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भिवानी डाडम हादसा : विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को घेरा, खनन मंत्री ने दिए जांच के आदेश
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चंडीगढ़। भिवानी के डाडम माइनिंग जोन में हुए भयानक हादसे को लेकर विपक्षी दलों ने जहां मृतकों के लिए शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। वहीं अवैध खनन को लेकर सरकार पर हमला बोला है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में अवैध खनन चल रहा है। न तो यहां पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हैं और न ही विभाग द्वारा कोई जांच की जाती है। इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उधर, हरियाणा के खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। शर्मा का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डाडम मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। हुड्डा ने कहा कि क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन किया जा रहा है। यह अपने आप में हजारों करोड़ रुपये का घोटाला है और इसकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। कोर्ट भी माइनिंग पर गंभीर टिप्पणी कर चुकी है, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं है। हुड्डा ने आरोप लगाया कि अगर सरकार का संरक्षण नहीं है तो फिर जांच से क्यों भाग रही है सरकार।
कराएंगे जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई : मूलचंद शर्मा
इस मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी इसके लिए दोषी होगा, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। हमारी प्राथमिकता सबसे पहले मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने की है। इसके लिए प्रदेश सरकार तमाम प्रयास कर रही है।
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विधानसभा में कई बार उठाया मुद्दा, पर दबा दिया : किरण चौधरी
पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने तोशाम के डाडम में हुए हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि खनन का मामला कई बार विधानसभा में उठाया है, लेकिन सरकार ने इसे अनदेखा कर दिया। इस लापरवाही के पीछे खनन माफिया जिम्मेदार है, उनके खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए।
लूट में किस किसका हिस्सा और मौत का जिम्मेदार कौन : सुरजेवाला
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने डाडम मामले को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। सुरजेवाला ने पूछा है कि आखिरकार कौन सफेदपोश है जो खानों को लूट रहा है और कौन कौैन इस धंधे में हिस्सेदार हैं। और इन मौतों के लिए जिम्मेदार कौन लोग हैं। सुरजेवाला ने इसे एक रैकेट करार देते हुए कहा आखिर रोक के बावजूद खनन कैसे जारी है।
विस्तृत जांच होनी चाहिए : कूंडू
महम विधायक बलराज कुंडू ने भिवानी के डाडम माइनिंग जोन में हुए हादसे पर मृतकों के परिवारजनों से शोक संवेदनाएं की। हादसे की विस्तृत जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही जितना जल्दी हो सके घायलों को बाहर निकालकर सरकार उनका बेहतर इलाज कराए।
सैलजा, अभय ने जताया दुख, उच्च स्तरीय जांच की मांग
भिवानी के डाडम खनन क्षेत्र में पहाड़ दरकने से हुए हादसे पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष ने इस पर गहरा दुख जताते हुए हादसे के लिए गठबंधन सरकार को जिम्मेदार ठहराकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि यह घटना मन को व्यथित करने वाली है। इससे वह आहत हैं। इसकी जिम्मेदार सरकार है। नए साल पर यह दुर्घटना बेहद दुखदायी है। जिन्होंने भी अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार की लापरवाही के कारण कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी और कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस दुखद घड़ी में प्रशासन की हरसंभव मदद करें। शीघ्र इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा दिया जाए। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि मृतकों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। इन सभी के परिजनों को ईश्वर संबल प्रदान करें। ईश्वर से प्रार्थना है कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए व्यक्ति अतिशीघ्र स्वस्थ हों। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवारों को सरकार उचित मुआवजा दे।
यह है माइंस सेफ्टी का नियम
माइंस सेफ्टी के नियम के तहत विभाग के अधिकारी समय-समय पर सुरक्षा मानकों के संबंध में खनन पट्टों का निरीक्षण करते हैं। इसमें कमी पाए जाने पर खान अधिनियम 1961 माइनिंग रूल 1955 के सेक्सन 22ए-1 के तहत नोटिस करते हैं। तीन माह के अंदर इसमें सुधार नहीं होने पर माइनिंग रूल 1955 के सेक्सन 22ए-3 के तहत वहां खनन कार्य बंद करने का आदेश निर्गत किया जाता है। वैसे नियमानुसार जिला खनन कार्यालय से किसी भी तरह का माइनिंग लीज स्वीकृत होने के बाद नियमानुसार निदेशक माइंस सेफ्टी को इसकी सूचना दी जाती है। वहीं लीजधारी के द्वारा भी लीज ग्रांट होने से संबंधित किसी तरह की सूचना नहीं दी जाती है। विभाग की ठेकेदारों से मिलीभगत के चलते ही खनन क्षेत्रों में लापरवाही बरती जाती है।
