीन पेड़ों के 16 टुकड़े बरामद कर मामले की सूचना पुलिस को दी।
जांच के दौरान घायल वनकर्मियों ने संदीप सिंह की पहचान हमलावर के रूप में की। सुनवाई के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से बरामद लकड़ी, मौके की तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शी वनकर्मियों की गवाही को अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना।
इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने संदीप सिंह को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर के नानकपुर ब्लॉक के जंगल में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला करने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए आरोपी की पहचान संदीप सिंह उर्फ दीपा (20) निवासी गांव कीरतपुर, पिंजौर के रूप में हुई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 21 फरवरी 2025 की सुबह वन विभाग को रामनगर खोली के जंगल में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की सूचना मिली थी।
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सूचना मिलने पर फॉरेस्टर दीपक कुमार, फॉरेस्ट गार्ड सचिन कुमार और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वहां तीन युवक खैर के पेड़ काटते हुए मिले। वनकर्मियों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने डंडों से हमला कर दिया।
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हमले में फॉरेस्टर दीपक कुमार के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि टीम के अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से खैर के तीन पेड़ों के 16 टुकड़े बरामद कर मामले की सूचना पुलिस को दी।
जांच के दौरान घायल वनकर्मियों ने संदीप सिंह की पहचान हमलावर के रूप में की। सुनवाई के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से बरामद लकड़ी, मौके की तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शी वनकर्मियों की गवाही को अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना।
इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने संदीप सिंह को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।