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मानसून पांच दिन दूर, पानी-पानी होंगी व्यवस्थाएं
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पंचकूला। मानसून आने में केवल पांच दिन शेष हैं और जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम की तैयारियां अधूरी हैं। यह निश्चित है कि इस बार भी शहर में जलभराव होगा और निगम की सारी व्यवस्थाएं पानी-पानी हो जाएंगी। हालांकि, निगम प्रशासन का दावा है कि इस बार लोगों को जलभराव की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन, शहरवासियों को जलभराव का सामना इस बार भी करना पड़ेगा। क्योंकि शहर की अधिकांश रोड गलियों की स्थिति दयनीय है। निगम ने दो साल के लिए 70 लाख रुपये में रोड गलियों की सफाई का ठेका दिया हुआ है।
शहर में 25 हजार रोड गलियां हैं। मानसून से पहले सभी रोड गलियों पर नालियों की सफाई कराई जाती है ताकि बारिश के कारण जलभराव की दिक्कत न आए। इसके लिए निगम से वार्डों के हिसाब से रोड गलियों को बांटा हुआ है। 3 से 4 वार्डों की गलियों का ठेका एक फर्म को दिया हुआ है। इस तरह 13 लोगों को शहर की रोड गलियों सफाई की जिम्मेदारी दी है। मगर अभी तक सभी रोड गलियों की सफाई नहीं हो पाई है। सेक्टर-20 और 15 सहित शहर के कई हिस्सों में तो अभी तक कर्मचारी सफाई के लिए पहुंचे ही नहीं हैं।
इन क्षेत्रों में बदतर होते हैं हालात
बारिश के दौरान लगभग पूरे शहर में ही जलभराव की समस्या आती है। मगर कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां पानी की निकासी होना ही महाभारत बन जाता है। इनमें शहर की राजीव कॉलेनी, इंदिरा कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 और 2, सेक्टर-10, अमर टैक्स चौक, सेक्टर-20, सेक्टर-19 और सेक्टर-8 शामिल हैं। 20 जून को हुई बारिश के पानी की निकासी कई जगह से अब तक नहीं हो पाई है।
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130 रोड गलियों पर निगम का फोकस
शहर के अलग-अलग सेक्टर और कॉलोनियों में लगभग 130 रोड गलियां ऐसी हैं, जहां बारिश के बाद जलभराव की दिक्कत ज्यादा रहती है। इसलिए नगर निगम इन रोड गलियों की सफाई पर विशेष जोर दे रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सफाई के लिए निगम के भी 20 कर्मचारी
सड़कों पर पेड़-पौधे ज्यादा होने के कारण उनके पत्तों और बिल्डिंगों के मलबे के कारण रोड गलियों की नालियां ब्लॉक हो जाती हैं। नगर निगम के पास भी 20 सफाई कर्मचारी हैं जो रोड गलियों की सफाई करते हैं। इसके अलावा समय-समय पर नगर-निगम टेंडर जारी कर रोड गलियों की सफाई कराई जाती हैं।
पाइप लाइन से मिली सेक्टर-8 को राहत
सेक्टर-8 में भी जलभराव की समस्या बहुत ज्यादा है। इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने 50 लाख रुपये खर्च कर सेक्टर-8 से सेक्टर 16-17 की डिवाइडिंग रोड की तरफ पाइप लाइन बिछाई है। इससे बारिश के पानी की निकासी हो जाती है।
कोट्स
रोड गलियों की सफाई के लिए ठेका दिया गया है। समय पर सफाई हो रही है। मानसून को लेकर नगर निगम पूरी तरह तैयार है। शहरवासियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- कुलभूषण गोयल, मेयर, नगर निगम
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शहर में 25 हजार रोड गलियां हैं। मानसून से पहले सभी रोड गलियों पर नालियों की सफाई कराई जाती है ताकि बारिश के कारण जलभराव की दिक्कत न आए। इसके लिए निगम से वार्डों के हिसाब से रोड गलियों को बांटा हुआ है। 3 से 4 वार्डों की गलियों का ठेका एक फर्म को दिया हुआ है। इस तरह 13 लोगों को शहर की रोड गलियों सफाई की जिम्मेदारी दी है। मगर अभी तक सभी रोड गलियों की सफाई नहीं हो पाई है। सेक्टर-20 और 15 सहित शहर के कई हिस्सों में तो अभी तक कर्मचारी सफाई के लिए पहुंचे ही नहीं हैं।
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इन क्षेत्रों में बदतर होते हैं हालात
बारिश के दौरान लगभग पूरे शहर में ही जलभराव की समस्या आती है। मगर कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां पानी की निकासी होना ही महाभारत बन जाता है। इनमें शहर की राजीव कॉलेनी, इंदिरा कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 और 2, सेक्टर-10, अमर टैक्स चौक, सेक्टर-20, सेक्टर-19 और सेक्टर-8 शामिल हैं। 20 जून को हुई बारिश के पानी की निकासी कई जगह से अब तक नहीं हो पाई है।
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130 रोड गलियों पर निगम का फोकस
शहर के अलग-अलग सेक्टर और कॉलोनियों में लगभग 130 रोड गलियां ऐसी हैं, जहां बारिश के बाद जलभराव की दिक्कत ज्यादा रहती है। इसलिए नगर निगम इन रोड गलियों की सफाई पर विशेष जोर दे रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सफाई के लिए निगम के भी 20 कर्मचारी
सड़कों पर पेड़-पौधे ज्यादा होने के कारण उनके पत्तों और बिल्डिंगों के मलबे के कारण रोड गलियों की नालियां ब्लॉक हो जाती हैं। नगर निगम के पास भी 20 सफाई कर्मचारी हैं जो रोड गलियों की सफाई करते हैं। इसके अलावा समय-समय पर नगर-निगम टेंडर जारी कर रोड गलियों की सफाई कराई जाती हैं।
पाइप लाइन से मिली सेक्टर-8 को राहत
सेक्टर-8 में भी जलभराव की समस्या बहुत ज्यादा है। इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने 50 लाख रुपये खर्च कर सेक्टर-8 से सेक्टर 16-17 की डिवाइडिंग रोड की तरफ पाइप लाइन बिछाई है। इससे बारिश के पानी की निकासी हो जाती है।
कोट्स
रोड गलियों की सफाई के लिए ठेका दिया गया है। समय पर सफाई हो रही है। मानसून को लेकर नगर निगम पूरी तरह तैयार है। शहरवासियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- कुलभूषण गोयल, मेयर, नगर निगम