{"_id":"6845e0116e1ea00f69028747","slug":"kejriwal-will-open-the-box-of-hopes-for-industrialists-in-ludhiana-west-by-election-panchkula-news-c-16-1-pkl1024-732563-2025-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में उद्योगपतियों के लिए केजरीवाल खोलेंगे उम्मीदों का पिटारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में उद्योगपतियों के लिए केजरीवाल खोलेंगे उम्मीदों का पिटारा
विज्ञापन
चंडीगढ़। लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल उद्योगपतियों के लिए एक बार फिर उम्मीदों का पिटारा खोलते नजर आ सकते हैं।
उपचुनाव से पहले भी पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार उद्योगपतियों को बड़ी राहत दे चुकी है। फिर चाहे बात उद्योगपतियों को वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम की हो या फिर उद्योपतियों को फोकल पाॅइंट में अलॉट किए इंडस्ट्रियल प्लॉट के मालिकाना हक हासिल करने के लिए नियमों व शर्तों से छूट से जुड़ा हो।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पार्टी का पंजाब प्रभारी बनाए जाने के बाद से लगातार औद्योगिक, कारोबारी और व्यापारी वर्ग को बड़े स्तर पर साधने के प्रयास किए जा रहे है। कैबिनेट में बीते तीन महीने के अंतराल में उद्योग, कारोबार, व्यापार को लेकर सात से आठ अहम फैसले लिए जा चुके हैं। इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के साथ उद्योगपतियों की मौजूदा दिक्कतों, परेशानियों और उनसे जुड़ी नीतियों में जरूरी बदलाव को लेकर मान सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
विज्ञापन
उपचुनाव से पहले भी पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार उद्योगपतियों को बड़ी राहत दे चुकी है। फिर चाहे बात उद्योगपतियों को वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम की हो या फिर उद्योपतियों को फोकल पाॅइंट में अलॉट किए इंडस्ट्रियल प्लॉट के मालिकाना हक हासिल करने के लिए नियमों व शर्तों से छूट से जुड़ा हो।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पार्टी का पंजाब प्रभारी बनाए जाने के बाद से लगातार औद्योगिक, कारोबारी और व्यापारी वर्ग को बड़े स्तर पर साधने के प्रयास किए जा रहे है। कैबिनेट में बीते तीन महीने के अंतराल में उद्योग, कारोबार, व्यापार को लेकर सात से आठ अहम फैसले लिए जा चुके हैं। इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के साथ उद्योगपतियों की मौजूदा दिक्कतों, परेशानियों और उनसे जुड़ी नीतियों में जरूरी बदलाव को लेकर मान सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
विज्ञापन