फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Now water theft will be curbed in Haryana

हरियाणा में अब पानी की चोरी करने वालों पर लगेगी लगाम, मुख्यमंत्री ने नहरी पानी के रियल टाइम डाटा सिस्टम का किया लोकार्पण

Sat, 18 Sep 2021 10:41 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 10:41 PM IST
विज्ञापन
Now water theft will be curbed in Haryana
चंडीगढ़। हरियाणा में नहरी पानी की चोरी पर लगाम लगाने के लिए रियल टाइम डाटा एक्विजिशन सिस्टम (आरटीडीएएस) की शुरुआत हो गई है। शनिवार को हरियाणा निवास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम मनोहर लाल ने इसका लोकार्पण किया। पहले चरण में प्रदेशभर में 90 स्थानों पर आरटीडीएएस को स्थापित किया गया है।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में जल प्रबंधन के लिए तकनीक बेहद आवश्यक है, इसलिए आरटीडीएएस की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि जल को हम पैदा नहीं कर सकते, उसका केवल प्रबंधन किया जा सकता है। अलग-अलग अध्ययनों से तस्वीर उभर कर सामने आ रही है कि यदि इसी तरह जल का दोहन होता रहा तो आने वाले 30 से 35 वर्ष के बाद हमारे प्रदेश में मरुस्थल जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका है। इसलिए समय रहते जल प्रबंधन अति आवश्यक है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि जल संकट पूरे प्रदेश में एक समान नहीं है। कहीं, जलस्तर बेहद नीचे है तो कहीं पर बहुत ऊपर है। ऐसे में सिंचाई के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली योजना लागू की गई है, ताकि दक्षिण हरियाणा के उन खेतों तक भी पानी पहुंच सके, जहां पानी की बेहद किल्लत है। इस मौके पर हरियाणा जल संरक्षण अभियान की गुडविल एंबेसडर नियुक्त की गई मनिका श्योकंद, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की चेयरपर्सन केशनी आनंद अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह, इंजीनियर-इन-चीफ सतबीर कादियान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नहरों में उपलब्ध पानी का होगा डाटा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि नहर में कितना पानी छोड़ा गया और आखिरी टेल तक कितना पानी पहुंचा, इसे अब आरटीडीएएस के माध्यम से पता लगाया जा सकेगा। कहीं बीच में पानी की चोरी हुई हो तो संबंधित अधिकारी को मैसेज जाएगा कि किस कारण टेल के आखिरी छोर तक पानी कम हुआ है। आरटीडीएएस के माध्यम से विभाग के पास यह डाटा भी उपलब्ध होगा कि नहरों में कितना पानी उपलब्ध है, कितना होना चाहिए और टेल पर कितना पानी पहुंचना चाहिए और कितना पानी पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed