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Panchkula News: दूसरे दिन भी पुलिस ने रोका तो आशा वर्करों ने पुतला फूंका

Wed, 30 Aug 2023 01:36 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Aug 2023 01:36 AM IST
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On the second day also the police stopped, then the Asha workers burnt the effigy
संवाद न्यूज़ एजेंसी
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बरवाला-कालका-पिंजौर-रायपुररानी। अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए पंचकूला मिशन डायरेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करने जा रहे जिले की आशा वर्कर्स को मंगलवार को फिर पुलिस ने प्राइवेट और सरकारी बसाें से नीचे उतार दिया। पुलिस की हर खंड के गांवों की आशा वर्कर्स ने गुस्सा होकर कस्बा बरवाला, रायपुररानी, पिंजौर, कालका में सरकार के मंत्रियों के पुतले जलाकर रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सुमनलता ने कहा कि आशा वर्कर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही है। सरकार और पुलिस प्रशासन उन्हें प्रदर्शन करने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह से लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नाम मात्र वेतन से उनके परिवारों का गुजारा नहीं हो रहा इसलिए उनकी यही मांग है कि उनके वेतन में वृद्धि की जाए लेकिन सरकार लंबे समय से आशा वर्करों की मांगों के प्रति अनजान बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि आशा वर्कर की 22 दिन की हड़ताल के बाद भी जब सरकार नहीं जागी तो मजबूरन आशा वर्करों ने 28 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने का फैसला लिया था। इसके बाद उनको हिरासत में लेकर जबरन गाड़ियों में भरकर कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, लाडवा, यमुनानगर आदि जिलों में छोड़ दिया। ऐसे में आशा वर्कर रात को 12 बजे तक दूसरे जिलों में असुरक्षित सड़कों पर घूमती रही। जब क्षेत्र के लोगों ने पुलिस से आशा वर्करों के सहयोग में प्रदर्शन करने की बात कही तो आनन-फानन में उन जिलों की पुलिस ने आशा वर्करों को उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया। यूनियन जिला प्रधान ने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो हर गांव में हर रोज पुतले जलाए जाएंगे।
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इसमें ग्राम पंचायतों और अन्य संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। वहीं सीटू के जिला सचिव लच्छी राम शर्मा व किसान नेता करमचंद, मेहर चंद गोयल, नौजवान सभा के नेता अमित कुमार ने आशा वर्करों के प्रति सरकार के रवैये की निंदा कर कहा कि लोकतंत्र में सरकार का फर्ज बनता है कि वह हर विरोध व असहमति की आवाज को सुनकर उनका समाधान करे। उन्होंने कहा कि आज आशा वर्करों के हड़ताल पर चले जाने से जिलों के गांवों में डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया आदि की बीमारियां फैल रही हैं, क्योंकि आशा वर्कर ही स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर गांवों में घर-घर सर्वे करके लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करती थी। इस अवसर पर आशा वर्कर कमलेश, नीलम, रक्षा, पूजा, आशा, पूर्णिमा, सहित अन्य आशा वर्कर्स मौजूद रहीं।
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