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मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डाडम मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। हुड्डा ने कहा कि क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन किया जा रहा है। यह अपने आप में हजारों करोड़ रुपये का घोटाला है और इसकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। कोर्ट भी माइनिंग पर गंभीर टिप्पणी कर चुकी है, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं है। हुड्डा ने आरोप लगाया कि अगर सरकार का संरक्षण नहीं है तो फिर जांच से क्यों भाग रही है सरकार।
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कराएंगे जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई : मूलचंद शर्मा
इस मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी इसके लिए दोषी होगा, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। हमारी प्राथमिकता सबसे पहले मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने की है। इसके लिए प्रदेश सरकार तमाम प्रयास कर रही है।
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विधानसभा में कई बार उठाया मुद्दा, पर दबा दिया : किरण चौधरी
पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने तोशाम के डाडम में हुए हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि खनन का मामला कई बार विधानसभा में उठाया है, लेकिन सरकार ने इसे अनदेखा कर दिया। इस लापरवाही के पीछे खनन माफिया जिम्मेदार है, उनके खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए।
लूट में किस किसका हिस्सा और मौत का जिम्मेदार कौन : सुरजेवाला
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने डाडम मामले को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। सुरजेवाला ने पूछा है कि आखिरकार कौन सफेदपोश है जो खानों को लूट रहा है और कौन कौैन इस धंधे में हिस्सेदार हैं। और इन मौतों के लिए जिम्मेदार कौन लोग हैं। सुरजेवाला ने इसे एक रैकेट करार देते हुए कहा आखिर रोक के बावजूद खनन कैसे जारी है।
विस्तृत जांच होनी चाहिए : कूंडू
महम विधायक बलराज कुंडू ने भिवानी के डाडम माइनिंग जोन में हुए हादसे पर मृतकों के परिवारजनों से शोक संवेदनाएं की। हादसे की विस्तृत जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही जितना जल्दी हो सके घायलों को बाहर निकालकर सरकार उनका बेहतर इलाज कराए।
सैलजा, अभय ने जताया दुख, उच्च स्तरीय जांच की मांग
भिवानी के डाडम खनन क्षेत्र में पहाड़ दरकने से हुए हादसे पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष ने इस पर गहरा दुख जताते हुए हादसे के लिए गठबंधन सरकार को जिम्मेदार ठहराकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि यह घटना मन को व्यथित करने वाली है। इससे वह आहत हैं। इसकी जिम्मेदार सरकार है। नए साल पर यह दुर्घटना बेहद दुखदायी है। जिन्होंने भी अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार की लापरवाही के कारण कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी और कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस दुखद घड़ी में प्रशासन की हरसंभव मदद करें। शीघ्र इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा दिया जाए। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि मृतकों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। इन सभी के परिजनों को ईश्वर संबल प्रदान करें। ईश्वर से प्रार्थना है कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए व्यक्ति अतिशीघ्र स्वस्थ हों। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवारों को सरकार उचित मुआवजा दे।
यह है माइंस सेफ्टी का नियम
माइंस सेफ्टी के नियम के तहत विभाग के अधिकारी समय-समय पर सुरक्षा मानकों के संबंध में खनन पट्टों का निरीक्षण करते हैं। इसमें कमी पाए जाने पर खान अधिनियम 1961 माइनिंग रूल 1955 के सेक्सन 22ए-1 के तहत नोटिस करते हैं। तीन माह के अंदर इसमें सुधार नहीं होने पर माइनिंग रूल 1955 के सेक्सन 22ए-3 के तहत वहां खनन कार्य बंद करने का आदेश निर्गत किया जाता है। वैसे नियमानुसार जिला खनन कार्यालय से किसी भी तरह का माइनिंग लीज स्वीकृत होने के बाद नियमानुसार निदेशक माइंस सेफ्टी को इसकी सूचना दी जाती है। वहीं लीजधारी के द्वारा भी लीज ग्रांट होने से संबंधित किसी तरह की सूचना नहीं दी जाती है। विभाग की ठेकेदारों से मिलीभगत के चलते ही खनन क्षेत्रों में लापरवाही बरती जाती है।