फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lockdown reduces temperature, monsoon alert for chandigarh, weather forecast

अलर्टः चंडीगढ़ में मानसून की तारीखों में हुआ बदलाव, अभी जारी रहेगी धूप और बारिश की लुकाछिपी

Wed, 06 May 2020 11:44 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 06 May 2020 11:44 AM IST
विज्ञापन
Lockdown reduces temperature, monsoon alert for chandigarh, weather forecast
सांकेतिक तस्वीर
मौसम विज्ञानी सुरेंद्र पाल ने बताया कि साल 1960 से लेकर 2019 की मानसून प्रणालियों का अध्ययन करने के बाद देखा गया है कि मानसून तय समय से जल्दी आ रहा है और विदाई भी देरी से होती है। चंडीगढ़ में मानसून आगमन की तारीख पहले 30 जून तय थी, जो अब 27 जून तय कर दी गई है, जबकि विदाई 15 सितंबर के बजाय 22 सितंबर तय की गई है। इसका मतलब है कि चंडीगढ़ में मानसून जल्दी आएगा और देरी से जाएगा।
विज्ञापन


अभी जारी रहेगी धूप और बारिश की लुकाछिपी
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ मई के दूसरे हफ्ते तक आते रहेंगे। बुधवार को भी बादल छा सकते हैं। बारिश की भी संभावना है। उसके बाद 9 और 10 मई को भी एक पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जो तेज हवाओं के साथ बारिश भी लाएगा। आठ मई को तापमान बढ़ेगा। नौ और 10 मई को गिरावट दर्ज की जाएगी। उसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस बार मानसून सामान्य रहने वाला है। इसका असर चंडीगढ़ में भी देखने को मिला। जुलाई व अगस्त के महीने में अच्छी खासी बारिश होने की संभावना लग रही है।
विज्ञापन

लॉकडाउन ने कम किया तापमान, झुलसाने वाली गर्मी से अभी राहत

बीते कई साल में अप्रैल-मई की गर्मी से हर कोई परेशान रहता था। आसमान से बरसने वाली आग झुलसा देती थी। इस साल ऐसा महसूस नहीं किया जा रहा। मई का पहला सप्ताह खत्म होने को है, लेकिन तापमान अब भी सामान्य से नीचे हैं। पांच मई को दिन का अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम था। आखिर इस साल तापमान कम क्यों रिकार्ड किए जा रहे हैं। चंडीगढ़ मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि इसका एक कारण लॉकडाउन भी हो सकता है।

लॉकडाउन की वजह से प्रदूषण के कण नहीं हैं। आमतौर पर नमी और प्रदूषण के कण मिलकर एक लेयर बना देते हैं, जो जमीन की तपिश को ऊपर नहीं जाने देते। इससे गर्मी और उमस बनती है, जो फिलहाल अब तक देखने को नहीं मिली है। पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एनवायरनमेंट हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर रविंद्रा खैवाल ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से पिछले डेढ़ महीने से पूरे देश में मानव जनित (एंथ्रोप्रोजेनिक) व गाड़ियों की गतिविधियां बंद हैं। जब गाड़ियां चलती हैं तो वायु प्रदूषण के साथ गर्मी उत्पन्न करते हैं। एसी चलने से भी वातावरण में ऊष्मा बढ़ती है, जो फिलहाल न के बराबर है। इन वजहों से तापमान कम दर्ज किए जा रहे हैं।

मौसम विज्ञानी सुरेंद्र पाल का कहना है कि इस संबंध में एक शोध की आवश्यकता है, जो बताएगा कि लॉकडाउन की वजह से तापमान में कितनी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि साल 2014-15 के बाद से तापमान में इस तरह के बदलाव देखे जा रहे हैं। अप्रैल के महीने में पांच साल बाद इतनी बारिश देखने को मिली। मई के दूसरे हफ्ते तक आंधी, बारिश की संभावना बनी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed