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Panchkula News: डायरिया से बुढ़नपुर निवासी मासूम बच्ची की मौत, छोटी बहन आईसीयू में भर्ती, पोस्टमार्टम को लेकर हंगामा
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पानी के 23 में से 12 सैंपल हुए फेल, शुक्रवार को चार नए मरीज मिले, दहशत में लोग बाहर से खरीदकर पी रहे पानी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। बुढ़नपुर निवासी साढ़े चार साल की बच्ची मायरा की शुक्रवार को डायरिया से मौत हो गई है। परिजनों का कहना है कि दूषित पेयजल की वजह से बच्ची की तबीयत खराब हुई थी। कुछ दिन पूर्व दवाई लेकर गए थे। शुक्रवार सुबह अचानक उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। नागरिक अस्पताल ले जाने से पूर्व उसको करीब चार से पांच बार उल्टी-दस्त हुई। इमरजेंसी में जांच के बाद डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बच्ची मायरा के शव को ले जाने की अनुमति नहीं दी। इस वजह से परिजनों ने हंगामा किया। डॉक्टरों और परिजनों में बहस होती रही। मायरा के पिता ने बताया कि वे बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन पोस्टमार्टम कराने के लिए दबाव बना रहा है। देर रात तक मामले में हंगामा चलता रहा। उधर डायरिया के चार नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इसी के साथ डायरिया का आंकड़ा 375 पहुंच गया है। इसके अलावा एचएसवीपी ने गांव में पाइप से पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी है, लेकिन दहशत में ग्रामीण बाहर से पानी खरीदकर पी रहे हैं।
सेक्टर-16 बुढ़नपुर निवासी बच्ची के पिता मोहम्मद मैराज ने बताया कि मायरा की शुक्रवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। इस कारण उसको लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। उसकी छोटी बहन आईसीयू में है। उसकी मां खुशबू का आरोप है कि दूषित पेयजल की वजह से उसकी साढ़े चार साल की बच्ची की मौत हुई है। छोटी बेटी भी आईसीयू में दाखिल है। उसने बताया कि 23 मई से बुढ़नपुर गांव में गंदा पानी आ रहा था, लेकिन एचएसवीपी के इंजीनियरिंग विंग ने ध्यान नहीं दिया। इस कारण पूरे गांव में डायरिया फैल गया। आज सैकड़ों लोग बीमार हैं।
27 मई को छोटी बेटी की तबीयत बिगड़ी
मैराज ने बताया कि दो वर्षीय छोटी बेटी मासूम को 27 मई को उल्टी, दस्त की शिकायत पर पंचकूला सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने उपचार करने के बाद उसे घर भेज दिया। वीरवार को बेटी मासूम की दोबारा तबीयत खराब हो गई। उसे सिविल अस्पताल में जांच के लिए लेकर पहुंचा। हालत ठीक नहीं होने पर चिकित्सकों ने मासूम को आईसीयू में भर्ती किया है। जहां उसका उपचार चल रहा है।
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डायरिया फैलने के बाद सर्वेक्षण किए घरों की कुल संख्या : 190
अब तक सर्वेक्षण किए घरों की कुल संख्या : 3047
डायरिया के नए मामले सामने आए : 4
अब तक दर्ज मामलों की कुल संख्या : 375
सिविल अस्पताल में भर्ती मामलों की कुल संख्या : 3
परीक्षण के लिए भेजे पानी के नमूनों की कुल संख्या : 26
परीक्षण के लिए भेजे मल नमूनों की कुल संख्या : 20
हैजा के लिए सकारात्मक मिले मल नमूनों की कुल संख्या : 3
23 में से 12 पानी के सैंपल फेल
पंचकूला। सेक्टर-14 बुढ़नपुर में पाइप लाइन की सफाई के बाद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पानी की सप्लाई शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय लोग लैब की रिपोर्ट आने के बाद पानी पीने से कतरा रहे हैं। उनको डर है कि दोबारा डायरिया न फैल जाए। हालांकि एचएसवीपी के अधिकारियों का दावा है चंडीगढ़ की लैब को पानी के तीन सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिसकी रिपोर्ट बिल्कुल ठीक है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने 23 पानी के सैंपल जांच के लिए रामगढ़ के पब्लिक हेल्थ की लैब में भेजा था। वहां से 12 सैंपल फेल हो गए हैं। यह जानकारी पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन समीर शर्मा ने दी है।
जब से गांव में गंदे पानी की सप्लाई शुरू हुई है तब से मैं पेट दर्द, उल्टी और दस्त की समस्या से परेशान हूं। गांव में अब पानी की सप्लाई आ रही है, लेकिन अभी भी सप्लाई का पानी पीने में डर लग रहा है। अवनीत कौर, मरीज, बुढ़नपुर
वीरवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई और उल्टी, दस्त शुरू हो गया। सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। सप्लाई का पानी अभी नहीं प्रयोग कर रहे हैं। शबाना, मरीज, बुढ़नपुर
