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यदि पार्षद जिम्मेदारी से अपना काम करते तो मुझे फोन नहीं आते- किरण खेर

Tue, 17 Sep 2019 02:12 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2019 02:12 AM IST
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kirron Chandigarh
M C ki meeting me mayor rajesh kaliya se baat karte huve M.P. kirron kher
चंडीगढ़। सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि हम विकास की बात करते हैं और शहर के स्ट्रीट लाइटों की यह स्थिति है कि दिन में जलतीं हैं और रात में बंद रहतीं हैं। इस पर सांसद किरण खेर ने कहा कि बबला बिल्कुल सही कर रहे हैं। मेरे सेक्टर में भी यही हाल है। सच बात तो यह है कि हमारे पार्षद जिम्मेदारी से काम करते तो मेरे पास समस्याओं को लेकर फोन नहीं आते। हालात यह हैं कि गंदगी उठवाने के लिए भी लोग मुझे फोन करते हैं।
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सदन की बैठक में आते ही सांसद शहर के विकास कार्यों को लेकर गुस्सा गईं। बबला ने सवाल उठाया कि शहर की स्ट्रीट लाइटों का हाल बहुत बुरा है। नगर निगम को फोन करो तो कहते हैं ठेकेदार ठीक करेगा। ठेकेदार को फोन लगाओ तो कभी उठता है और कभी नहीं। दिनभर लाइटें जलती रहतीं हैं, रात होते ही उनमें कुछ न कुछ खराबी हो जाती है। ऐसे में लोग जाएं तो कहां जाएं। इसी तरह जगह जगह कचरे के ढेर लगे हैं। आखिर क्यों नहीं उठाए जा रहे। इस पर सांसद बीच में ह खड़ी हुईं और बोलीं कि मैं बबला की बात से सहमत हूं। मेरे स्वयं के वार्ड में में भी गंदगी और स्ट्रीट लाइटों की यही हालत है। जब लोग समस्या बताते हैं तो पार्षद उनकी बात सुनते ही नहीं। यदि पार्षद सुनकर अधिकारियों को बताते हैं तो वहां से कोई सुनवाई नहीं होती। यदि पार्षद और अधिकारी जिम्मेदारी से अपना काम करें तो मुझ तक कोई शिकायत कभी न आए। अब लोग मुझे फोन करके कचरे के ढेर और सूअर घूमने की शिकायत करने लगे हैं। इस तरह के एजेंडे तो सदन में लाने की जरूरत ही नहीं है। यह समस्याएं पार्षदों को अपने स्तर पर समाप्त करनी होंगी।
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मनोरंजन कर लगाकर क्यों पहल कर रहा है चंडीगढ़ : सांसद
मनोरंजन कर को लेकर सांसद किरण खेर ने स्पष्ट नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब हम पुरानी फिल्मों को देखते हैं या उनके गाने सुनते हैं तो कितना सुकून मिलता है। एक मध्य वर्गीय परिवार के लिए मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखना कितनी बड़ी बात होती है शायद आप लोग अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। पूरे देश में तमिलनाडु को छोड़कर कहीं भी मनोरंजन कर नहीं लगाया गया है, फिर क्यों चंडीगढ़ पहल कर रहा है। हालांकि भाजपा पार्षद रविकांत शर्मा ने इस पर आपत्ति जताने का प्रयास कि या तो सांसद ने गुस्सा करके नीचे बैठा दिया।
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