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Panchkula News: पॉली हाउस खेती से 14 लाख तक का मुनाफा कमा रहा लुधियाना का किसान
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत बागवानी विभाग राज्य में फसली विविधता को प्रोत्साहित करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। जिला लुधियाना के गांव सराभा का किसान हरबीर सिंह पॉली हाउस खेती से 12 से 14 लाख रुपये तक का औसत मुनाफा कमा रहा है।
वह अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुका है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद हरबीर ने नौकरी के बजाय खेती को मुख्य व्यवसाय चुना और पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर नए मानदंड स्थापित किए।
किसान हरबीर का कहना है कि बागवानी विभाग की ओर से उसे पॉली हाउस खेती से संबंधित पूरी जानकारी दी गई। वह पॉली हाउस के तहत बीज रहित खीरा, रंगीन शिमला मिर्च, खरबूजे, आलू और मेथी की खेती कर 12 से 14 लाख तक का औसत मुनाफा कमा रहा है। वर्ष 2014 में पारंपरिक ढंग से सब्जियों की खेती में बदलाव करते हुए उसने करतारपुर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सब्जियां) से प्रशिक्षण प्राप्त किया। साथ ही बागवानी विभाग के अधीन चल रही योजना राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत सब्सिडी लेकर पॉली हाउस लगाया। खेती के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए वह समय-समय पर बागवानी विभाग के अधिकारियों से संपर्क करता रहा।
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चंडीगढ़। बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत बागवानी विभाग राज्य में फसली विविधता को प्रोत्साहित करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। जिला लुधियाना के गांव सराभा का किसान हरबीर सिंह पॉली हाउस खेती से 12 से 14 लाख रुपये तक का औसत मुनाफा कमा रहा है।
वह अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुका है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद हरबीर ने नौकरी के बजाय खेती को मुख्य व्यवसाय चुना और पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर नए मानदंड स्थापित किए।
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किसान हरबीर का कहना है कि बागवानी विभाग की ओर से उसे पॉली हाउस खेती से संबंधित पूरी जानकारी दी गई। वह पॉली हाउस के तहत बीज रहित खीरा, रंगीन शिमला मिर्च, खरबूजे, आलू और मेथी की खेती कर 12 से 14 लाख तक का औसत मुनाफा कमा रहा है। वर्ष 2014 में पारंपरिक ढंग से सब्जियों की खेती में बदलाव करते हुए उसने करतारपुर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सब्जियां) से प्रशिक्षण प्राप्त किया। साथ ही बागवानी विभाग के अधीन चल रही योजना राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत सब्सिडी लेकर पॉली हाउस लगाया। खेती के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए वह समय-समय पर बागवानी विभाग के अधिकारियों से संपर्क करता रहा।
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