सेक्टर-16 बुढ़नपुर में डायरिया फैला है। बच्ची बुढ़नपुर की रहने वाली है। उसकी के मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही लग पाएगा। - डॉ. सुरेश भोसले, स्वास्थ्य जिला सर्विलांस अधिकारी पंचकूला
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। बुढ़नपुर निवासी साढ़े चार साल की बच्ची मायरा की शुक्रवार को डायरिया से मौत हो गई है। परिजनों का कहना है कि दूषित पेयजल की वजह से बच्ची की तबीयत खराब हुई थी। कुछ दिन पूर्व दवाई लेकर गए थे। शुक्रवार सुबह अचानक उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। नागरिक अस्पताल ले जाने से पूर्व उसको करीब चार से पांच बार उल्टी-दस्त हुई। इमरजेंसी में जांच के बाद डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बच्ची मायरा के शव को ले जाने की अनुमति नहीं दी। इस वजह से परिजनों ने हंगामा किया। डॉक्टरों और परिजनों में बहस होती रही। मायरा के पिता ने बताया कि वे बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन पोस्टमार्टम कराने के लिए दबाव बना रहा है। देर रात तक मामले में हंगामा चलता रहा। उधर डायरिया के चार नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इसी के साथ डायरिया का आंकड़ा 375 पहुंच गया है। इसके अलावा एचएसवीपी ने गांव में पाइप से पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी है, लेकिन दहशत में ग्रामीण बाहर से पानी खरीदकर पी रहे हैं।
सेक्टर-16 बुढ़नपुर निवासी बच्ची के पिता मोहम्मद मैराज ने बताया कि मायरा की शुक्रवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। इस कारण उसको लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। उसकी छोटी बहन आईसीयू में है। उसकी मां खुशबू का आरोप है कि दूषित पेयजल की वजह से उसकी साढ़े चार साल की बच्ची की मौत हुई है। छोटी बेटी भी आईसीयू में दाखिल है। उसने बताया कि 23 मई से बुढ़नपुर गांव में गंदा पानी आ रहा था, लेकिन एचएसवीपी के इंजीनियरिंग विंग ने ध्यान नहीं दिया। इस कारण पूरे गांव में डायरिया फैल गया। आज सैकड़ों लोग बीमार हैं।
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27 मई को छोटी बेटी की तबीयत बिगड़ी
मैराज ने बताया कि दो वर्षीय छोटी बेटी मासूम को 27 मई को उल्टी, दस्त की शिकायत पर पंचकूला सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने उपचार करने के बाद उसे घर भेज दिया। वीरवार को बेटी मासूम की दोबारा तबीयत खराब हो गई। उसे सिविल अस्पताल में जांच के लिए लेकर पहुंचा। हालत ठीक नहीं होने पर चिकित्सकों ने मासूम को आईसीयू में भर्ती किया है। जहां उसका उपचार चल रहा है।
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डायरिया फैलने के बाद सर्वेक्षण किए घरों की कुल संख्या : 190
अब तक सर्वेक्षण किए घरों की कुल संख्या : 3047
डायरिया के नए मामले सामने आए : 4
अब तक दर्ज मामलों की कुल संख्या : 375
सिविल अस्पताल में भर्ती मामलों की कुल संख्या : 3
परीक्षण के लिए भेजे पानी के नमूनों की कुल संख्या : 26
परीक्षण के लिए भेजे मल नमूनों की कुल संख्या : 20
हैजा के लिए सकारात्मक मिले मल नमूनों की कुल संख्या : 3
23 में से 12 पानी के सैंपल फेल
पंचकूला। सेक्टर-14 बुढ़नपुर में पाइप लाइन की सफाई के बाद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पानी की सप्लाई शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय लोग लैब की रिपोर्ट आने के बाद पानी पीने से कतरा रहे हैं। उनको डर है कि दोबारा डायरिया न फैल जाए। हालांकि एचएसवीपी के अधिकारियों का दावा है चंडीगढ़ की लैब को पानी के तीन सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिसकी रिपोर्ट बिल्कुल ठीक है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने 23 पानी के सैंपल जांच के लिए रामगढ़ के पब्लिक हेल्थ की लैब में भेजा था। वहां से 12 सैंपल फेल हो गए हैं। यह जानकारी पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन समीर शर्मा ने दी है।
जब से गांव में गंदे पानी की सप्लाई शुरू हुई है तब से मैं पेट दर्द, उल्टी और दस्त की समस्या से परेशान हूं। गांव में अब पानी की सप्लाई आ रही है, लेकिन अभी भी सप्लाई का पानी पीने में डर लग रहा है। अवनीत कौर, मरीज, बुढ़नपुर
वीरवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई और उल्टी, दस्त शुरू हो गया। सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। सप्लाई का पानी अभी नहीं प्रयोग कर रहे हैं। शबाना, मरीज, बुढ़नपुर
सेक्टर-16 बुढ़नपुर में डायरिया फैला है। बच्ची बुढ़नपुर की रहने वाली है। उसकी के मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही लग पाएगा। - डॉ. सुरेश भोसले, स्वास्थ्य जिला सर्विलांस अधिकारी पंचकूला