{"_id":"62fd48c9bf34f26dec474c28","slug":"justice-alok-jain-recuses-himself-from-hearing-in-drug-trade-case-panchkula-news-pkl4597308182","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab News : ड्रग कारोबार मामले में सुनवाई से जस्टिस आलोक जैन ने खुद को किया अलग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab News : ड्रग कारोबार मामले में सुनवाई से जस्टिस आलोक जैन ने खुद को किया अलग
Thu, 18 Aug 2022 02:35 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, पंचकूला
अमर उजाला नेटवर्क, पंचकूला
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 02:35 AM IST
सार
Punjab News : जस्टिस आलोक जैन इस केस में केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर चुके हैं इसलिए उन्होंने जज के तौर पर इस केस से अलग होने का फैसला लिया। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से भी बड़े पैमाने पर तस्करी होती है।
विज्ञापन
demo pic...
- फोटो : istock
विस्तार
पंजाब में हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार मामले में नवनियुक्त जज जस्टिस आलोक जैन ने खुद को केस से अलग करते हुए नई बेंच निर्धारित करने के लिए याचिका को मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया। जस्टिस आलोक जैन इस केस में केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर चुके हैं इसलिए उन्होंने जज के तौर पर इस केस से अलग होने का फैसला लिया।
विज्ञापन
मामले में पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि न केवल हरियाणा व पंजाब में नशे की बड़ी खेप पकड़ी जाती है बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से भी बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। इस तस्करी और इसके बाद इसके वितरण को रोकना बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने अब सरकार को आदेश दिया था कि वह बताए कि इस तस्करी और वितरण को रोकने के लिए सरकार के पास क्या योजना है।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा था कि विदेश में बैठे नशे के सौदागरों को भारत लाने के लिए तीन साल पहले आदेश दिया गया था अभी तक इस दिशा में अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि पंजाब में नशे की स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि नशे पर लगाम लगाने के लिए जमीनी स्तर पर सही प्रकार से कोई कदम उठाया गया।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि नशे पर लगाम लगाने के साथ ही नशे के आदी लोगों का इलाज व उनका पुनर्वास भी बहुत जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ से उनके नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या, वहां मौजूद कर्मचारियों का ब्योरा, सुविधाओं की जानकारी व मरीजों का ब्योरा तलब किया था।