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हरियाणा : बड़े जहाजों की मरम्मत के लिए नहीं जाना होगा सिंगापुर-दुबई, हिसार हवाई अड्डे में बनेगा एकीकृत कार्गो हब
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अधिकारियों के साथ बैठक करते उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला।
- फोटो : b
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चंडीगढ़। हिसार उड्डयन हब का काम पूरा होने के बाद बड़े जहाजों की मरम्मत के लिए दुबई या सिंगापुर जाने की जरूरत नहीं होगी। इन जहाजों की मरम्मत करने की सुविधा हिसार में मिलने लगेगी। इसके लिए हिसार उड्डयन हब में 100 से 200 एकड़ जमीन में एकीकृत कार्गो हब का निर्माण किया जा रहा है। यह जानकारी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने वीरवार को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि एकीकृत कार्गो हब स्थापित करने को लेकर देश की बड़ी औद्योगिक कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। हाल ही में उड्डयन से जुड़ी एक बड़ी कंपनी ने सरकार से संपर्क भी किया, जिसने 25 एकड़ भूमि पर अपने खर्च पर एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशन) बनाने की इच्छा जताई है।
हिसार हवाई अड्डे में तीन हैंगर बन चुके हैं। उनका प्रयास है कि हिसार एमआरओ में विश्व के बड़े जहाजों को मरम्मत की सुविधा मिले, जोकि पहले भारत में अन्यत्र कहीं नहीं है। फिलहाल भारत के बड़े जहाजों के मरम्मत के लिए भी सिंगापुर और दुबई जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हिसार में एयरो डिफेंस हब और मेनुफैक्चरिंग हब के लिए प्रस्ताव आ रहे हैं। हिसार में अंतरराष्ट्रीय स्तर का 10 हजार फीट का रनवे मई 2022 तक पूरा हो जाएगा। यह हरियाणा के लिए ऐतिहासिक कदम होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह आधारभूत ढांचे का विकास कर रही है कि दिल्ली का कार्गो भी हरियाणा से होते हुए सीधा पोर्ट तक जाए। दिल्ली के चारों ओर गुरुग्राम, सोनीपत और झज्जर में ऐसे केंद्र स्थापित करेंगे, जहां से कार्गो क्लीयरेंस की सुविधा होगी। इससे में प्रदेश का राजस्व तो बड़ेगा ही कार्गो-शिपिंग कपंनियों को भी लाभ मिलेगा।
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डिप्टी सीएम ने कहा कि हिसार उड्डयन हब को पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित करने की योजना है। यह विश्व का सौर ऊर्जा से चलने वाला पहला हब होगा। इस योजना को शुरू करने के लिए उन्होंने हरेडा से कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। इस हब के लिए 80 मेगावाट बिजली के लोड का आकलन किया गया है। एयरो डिफेंस और मैनुफेक्चरिंग हब का पावर लोड अलग से होगा। हिसार के इंटरनेशनल रनवे पर कैट लाइट्स लगाई जाएंगी, जहां जीरो विजीबिलिटी पर भी जहाज लैंड कर सकेंगे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हिसार- दिल्ली के बीच डेडिकेटिड रेलवे कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है और जिसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा की होगी। इसके लिए रेलवे लाइनों का आधुनिकीकरण और अपग्रेडेशन करने सहित अन्य सभी योजनाएं शामिल हैं।
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हिसार हवाई अड्डे में तीन हैंगर बन चुके हैं। उनका प्रयास है कि हिसार एमआरओ में विश्व के बड़े जहाजों को मरम्मत की सुविधा मिले, जोकि पहले भारत में अन्यत्र कहीं नहीं है। फिलहाल भारत के बड़े जहाजों के मरम्मत के लिए भी सिंगापुर और दुबई जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हिसार में एयरो डिफेंस हब और मेनुफैक्चरिंग हब के लिए प्रस्ताव आ रहे हैं। हिसार में अंतरराष्ट्रीय स्तर का 10 हजार फीट का रनवे मई 2022 तक पूरा हो जाएगा। यह हरियाणा के लिए ऐतिहासिक कदम होगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह आधारभूत ढांचे का विकास कर रही है कि दिल्ली का कार्गो भी हरियाणा से होते हुए सीधा पोर्ट तक जाए। दिल्ली के चारों ओर गुरुग्राम, सोनीपत और झज्जर में ऐसे केंद्र स्थापित करेंगे, जहां से कार्गो क्लीयरेंस की सुविधा होगी। इससे में प्रदेश का राजस्व तो बड़ेगा ही कार्गो-शिपिंग कपंनियों को भी लाभ मिलेगा।
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डिप्टी सीएम ने कहा कि हिसार उड्डयन हब को पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित करने की योजना है। यह विश्व का सौर ऊर्जा से चलने वाला पहला हब होगा। इस योजना को शुरू करने के लिए उन्होंने हरेडा से कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। इस हब के लिए 80 मेगावाट बिजली के लोड का आकलन किया गया है। एयरो डिफेंस और मैनुफेक्चरिंग हब का पावर लोड अलग से होगा। हिसार के इंटरनेशनल रनवे पर कैट लाइट्स लगाई जाएंगी, जहां जीरो विजीबिलिटी पर भी जहाज लैंड कर सकेंगे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हिसार- दिल्ली के बीच डेडिकेटिड रेलवे कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है और जिसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा की होगी। इसके लिए रेलवे लाइनों का आधुनिकीकरण और अपग्रेडेशन करने सहित अन्य सभी योजनाएं शामिल हैं।