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Panchkula News: मानसून की बारिश से सड़कें लबालब, जलभराव के बाद उमस ने बढ़ाई परेशानी
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छह घंटे तक बरसे बादल, कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित; 16 एमएम बारिश रिकॉर्ड, निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मानसून के दौरान मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार तड़के शुरू हुई बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब छह घंटे तक हुई बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। वहीं बारिश रुकने के बाद बढ़ी उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई बारिश साढ़े 11 बजे तक जारी रही। इस दौरान पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में 16 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सेक्टर-15, 20 और 25 की सड़कों पर कई वाहन पानी में फंसते और बंद होते नजर आए।
बारिश का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा। अभिभावकों को बच्चों को स्कूल पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि कई स्थानों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।
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भारत मौसम विभाग, चंडीगढ़ के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस भी बढ़ गई, जिसके कारण दिनभर लोग बेचैनी महसूस करते रहे।
मौसम विभाग के अनुसार सप्ताहभर मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। सुबह और शाम बादल छाए रहने तथा रात या तड़के हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
बारिश के बाद नगर निगम की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठे। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों ने नालों की नियमित सफाई और निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उमस भरे मौसम में लोगों को साफ पानी पीने, स्वच्छता बनाए रखने और डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मानसून के दौरान मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार तड़के शुरू हुई बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब छह घंटे तक हुई बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। वहीं बारिश रुकने के बाद बढ़ी उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई बारिश साढ़े 11 बजे तक जारी रही। इस दौरान पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में 16 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सेक्टर-15, 20 और 25 की सड़कों पर कई वाहन पानी में फंसते और बंद होते नजर आए।
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बारिश का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा। अभिभावकों को बच्चों को स्कूल पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि कई स्थानों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।
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भारत मौसम विभाग, चंडीगढ़ के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस भी बढ़ गई, जिसके कारण दिनभर लोग बेचैनी महसूस करते रहे।
मौसम विभाग के अनुसार सप्ताहभर मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। सुबह और शाम बादल छाए रहने तथा रात या तड़के हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
बारिश के बाद नगर निगम की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठे। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों ने नालों की नियमित सफाई और निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उमस भरे मौसम में लोगों को साफ पानी पीने, स्वच्छता बनाए रखने और डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।