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धान का रकबा बढ़ा, सरकार फसल विविधीकरण लागू करने में असफल : बाजवा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। धान की खेती के रकबे में लगातार विस्तार होने पर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सवाल उठाए है। बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान फसल विविधीकरण को लागू करने में असफल रही है, जबकि सरकार ने इसे लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे।
उन्होंने कहा कि अब तक पंजाब में धान की खेती 22.47 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि के दौरान 18.09 लाख हेक्टेयर से अधिक है। उन्होंने कहा कि संगरूर, पटियाला और मुक्तसर में रिकाॅर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। मार्च 2022 में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सूबे में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया था।
मई 2022 में उनकी सरकार ने मक्का, दलहन और बाजरा जैसी वैकल्पिक फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने की घोषणा की। सरकार की घोषणा के बाद किसानों ने फसलों की खेती शुरू की, लेकिन उनको निराशा का सामना करना पड़ा। सरकार ने एमएसपी पर खरीद नहीं की, जिस कारण किसानों को मजबूरन अपनी फसल कम कीमत पर निजी हाथों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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चंडीगढ़। धान की खेती के रकबे में लगातार विस्तार होने पर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सवाल उठाए है। बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान फसल विविधीकरण को लागू करने में असफल रही है, जबकि सरकार ने इसे लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे।
उन्होंने कहा कि अब तक पंजाब में धान की खेती 22.47 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि के दौरान 18.09 लाख हेक्टेयर से अधिक है। उन्होंने कहा कि संगरूर, पटियाला और मुक्तसर में रिकाॅर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। मार्च 2022 में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सूबे में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया था।
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मई 2022 में उनकी सरकार ने मक्का, दलहन और बाजरा जैसी वैकल्पिक फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने की घोषणा की। सरकार की घोषणा के बाद किसानों ने फसलों की खेती शुरू की, लेकिन उनको निराशा का सामना करना पड़ा। सरकार ने एमएसपी पर खरीद नहीं की, जिस कारण किसानों को मजबूरन अपनी फसल कम कीमत पर निजी हाथों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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