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इंश्योरेंस पॉलिसी के बावजूद नहीं दिया क्लेम, फोरम ने लगाया जुर्माना
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चंडीगढ़। पीजीआई में इलाज के बाद इंश्योरेंस कंपनी की ओर से शिकायतकर्ता को क्लेम नहीं देना महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने सेक्टर-9 स्थित रेलिगेयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड को शिकायतकर्ता को 1,84,323 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मानसिक पीड़ा के लिए 25 हजार व कानूनी खर्चे के तौर पर 10 हजार की राशि देने के आदेश दिए हैं।
चंडीगढ़ सेक्टर-21 निवासी रंजीत मिन्हास (60) ने उपभोक्ता फोरम में सेक्टर-9 स्थित रेलिगेयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि उक्त कंपनी से इंश्योरेंस करवाई थी। 2016 में उसके सीने में दर्द हुआ, जिसके चलते उन्हें पीजीआई में ले जाया गया था। वहां उनका उपचार चला। उन्होंने कंपनी को इस संबंध में जानकारी भी दी थी। कंपनी में क्लेम किया था कि उन्हें इलाज में आए खर्चे को दिया जाए, लेकिन कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया। कंपनी का कहना था कि शिकायतकर्ता पहले से ही बीमार था। इस संबंध में उनको जानकारी नहीं दी गई थी, जिसके लिए क्लेम रद्द किया गया है, लेकिन फोरम ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद उक्त कंपनी को इंश्योरेंस क्लेम 12 प्रतिशत ब्याज सहित देने के लिए कहा है। फोरम के आदेशों की पालना 30 दिनों के अंदर करनी होगी।
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चंडीगढ़ सेक्टर-21 निवासी रंजीत मिन्हास (60) ने उपभोक्ता फोरम में सेक्टर-9 स्थित रेलिगेयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि उक्त कंपनी से इंश्योरेंस करवाई थी। 2016 में उसके सीने में दर्द हुआ, जिसके चलते उन्हें पीजीआई में ले जाया गया था। वहां उनका उपचार चला। उन्होंने कंपनी को इस संबंध में जानकारी भी दी थी। कंपनी में क्लेम किया था कि उन्हें इलाज में आए खर्चे को दिया जाए, लेकिन कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया। कंपनी का कहना था कि शिकायतकर्ता पहले से ही बीमार था। इस संबंध में उनको जानकारी नहीं दी गई थी, जिसके लिए क्लेम रद्द किया गया है, लेकिन फोरम ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद उक्त कंपनी को इंश्योरेंस क्लेम 12 प्रतिशत ब्याज सहित देने के लिए कहा है। फोरम के आदेशों की पालना 30 दिनों के अंदर करनी होगी।
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