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हाईकोर्ट में लंबित मामल की एनसीएससी ने की सुनवाई, पीजीआई ने लगाई हाईकोर्ट से गुहार

Wed, 04 Aug 2021 01:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 01:15 AM IST
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NCSC heard the case pending in the High Court, PGI appealed to the High Court
चंडीगढ़। सहायक प्रोफेसर के 81 पदों की भर्ती आरक्षण से जुड़े विवाद के चलते हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा इस विषय पर सुनवाई करने के खिलाफ पीजीआई चंडीगढ़ ने हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट ने याचिका पर आयोग को नोटिस जारी करते हुए इस मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
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याचिका दाखिल करते हुए पीजीआई चंडीगढ़ ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर के 81 पदों के लिए जारी भर्ती को रद्द करने की प्रोफेसर नरेंद्र कुमार ने मांग की थी। उनका कहना था कि इस भर्ती के दौरान आरक्षण के लिए 200 प्वाइंट रोस्टर का पालन नहीं किया गया। पीजीआई ने उनकी मांग ठुकरा दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी और हाईकोर्ट में यह याचिका विचाराधीन है। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत दे दी। पीजीआई ने कहा कि आयोग को यह अधिकार ही नहीं है कि वह उस मामले में सुनवाई करे जो न्यायालय में विचाराधीन हो। यह बात पीजीआई ने आयोग को भी बताई थी लेकिन इसको नजरअंदाज करके आयोग ने शिकायत पर सुनवाई की और सहायक प्रोफेसर के 81 पदों की भर्ती पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही आयोग को इस मामले में आगे सुनवाई न करने का आदेश दिया है।
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