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Panchkula News: महापौर ने मास्टिक एस्फाल्ट लगाने वाली कंपनी को किया ब्लैकलिस्ट
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के दो चौकों पर मास्टिक एस्फाल्ट का प्रयोग विफल होने के बाद महापौर कुलभूषण गोयल ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए हैं। वित्त एवं अनुबंध समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में यह आदेश दिए गए हैं। बैठक में मास्टिक एस्फाल्ट का मुद्दा उठा। इस पर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर को इसका कोई लाभ नहीं हुआ है। महापौर कुलभूषण गोयल ने कहा कि शहर के दो चौक पर मास्टिक एस्फाल्ट का कार्य करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाए। इस कंपनी ने सेक्टर-10, 11 और सेक्टर-12ए और 14 चौक पर मास्टिक एस्फाल्ट का कार्य किया था।
इसकी समय सीमा करीब पांच वर्ष थी, लेकिन एक वर्ष में ही सड़क पर लगाया मास्टिक एस्फाल्ट उखड़ने लग गया है। दावा किया गया था कि मास्टिक एस्फाल्ट तकनीक बड़े-बड़े शहरों में इस्तेमाल की जाती है। इसकी लाइफ भी अच्छी होती है। इससे सड़क पर गड्ढे भी नहीं बनते हैं। अभी तक इसका प्रयोग पुलों पर किया जाता था। पुलों पर वाहन चालक रुक-रुककर चलते हैं, इससे सड़क जल्दी खराब होती है। पुलों पर चढ़ते और उतरते समय जलभराव होने से सड़कें जल्दी खराब होती हैं।
इन दो चौकों पर इस तकनीक का प्रयोग कर सड़क बनाई गई थी, लेकिन महापौर ने संज्ञान लेकर मनोज कुमार कांट्रेक्टर कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा बैठक में दिव्या नगर लाइट प्रोजेक्ट के अंतर्गत सीएमएस पैनल डीजीएसडी के अंतर्गत 9 करोड़ 90 लाख रुपये से बढ़ाकर 11 करोड़ 92 लाख रुपये करने के लिए मुख्यालय को भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में गांव अभयपुर वार्ड नंबर 9 में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए दो करोड़ 275000 रुपए को मंजूरी दी गई। वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक में आयुक्त सचिन गुप्ता, पार्षद सुनीत सिंगला, गुरमेल कौर उपस्थित थे।
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क्या है मास्टिक एस्फाल्ट
मास्टिक एस्फाल्ट लेयर का प्रयोग पुल के ऊपर बनने वाली सड़क पर किया जाता है। इस लेयर में छोटे-छोटे दाने होते हैं जो सड़क को टूटने नहीं देते। ये सड़कों को वाटरप्रूफ भी बनाती हैं। इसकी लेयर अन्य सड़कों की अपेक्षा मोटी होती है। अच्छी तकनीक और सड़कों की लाइफ अधिक होने के कारण नगर निगम भी इस नई तकनीक को अपना रहा है।
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पंचकूला। शहर के दो चौकों पर मास्टिक एस्फाल्ट का प्रयोग विफल होने के बाद महापौर कुलभूषण गोयल ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए हैं। वित्त एवं अनुबंध समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में यह आदेश दिए गए हैं। बैठक में मास्टिक एस्फाल्ट का मुद्दा उठा। इस पर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर को इसका कोई लाभ नहीं हुआ है। महापौर कुलभूषण गोयल ने कहा कि शहर के दो चौक पर मास्टिक एस्फाल्ट का कार्य करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाए। इस कंपनी ने सेक्टर-10, 11 और सेक्टर-12ए और 14 चौक पर मास्टिक एस्फाल्ट का कार्य किया था।
इसकी समय सीमा करीब पांच वर्ष थी, लेकिन एक वर्ष में ही सड़क पर लगाया मास्टिक एस्फाल्ट उखड़ने लग गया है। दावा किया गया था कि मास्टिक एस्फाल्ट तकनीक बड़े-बड़े शहरों में इस्तेमाल की जाती है। इसकी लाइफ भी अच्छी होती है। इससे सड़क पर गड्ढे भी नहीं बनते हैं। अभी तक इसका प्रयोग पुलों पर किया जाता था। पुलों पर वाहन चालक रुक-रुककर चलते हैं, इससे सड़क जल्दी खराब होती है। पुलों पर चढ़ते और उतरते समय जलभराव होने से सड़कें जल्दी खराब होती हैं।
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इन दो चौकों पर इस तकनीक का प्रयोग कर सड़क बनाई गई थी, लेकिन महापौर ने संज्ञान लेकर मनोज कुमार कांट्रेक्टर कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा बैठक में दिव्या नगर लाइट प्रोजेक्ट के अंतर्गत सीएमएस पैनल डीजीएसडी के अंतर्गत 9 करोड़ 90 लाख रुपये से बढ़ाकर 11 करोड़ 92 लाख रुपये करने के लिए मुख्यालय को भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में गांव अभयपुर वार्ड नंबर 9 में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए दो करोड़ 275000 रुपए को मंजूरी दी गई। वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक में आयुक्त सचिन गुप्ता, पार्षद सुनीत सिंगला, गुरमेल कौर उपस्थित थे।
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क्या है मास्टिक एस्फाल्ट
मास्टिक एस्फाल्ट लेयर का प्रयोग पुल के ऊपर बनने वाली सड़क पर किया जाता है। इस लेयर में छोटे-छोटे दाने होते हैं जो सड़क को टूटने नहीं देते। ये सड़कों को वाटरप्रूफ भी बनाती हैं। इसकी लेयर अन्य सड़कों की अपेक्षा मोटी होती है। अच्छी तकनीक और सड़कों की लाइफ अधिक होने के कारण नगर निगम भी इस नई तकनीक को अपना रहा है।