{"_id":"5f28331f8ebc3e74a76e292b","slug":"master-plan-prepared-to-prevent-crop-failure-in-mandis-panchkula-news-pkl3835232171","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडियों में फसल को खराब होने से बचाने के लिए हरियाणा सरकार का मास्टर प्लान तैयार, जानिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडियों में फसल को खराब होने से बचाने के लिए हरियाणा सरकार का मास्टर प्लान तैयार, जानिए
Tue, 04 Aug 2020 11:16 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2020 11:16 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार ने मंडियों में फसल खरीद के उचित प्रबंध कर लिए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का जिम्मा संभाल रहे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने फसल खरीद, बारदाने व लोडिंग-अनलोडिंग को लेकर मास्टर प्लान तैयार किया है। वह हाल ही में खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग व हरियाणा राज्य कृषि एवं विपणन बोर्ड के अधिकारियों की बैठक लेकर धान एवं बाजरा खरीद की तैयारियों की समीक्षा भी कर चुके हैं।
दुष्यंत ने बताया कि सीजन के समय फसलों की अधिक आवक के कारण कई बार मंडियों में नमीयुक्त फसलों को सुखाने, तोल व उठान करने में काफी समय लग जाता है। इस कारण किसान को अपनी फसल बेचने व आढ़ती को उठान करवाने में परेशानी होती है। धान, गेहूं, सरसों, मक्का आदि फसल की सफाई, ग्रेडिंग, छंटाई व बैग सिलाई, बैग उठाने में मजदूरों की कमी होने की भी आम शिकायत है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अक्टूबर में धान की खरीद के समय तक अगर कोरोना का प्रकोप रहता है तो इससे मजदूरों की कमी हो सकती है। इसे देखते हुए सरकार ने मंडियों में मशीनों से फसल की सफाई, लोडिंग व बैग सिलाई करने का निर्णय लिया है ताकि किसानों व आढ़तियों को नुकसान से बचाया जा सके। सरकार की कोशिश है कि फसल के मंडी में पहुंचने से लेकर खरीद होने के बाद उठान होने तक सारी प्रक्रिया दक्षता व त्वरित गति से हो।
विज्ञापन
प्रत्येक मंडी में 2 से लेकर 5 तक ई-लोडर, बैग स्टैकर लगाए जाएंगे। ये कन्वेयर बेल्ट सिस्टम की मदद से बैग के तेज और कुशल लोडिंग, अनलोडिंग और स्टैकिंग में मदद करेंगे। इन मशीनों की पूरी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए बैग की सिलाई करने वाली मशीन और इलेक्ट्रॉनिक ढंग से वजन करने वाली तराजू को भी आपस में जोड़ा जाएगा। ये मशीनें 12 फीट की ऊंचाई तक बैगों के स्टैकिंग बनाने में मदद करेंगी।
ये मशीन 2-3 बैग प्रति मिनट की दर से ट्रकों में बैग को लोड-अनलोड कर सकती हैं। मशीनों की मदद से मजदूरों पर 75 प्रतिशतता निर्भरता कम हो जाएगी। शुरू में ये ई-लोडर, बैग स्टैकर 81 मंडियों में स्थापित किए जाएंगे, बाद में जरूरत अनुसार ये सभी मंडियों में लगाए जा सकते हैं।
विज्ञापन
दुष्यंत ने बताया कि सीजन के समय फसलों की अधिक आवक के कारण कई बार मंडियों में नमीयुक्त फसलों को सुखाने, तोल व उठान करने में काफी समय लग जाता है। इस कारण किसान को अपनी फसल बेचने व आढ़ती को उठान करवाने में परेशानी होती है। धान, गेहूं, सरसों, मक्का आदि फसल की सफाई, ग्रेडिंग, छंटाई व बैग सिलाई, बैग उठाने में मजदूरों की कमी होने की भी आम शिकायत है।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अक्टूबर में धान की खरीद के समय तक अगर कोरोना का प्रकोप रहता है तो इससे मजदूरों की कमी हो सकती है। इसे देखते हुए सरकार ने मंडियों में मशीनों से फसल की सफाई, लोडिंग व बैग सिलाई करने का निर्णय लिया है ताकि किसानों व आढ़तियों को नुकसान से बचाया जा सके। सरकार की कोशिश है कि फसल के मंडी में पहुंचने से लेकर खरीद होने के बाद उठान होने तक सारी प्रक्रिया दक्षता व त्वरित गति से हो।
विज्ञापन
प्रत्येक मंडी में 2 से लेकर 5 तक ई-लोडर, बैग स्टैकर लगाए जाएंगे। ये कन्वेयर बेल्ट सिस्टम की मदद से बैग के तेज और कुशल लोडिंग, अनलोडिंग और स्टैकिंग में मदद करेंगे। इन मशीनों की पूरी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए बैग की सिलाई करने वाली मशीन और इलेक्ट्रॉनिक ढंग से वजन करने वाली तराजू को भी आपस में जोड़ा जाएगा। ये मशीनें 12 फीट की ऊंचाई तक बैगों के स्टैकिंग बनाने में मदद करेंगी।
ये मशीन 2-3 बैग प्रति मिनट की दर से ट्रकों में बैग को लोड-अनलोड कर सकती हैं। मशीनों की मदद से मजदूरों पर 75 प्रतिशतता निर्भरता कम हो जाएगी। शुरू में ये ई-लोडर, बैग स्टैकर 81 मंडियों में स्थापित किए जाएंगे, बाद में जरूरत अनुसार ये सभी मंडियों में लगाए जा सकते हैं।