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Panchkula News: सुखबीर पर लगाए आरोपों में नए तथ्य आए सामने, जत्थेदार को करवाएंगे अवगत
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की कोर कमेटी की बैठक रविवार को कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ की अध्यक्षता में हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि पार्टी का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मुलाकात करेगा। पार्टी के सीनियर नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी प्रधान सुखबीर बादल व अन्य पार्टी नेताओं पर लगाए आरोपों व अकाल तख्त साहिब को दी गई शिकायतों के संबंध में नए तथ्य सामने आए हैं, इसलिए पूरे घटनाक्रम से अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को अवगत करवाया जाएगा। उन्होंने जत्थेदार से मिलने के लिए समय मांगा है। जत्थेदार के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझी करके उनसे अहम अपील भी की जाएगी।
शिअद सुधार लहर के नेता लगातार पार्टी प्रधान पर हमलावर है। हाल ही में सुधार लहर ने आरोप लगाया था कि तनखाहिया घोषित होने के बावजूद सुखबीर सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, जिसका शिअद नेताओं जवाब दिया था कि वह अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं, इसलिए वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा बैठक में प्रस्ताव पास करके सरकार को चेतावनी दी कि अगर 72 घंटे के अंदर मंडियों में आने वाली धान के एक-एक दाने की खरीद व उठाव नहीं हुआ तो वह एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
चीमा ने कहा कि सरकार मंडियों में आने वाले धान की खरीद करने या केंद्र सरकार के साथ तालमेल बिठाकर इसे उठाने में पूरी तरह नाकाम रही है, जिसके कारण किसान बेहद परेशान हैं। राज्य के इतिहास में ऐसी स्थिति पहले कभी पैदा नहीं हुई।
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चुनाव आयोग भी नहीं निभा पाया अपनी जिम्मेदारी : चीमा
चीमा ने कहा कि पंचायत चुनाव में फर्जीवाड़ा सामने आने के बावजूद राज्य चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पाया है और सरकार के दबाव के आगे झुक गया है। कोर कमेटी ने पंचायत चुनाव में आप सरकार की तरफ से लोकतंत्र की हत्या करने के लिए चिंता व्यक्त की है। ऐसे सैंकड़ों मामले हैं, जहां विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया और उन्हें वापस लौटाया गया, उनके नामांकन पत्र छीन लिए गए। उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष दायर 321 याचिकाओं के संबंध में राहत देने के लिए हाईकोर्ट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही आयोग को गिद्दड़बाहा के 20 गांवों में चुनाव रद्द करने के लिए भी मजबूर होना पड़ा, जहां विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अवैध रूप से रद्द किए गए थे।
कोर कमेटी ने बटाला में पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह बटाला के विधायक के इशारे पर किया गया। इस अवसर पर कमेटी ने तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व अध्यक्ष महिंदर सिंह रोमाणा और टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बैठक में एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, गुलजार सिंह रणीके, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, जनमेजा सिंह सेखों, शरनजीत सिंह ढिल्लों, हीरा सिंह गाबड़िया, परमजीत सिंह सरना, मनजीत सिंह जीके, इकबाल सिंह झूंदा, और विरसा सिंह वल्टोहा आदि नेता मौजूद थे।
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शिअद सुधार लहर के नेता लगातार पार्टी प्रधान पर हमलावर है। हाल ही में सुधार लहर ने आरोप लगाया था कि तनखाहिया घोषित होने के बावजूद सुखबीर सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, जिसका शिअद नेताओं जवाब दिया था कि वह अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं, इसलिए वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा बैठक में प्रस्ताव पास करके सरकार को चेतावनी दी कि अगर 72 घंटे के अंदर मंडियों में आने वाली धान के एक-एक दाने की खरीद व उठाव नहीं हुआ तो वह एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
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चीमा ने कहा कि सरकार मंडियों में आने वाले धान की खरीद करने या केंद्र सरकार के साथ तालमेल बिठाकर इसे उठाने में पूरी तरह नाकाम रही है, जिसके कारण किसान बेहद परेशान हैं। राज्य के इतिहास में ऐसी स्थिति पहले कभी पैदा नहीं हुई।
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चुनाव आयोग भी नहीं निभा पाया अपनी जिम्मेदारी : चीमा
चीमा ने कहा कि पंचायत चुनाव में फर्जीवाड़ा सामने आने के बावजूद राज्य चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पाया है और सरकार के दबाव के आगे झुक गया है। कोर कमेटी ने पंचायत चुनाव में आप सरकार की तरफ से लोकतंत्र की हत्या करने के लिए चिंता व्यक्त की है। ऐसे सैंकड़ों मामले हैं, जहां विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया और उन्हें वापस लौटाया गया, उनके नामांकन पत्र छीन लिए गए। उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष दायर 321 याचिकाओं के संबंध में राहत देने के लिए हाईकोर्ट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही आयोग को गिद्दड़बाहा के 20 गांवों में चुनाव रद्द करने के लिए भी मजबूर होना पड़ा, जहां विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अवैध रूप से रद्द किए गए थे।
कोर कमेटी ने बटाला में पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह बटाला के विधायक के इशारे पर किया गया। इस अवसर पर कमेटी ने तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व अध्यक्ष महिंदर सिंह रोमाणा और टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बैठक में एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, गुलजार सिंह रणीके, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, जनमेजा सिंह सेखों, शरनजीत सिंह ढिल्लों, हीरा सिंह गाबड़िया, परमजीत सिंह सरना, मनजीत सिंह जीके, इकबाल सिंह झूंदा, और विरसा सिंह वल्टोहा आदि नेता मौजूद थे।