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Panchkula News: पंजाब में सस्ता राशन लेने वाले 16 करोड़ लाभार्थियों की होगी जांच
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चंडीगढ़। पंजाब सरकार सस्ता राशन लेने वाले 16 करोड़ लाभार्थियों की जांच करवाने जा रही है। केंद्र की ओर से राज्य के 1.41 करोड़ लोगों के लिए राशन भेजा जा रहा है, लेकिन 1.57 करोड़ लोग लाभ ले रहे हैं। इस तरह 16 करोड़ लोगों में कई अपात्र भी इस योजना का फायदा उठा रहे हैं। सरकार इनका सत्यापन कर रही है, ताकि पात्र लोगों को ही केंद्र की योजना का लाभ मिल सके। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को सस्ती दरों पर गेहूं बांटा जा रहा है। पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि इसके प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पारदर्शिता के नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए गेहूं वितरण का कार्य किया जा रहा है। इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ सेल मशीन का प्रयोग किया जा रहा है, जिसके तहत लाभार्थियों के अंगूठे का निशान लेकर रसीद में बांटी गई मात्रा दर्ज कर ही गेहूं का वितरण किया जाता है। इसके अलावा, जिला कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक राशन डिपो पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत मिलने वाले लाभों को स्पष्ट करें।
कटारुचक ने कहा कि केंद्र सरकार केवल 1.41 करोड़ लाभार्थियों का गेहूं पंजाब भेज रही है, जबकि राज्य में इस समय 1.57 करोड़ लाभार्थी हैं। अतिरिक्त 16 करोड़ लाभार्थियों में से अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत एक सत्यापन अभियान भी शुरू किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरित गेहूं एफसीआई द्वारा केंद्रीय पूल स्टॉक से राज्य सरकार को प्रदान किया जाता है।
गौर हो कि केंद्र सरकार ने खाद्यान्न की कमी को पूरा करने के लिए कोरोना महामारी के दौरान अप्रैल 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत लाभार्थियों यानी अंत्योदय अन्न योजना या प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति लाभार्थी प्रति माह पांच किलोग्राम गेहूं प्रदान किया जा रहा है।
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कटारुचक ने कहा कि केंद्र सरकार केवल 1.41 करोड़ लाभार्थियों का गेहूं पंजाब भेज रही है, जबकि राज्य में इस समय 1.57 करोड़ लाभार्थी हैं। अतिरिक्त 16 करोड़ लाभार्थियों में से अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत एक सत्यापन अभियान भी शुरू किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरित गेहूं एफसीआई द्वारा केंद्रीय पूल स्टॉक से राज्य सरकार को प्रदान किया जाता है।
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गौर हो कि केंद्र सरकार ने खाद्यान्न की कमी को पूरा करने के लिए कोरोना महामारी के दौरान अप्रैल 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत लाभार्थियों यानी अंत्योदय अन्न योजना या प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति लाभार्थी प्रति माह पांच किलोग्राम गेहूं प्रदान किया जा रहा है।
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