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बैलेंस शीट अपलोड मामले में निजी स्कूलों को फिलहाल राहत नहीं, सुनवाई 6 अक्टूबर को
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा निजी स्कूलों से अपनी बैलेंस शीट वेबसाइट पर अपलोड करने के आदेश को चुनौती देने वाली इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोसिएशन को बिना कोई राहत दिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सुनवाई 6 अक्तूबर तक स्थगित कर दी है ।
इस मामले में केंद्र सरकार पहले ही चंडीगढ़ प्रशासन का बचाव करते हुए कह चुकी है कि उसके पास यह अधिकार है कि वह किसी भी एक्ट में संशोधन और बदलाव के साथ उसे लागू कर सकती है। ऐसे में निजी स्कूलों की दलील कि पंजाब के एक्ट में बदलाव कर इसे चंडीगढ़ में लागू कर दिया गया जो कि पूरी तरह गलत है। जब निजी स्कूल छात्रों से ली गई फीस पर ही चलते हैं तो अभिभावकों को यह अधिकार है कि वे स्कूल की बैलेंस शीट देख सकें। मामले में उच्च न्यायालय पहले ही साफ कर चुका है कि फिलहाल स्कूलों को राहत नहीं दी जा सकती है और अदालत मामले के सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय करेगा कि चंडीगढ़ प्रशासन के यह आदेश सही हैं या नहीं।
वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन पहले ही मामले में अपना जवाब दायर कर कह चूका है कि यह एक्ट दो वर्ष पहले लागू किया जा चुका है, जिसे निजी स्कूल अब जाकर चुनौती दे रहे हैं, जो सही नहीं है। प्रशासन ने कहा कि 40 के करीब निजी स्कूल अपनी बैलेंस शीट अपलोड कर चुके हैं, कुछ निजी स्कूलों ने ऐसा नहीं किया था जिसके चलते उन्हें नोटिस भेजे गए थे। लेकिन नोटिस का जवाब देने की बजाय उन्होंने याचिका दायर कर दी। प्रशासन ने इसी दलील के साथ याचिका को खारिज करने की मांग की है।
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इस मामले में केंद्र सरकार पहले ही चंडीगढ़ प्रशासन का बचाव करते हुए कह चुकी है कि उसके पास यह अधिकार है कि वह किसी भी एक्ट में संशोधन और बदलाव के साथ उसे लागू कर सकती है। ऐसे में निजी स्कूलों की दलील कि पंजाब के एक्ट में बदलाव कर इसे चंडीगढ़ में लागू कर दिया गया जो कि पूरी तरह गलत है। जब निजी स्कूल छात्रों से ली गई फीस पर ही चलते हैं तो अभिभावकों को यह अधिकार है कि वे स्कूल की बैलेंस शीट देख सकें। मामले में उच्च न्यायालय पहले ही साफ कर चुका है कि फिलहाल स्कूलों को राहत नहीं दी जा सकती है और अदालत मामले के सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय करेगा कि चंडीगढ़ प्रशासन के यह आदेश सही हैं या नहीं।
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वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन पहले ही मामले में अपना जवाब दायर कर कह चूका है कि यह एक्ट दो वर्ष पहले लागू किया जा चुका है, जिसे निजी स्कूल अब जाकर चुनौती दे रहे हैं, जो सही नहीं है। प्रशासन ने कहा कि 40 के करीब निजी स्कूल अपनी बैलेंस शीट अपलोड कर चुके हैं, कुछ निजी स्कूलों ने ऐसा नहीं किया था जिसके चलते उन्हें नोटिस भेजे गए थे। लेकिन नोटिस का जवाब देने की बजाय उन्होंने याचिका दायर कर दी। प्रशासन ने इसी दलील के साथ याचिका को खारिज करने की मांग की है।
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