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Panchkula News: सिविल जज की परीक्षा में मर्सी चांस की मांग
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चंडीगढ़। पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) के अधीन सिविल जज की प्री-लिम परीक्षा से वंचित रह गए विद्यार्थियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री से एक मर्सी चांस देने की गुहार लगाई है। इन विद्यार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एपी सिंह की उपस्थिति में मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
गौरतलब है कि इस साल जनवरी में पीपीएससी की सिविल जज की प्री-लिम परीक्षा में 30000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जबकि करीब 10000 विद्यार्थी पीपीएससी की वेबसाइट में 5-10 अक्टूबर, 2022 के बीच तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण अपने फॉर्म या फीस नहीं भर सके। इसी अवधि के दौरान पीपीएससी में मुलाजिमों की हड़ताल के चलते विद्यार्थी फिजीकल तौर पर भी कार्यालय पहुंचकर फार्म व फीस नहीं जमा करा सके थे।
इस तरह परीक्षा से वंचित रहे विद्यार्थियों के साथ पहुंचे एडवोकेट एपी सिंह से मंगलवार को बताया कि इन 10 हजार विद्यार्थियों में से करीब एक हजार विद्यार्थी ओवर-एज हो गए हैं और उनका जज बनने का सपना भी अब सपना ही रह जाएगा। इसे देखते हुए उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से इन विद्यार्थियों को परीक्षा में मर्सी चांस देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पीपीएससी की अक्तूबर माह में हुई हड़ताल को गैरकानूनी घोषित कर दिया था। ऐसे में उन्हें विद्यार्थियों को हुई समस्या का निदान भी करना चाहिए।
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गौरतलब है कि इस साल जनवरी में पीपीएससी की सिविल जज की प्री-लिम परीक्षा में 30000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जबकि करीब 10000 विद्यार्थी पीपीएससी की वेबसाइट में 5-10 अक्टूबर, 2022 के बीच तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण अपने फॉर्म या फीस नहीं भर सके। इसी अवधि के दौरान पीपीएससी में मुलाजिमों की हड़ताल के चलते विद्यार्थी फिजीकल तौर पर भी कार्यालय पहुंचकर फार्म व फीस नहीं जमा करा सके थे।
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इस तरह परीक्षा से वंचित रहे विद्यार्थियों के साथ पहुंचे एडवोकेट एपी सिंह से मंगलवार को बताया कि इन 10 हजार विद्यार्थियों में से करीब एक हजार विद्यार्थी ओवर-एज हो गए हैं और उनका जज बनने का सपना भी अब सपना ही रह जाएगा। इसे देखते हुए उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से इन विद्यार्थियों को परीक्षा में मर्सी चांस देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पीपीएससी की अक्तूबर माह में हुई हड़ताल को गैरकानूनी घोषित कर दिया था। ऐसे में उन्हें विद्यार्थियों को हुई समस्या का निदान भी करना चाहिए।
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