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Panchkula News: अब पीएसपीसीएल के सभी मुलाजिमों को मिलेगा मुआवजा नीति का लाभ
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चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के सभी कर्मचारियों के लिए नई मुआवजा नीति बनाई है। नीति में रेगुलर, ठेका आधारित और उप-ठेका आधारित सभी कर्मचारियों को शामिल किया गया है। नई नीति में पीएसपीसीएल के रेगुलर कर्मचारियों को न केवल दुर्घटना के लाभ प्राप्त होंगे, बल्कि वह इमरजेंसी के दौरान तीन लाख तक के डॉक्टरी इलाज के लिए एडवांस राशि ले सकेंगे। इसके पीछे कोशिश यही है कि उन्हें जरूरी डॉक्टरी इलाज प्राप्त करने में कोई वित्तीय मुश्किल पेश न आए। राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ है कि पॉलिसी में ठेका मुलाजिमों को शामिल किया गया है। बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने बताया कि नीति 8 दिसंबर 2023 से प्रभावी है। यह कार्य से संबंधित हादसों के मद्देनजर कर्मचारियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार की गई है।
एक्सग्रेशिया ग्रांट हुई 10 लाख, दिव्यांगता मुआवजा भी तय
लोगों को बिना किसी रुकावट से बिजली मुहैया करवाने के लिए स्टाफ को कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है। उन्हीं चीजों को ध्यान में रखकर यह नीति बनाई गई है। घातक हादसों के लिए एक्सग्रेशिया सहायता को 5 से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। इस नीति की शुरुआत से पहले ठेका आधारित और उप-ठेका आधारित श्रेणियों के कामगारों को गैर-घातक हादसों की स्थिति में कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता था। नई नीति इस अंतर को खत्म करते हुए सुनिश्चित बनाती है कि 100 प्रतिशत दिव्यांगता की स्थिति में 10 लाख की रकम का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न स्तर की दिव्यांगता के लिए मुआवजा तय किया गया है। रेगुलर कर्मचारियों के लिए घातक हादसों के मामलों में इस योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
करंट लगने पर इलाज के लिए मिलेगा एडवांस
नई नीति में 10 लाख एक्सग्रेशिया भुगतान, 1 लाख का सामूहिक बीमा और सरकारी नियमों के अनुसार मेडिकल बिल की अदायगी का प्रबंध जारी रखा गया है। हालांकि अब करंट लगने के कारण हादसे के तुरंत बाद जख्मी कर्मचारियों के इलाज के लिए मेडिकल एडवांस की व्यवस्था है। पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। सीधे तौर पर रखे गए और ठेकेदारों/आउटसोर्स्ड एजेंसियों द्वारा रखे गए ठेके पर काम करने वाले कामगार मुआवजा नीति में महत्वपूर्ण सुधारों की गवाही देंगे। ऐसे मामलों में एक्सग्रेशिया राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10.00 लाख रुपये की गई है। सामूहिक बीमा कवरेज भी दोगुनी होकर 10 लाख हो गई है। इसके अलावा, नई पॉलिसी ग्रुप बीमा के नियमों और शर्तों के आधार पर दिव्यांगता लाभों के मामले में एक्सग्रेशिया के लिए प्रबंध पेश करती है।
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एक्सग्रेशिया ग्रांट हुई 10 लाख, दिव्यांगता मुआवजा भी तय
लोगों को बिना किसी रुकावट से बिजली मुहैया करवाने के लिए स्टाफ को कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है। उन्हीं चीजों को ध्यान में रखकर यह नीति बनाई गई है। घातक हादसों के लिए एक्सग्रेशिया सहायता को 5 से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। इस नीति की शुरुआत से पहले ठेका आधारित और उप-ठेका आधारित श्रेणियों के कामगारों को गैर-घातक हादसों की स्थिति में कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता था। नई नीति इस अंतर को खत्म करते हुए सुनिश्चित बनाती है कि 100 प्रतिशत दिव्यांगता की स्थिति में 10 लाख की रकम का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न स्तर की दिव्यांगता के लिए मुआवजा तय किया गया है। रेगुलर कर्मचारियों के लिए घातक हादसों के मामलों में इस योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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करंट लगने पर इलाज के लिए मिलेगा एडवांस
नई नीति में 10 लाख एक्सग्रेशिया भुगतान, 1 लाख का सामूहिक बीमा और सरकारी नियमों के अनुसार मेडिकल बिल की अदायगी का प्रबंध जारी रखा गया है। हालांकि अब करंट लगने के कारण हादसे के तुरंत बाद जख्मी कर्मचारियों के इलाज के लिए मेडिकल एडवांस की व्यवस्था है। पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। सीधे तौर पर रखे गए और ठेकेदारों/आउटसोर्स्ड एजेंसियों द्वारा रखे गए ठेके पर काम करने वाले कामगार मुआवजा नीति में महत्वपूर्ण सुधारों की गवाही देंगे। ऐसे मामलों में एक्सग्रेशिया राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10.00 लाख रुपये की गई है। सामूहिक बीमा कवरेज भी दोगुनी होकर 10 लाख हो गई है। इसके अलावा, नई पॉलिसी ग्रुप बीमा के नियमों और शर्तों के आधार पर दिव्यांगता लाभों के मामले में एक्सग्रेशिया के लिए प्रबंध पेश करती है।
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