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Panchkula News: भागवत लीलाओं को संसार की नहीं, भागवत दृष्टि से देखिए-जया किशोरी

Sun, 01 Dec 2024 12:48 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Dec 2024 12:48 AM IST
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Look at Bhagwat's pastimes not from the world's perspective but from a Bhagwat's point of view - Jaya Kishori
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। श्री माता मनसा देवी सेवा ट्रस्ट की ओर से दशहरा ग्राउंड सेक्टर-5 पंचकूला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को कंसवध, रासलीला, गोप उद्धव संवाद, श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह की लीलाएं सुनाई गई। कथावाचक जया किशोरी ने लीला प्रसंगों के साथ-साथ मधुर भजन सुनाकर लोगों को खूब नचाया।
इस अवसर पर माता मनसा देवी सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन संदीप गुप्ता, प्रधान सचिन गोयल महासचिव रमन सिंगला, मीडिया सलाहकार कुलदीप गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने आए हुए अतिथियों का सम्मान किया।
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जया किशोरी ने कहा कि गोपियां ऋषि-मुनि है। बड़े-बड़े ऋषि मुनियों ने वर्षों तपस्या की तो भगवान ने उन्हें कहा था मैं आपको सिर्फ दर्शन मात्र में नहीं मिलूंगा, सशरीर साथ में लीलाएं करूंगा। वही सब ऋषि-मुनि गोपियों के रूप में आए थे, ताकि भगवान इस प्रकार उनसे मिल सकें। उसके बाद भी भगवान को पता था हमारी (इंसान) बुद्धि तो ऐसी है कि कई बार यदि आपको कोई बात समझ नहीं आ रही है, वह गलती सामने वाले की निकालेगा। वेदव्यास जी जो बात कहने की कोशिश कर रहे हैं, एक बार में समझ जाएंगे क्या? वाल्मीकि प्रभु कोई बात कहने की कोई कोशिश कर रहे हैं तो एक बार में समझ सकते क्या? लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यदि आप नहीं समझे, तो वह गलत हो गए।
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एक छोटा बच्चा जिस प्रकार बड़ी कक्षा की पढ़ाई नहीं समझ सकता, उसी प्रकार हमारे और ज्ञानियों के बीच यही अंतर है। हम समझ नहीं सकते, वह बहुत ऊंची पढ़ाई है। इसका एक तरीका है भागवत लीलाओं को संसार की दृष्टि से मत देखिए, भागवत लीलाओं को हमेशा भागवत दृष्टि से देखिए। याद रखें कि वह भगवान है, कोई भी लीला हो रही है, तो यह याद रखें कि यह भगवान कर रहे हैं।
भगवान को पता था कि हमारी बुद्धि में यह बात नहीं आने वाली इसलिए भगवान ने एक और लीला की। एक बार श्री कृष्ण रास करने जा रहे थे, तो वहां पर कामदेव आते हैं। कामदेव ने भगवान श्री कृष्ण को कहा कि मुझे आपके साथ युद्ध करना है। युद्ध मतलब कामदेव परिस्थितियां पैदा करेंगे कि युद्ध करना पड़ जाए। अगर भगवान काम में पड़ गए, तो कामदेव जीत गया और अगर भगवान काम में नहीं पड़े तो भगवान जीत गए। इस पर भगवान ने उससे कहा कि महादेव जी ने तुम्हें भस्म किया था भूल गए क्या? कामदेव ने कहा कि वह तो मेरी गलती है, मैं ऐसे के पास गया जो हर वक्त समाधि में बैठे हैं। तो कृष्ण ने कहा कि अब आप क्या चाहते हो, तो कामदेव ने कहा कि आज तो हर चीज मेरे हिसाब से है। एक तो शरद पूर्णिमा की रात है, ऊपर से सुंदर-सुंदर गोपियों का साथ है। भगवान ने बिना काम के प्रभाव में पड़े गोपियों के साथ रासलीला रचाकर कामदेव को पराजित कर दिया।

इस अवसर पर चेयरमैन संदीप गुप्ता, प्रधान सचिन गोयल, महासचिव रमन सिंगला, वाइस चेयरमैन हरीश गर्ग, वरिष्ठ उपप्रधान विवेक गुप्ता, उपप्रधान योगेश मित्तल, संयुक्त सचिव तरुण गर्ग, कानूनी सलाहकार संदीप गोयल, सचिव राजीव गुप्ता, वित्त सचिव अजय बंसल, मीडिया सलाहकार कुलदीप गुप्ता, ट्रस्टी आशीष मित्तल, अजय गर्ग, आशीष गुप्ता, दिनेश आनंद, जगमोहन गर्ग, जनिश मित्तल, कपीश गोयल, एलएन माहेश्वरी, प्रदीप गोयल, मनोज लाहौरीवाला, मुकेश गर्ग, नीरज गुप्ता, निखिल गुप्ता, ओपी गुप्ता, पवन गोयल, परविंदर ढींगरा, प्रमोद गोयल, राजेश जिंदल, राकेश अग्रवाल, रवि गोयल, ऋषभ ऋषि, सतपाल गर्ग, संदीप सिंगला, संजय मित्तल, संजीव गोयल, संदीप गर्ग, विपुल मित्तल, विशाल केडिया सहित अन्य उपस्थित रहे।
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