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नौ घंटे बाद हुआ चमत्कार
अमर उजाला पंचकूला
Updated Tue, 15 Oct 2013 01:34 AM IST
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बीते सप्ताह हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में रहने वाली मीणा शर्मा का दाएं हाथ का अंगूठा चारा काटने वाली मशीन में आने के बाद पूरी तरह से अलग हो गया था।
परिवार मीणा को अलकेमिस्ट हॉस्पिटल ले आया। तब तक करीब नौ घंटे बीत चुके थे, लेकिन डॉ. हरप्रीत सिंह बक्शी ने रीकंस्ट्रक्टिव एवं प्लास्टिक सर्जन के सहयोग से कटे हुए अंगूठे को फिर से जोड़ दिया।
इस प्रकार के हादसे में माना जाता है कि छह घंटे का गोल्डन पीरियड गुजरने के बाद उसे जोड़ना बेहद मुश्किल होता है।
अंगूठे को भी हॉस्पिटल में बेहद संक्रमित हालात में लाया गया था। मीणा को रविवार को हॉस्पिटल से छुट्टी भी दे दी गई।
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परिवार मीणा को अलकेमिस्ट हॉस्पिटल ले आया। तब तक करीब नौ घंटे बीत चुके थे, लेकिन डॉ. हरप्रीत सिंह बक्शी ने रीकंस्ट्रक्टिव एवं प्लास्टिक सर्जन के सहयोग से कटे हुए अंगूठे को फिर से जोड़ दिया।
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इस प्रकार के हादसे में माना जाता है कि छह घंटे का गोल्डन पीरियड गुजरने के बाद उसे जोड़ना बेहद मुश्किल होता है।
अंगूठे को भी हॉस्पिटल में बेहद संक्रमित हालात में लाया गया था। मीणा को रविवार को हॉस्पिटल से छुट्टी भी दे दी गई।