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Panchkula News: अब विधानसभा में गूंजेगा कौशल्या डैम के पास नदी किनारे चल रहे अवैध निर्माण का मुद्दा

Sat, 23 Aug 2025 02:28 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Aug 2025 02:28 AM IST
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Now the issue of illegal construction going on near the river near Kaushalya Dam will be raised in the assembly
पंचकूला। पिंजौर के कौशल्या डैम के पास नदी किनारे चले रहे अवैध निर्माण का मुद्दा हरियाणा विधानसभा में गूंजेगा। पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन ने कहा कि कौशल्या नदी पर वर्ष 2012 में बनाए गए कौशल्या डैम के फ्लड गेट के सामने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए फ्लैट्स बनाने और अवैध रूप से अन्य भवनों का निर्माण करना सीधे-सीधे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है, इसलिए निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाने के आदेश की मांग करेंगे।
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25 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
एडवोकेट विजय बंसल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कौशल्या डैम निर्माण में हुई धांधली में दोषी पाए गए 25 अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने का आह्वान किया है। साथ ही उन्होंने डैम से छोड़े जाने वाले पानी से गांव रामपुर सियुड़ी और चंडीगढ़, पंचकूला-शिमला नेशनल हाईवे और निचले इलाके को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए रामपुर सियुड़ी में नदी किनारे कंक्रीट की पक्की रिटेनिंग वॉल बनाए जाने की मांग की है।
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2012 में बने डैम को जांच अधिकारी ने बताया था वाटर बम
एडवोकेट विजय बंसल ने बताया कि कौशल्या डैम का निर्माण अप्रैल 2008 में शुरू हुआ। 2012 में डैम बनकर तैयार हो गया। इसके निर्माण में धांधली होने की शिकायत भी की गई थी। तब विभाग की विजिलेंस जांच के बाद जांच अधिकारी एक्सईएन ने रिपोर्ट दी थी कि तकनीकी सलाह लिए बिना चौड़ा बनाया डैम अमरावती, पंचकूला और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों के लिए वाटर बम सिद्ध हो सकता है और इसके निर्माण में अनेक अनियमितताएं बरती जा रही है।
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पहली बार 6 जनवरी 2015 को अधिकारियों के विरुद्ध पहली एफआईआर दर्ज हुई थी
एडवोकेट विजय बंसल ने बताया कि वर्ष 2015 में सिंचाई विभाग से आरटीआई से जानकारी मांगी थी, जिसमें विभाग ने बताया था कि उन्होंने फ्लैट बनाने की अनुमति नहीं दी है। साल 2014 में मुख्यमंत्री को डैम निर्माण की अनियमितताओं पर विभागीय जांच करने की मांग की थी। पहली बार 6 जनवरी 2015 को अधिकारियों के विरुद्ध पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद जांच रिपोर्ट 2018 में आई, जिसमें सिंचाई विभाग के कई मुख्य अभियंताओं, कई जेई स्तर के कुल 25 अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए विभागीय कार्यवाही की मांग की थी।



कौशल्या डैम की चौड़ाई 12 मीटर मंजूर, बढ़ाकर 30 मीटर कर दिया
कौशल्या डैम की चौड़ाई 12 मीटर मंजूर थी, इसकी चौड़ाई बढ़ाकर 30 मीटर कर दी गई। इस डैम की अनुमानित निर्माण लागत पहली बार 51.37 करोड़ रुपये थी। चौड़ाई बढ़ाने के बाद लागत बढ़ाकर 98.18 करोड़ रुपये कर दी गई। फिर निर्माण लागत 217 करोड़ रुपये तक थी। इसकी लागत को बार-बार बढ़ाया गया। पंचकूला तक बिछाई गई पाइप लाइन पर करीब 33 करोड़ रुपये अलग से खर्च किए गए थे। पंचकूला के सेक्टरों में जलापूर्ति और नदी पार की कॉलोनियों को चार मार्गी रास्ता देने के उद्देश्य से बनाए गए डैम का खास लाभ आज तक न तो पंचकूला को हो रहा है और न ही इस डैम के ऊपर फोरलेन सड़क बनाई गई है।
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