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पंचायतों में प्रशासक की नियुक्ति का बढ़ा विरोध
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चंडीगढ़। पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में हो रही देरी के चलते विभाग द्वारा पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने का विरोध बढ़ता जा रहा है। वहीं, विभाग के पास पंचायत अधिकारियों की संख्या भी कम है।
इस समय हरियाणा में कुल 142 ब्लाक हैं, जबकि इसके मुकाबले 100 से भी कम बीडीपीओ हैं। ऐसे में कई जिलों में तो एक- एक बीडीपीओ के पास दो से तीन तीन ब्लाकों का प्रभार है। प्रदेशभर के पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य अब कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस बार 24 फरवरी को पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है। नियमों के अनुसार, इससे पहले ही चुनाव कराने हो जाने चाहिए। लेकिन वार्डबंदी नहीं होने के कारण चुनाव देरी से होंगे। इसलिए सरकार की ओर से 23 फरवरी से पहले ही प्रशासक नियुक्त किए जाने हैं। हालांकि, सरकार ने प्रशासकों को 16 फरवरी तक चार्ज लेने के लिए कहा था, लेकिन अभी काफी संख्या में सरपंच व अन्य सदस्य चार्ज देने में आना कानी कर रहे हैं। इसलिए कुछ पंचायतों का न तो रिकार्ड पूरा हो पाया है और न ही उन्होंने चार्ज दिया है। प्रदेश में 6205 पंचायतें, 142 ब्लाक और 22 जिला परिषद हैं।
सरपंच एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रवीन नरवाल का कहना है कि पहले से ही प्रदेश में बीडीपीओ (ब्लाक डेवलपमेंट एंड पंचायत आफिसर) के पद खाली है। कई जिलों में तो एक एक बीडीपीओ के पास तीन तीन ब्लाकों के चार्ज हैं। अगर उनको ही प्रशासक लगाया गया तो विकास कार्य कैसे होंगे, क्योंकि एक- एक ब्लाक में 40-40 पंचायतें हैं तो क्या एक बीडीपीओ 120 पंचायतों को संभाल पाएगा।
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23 फरवरी से पहले पदाधिकारियों से चार्ज लिया जाना है। यह पक्रिया जारी है। प्रशासक नियुक्त होने के बाद भी विकास कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
-आरसी बिढ़ान, महानिदेशक, पंचायती राज विभाग
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इस समय हरियाणा में कुल 142 ब्लाक हैं, जबकि इसके मुकाबले 100 से भी कम बीडीपीओ हैं। ऐसे में कई जिलों में तो एक- एक बीडीपीओ के पास दो से तीन तीन ब्लाकों का प्रभार है। प्रदेशभर के पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य अब कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस बार 24 फरवरी को पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है। नियमों के अनुसार, इससे पहले ही चुनाव कराने हो जाने चाहिए। लेकिन वार्डबंदी नहीं होने के कारण चुनाव देरी से होंगे। इसलिए सरकार की ओर से 23 फरवरी से पहले ही प्रशासक नियुक्त किए जाने हैं। हालांकि, सरकार ने प्रशासकों को 16 फरवरी तक चार्ज लेने के लिए कहा था, लेकिन अभी काफी संख्या में सरपंच व अन्य सदस्य चार्ज देने में आना कानी कर रहे हैं। इसलिए कुछ पंचायतों का न तो रिकार्ड पूरा हो पाया है और न ही उन्होंने चार्ज दिया है। प्रदेश में 6205 पंचायतें, 142 ब्लाक और 22 जिला परिषद हैं।
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सरपंच एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रवीन नरवाल का कहना है कि पहले से ही प्रदेश में बीडीपीओ (ब्लाक डेवलपमेंट एंड पंचायत आफिसर) के पद खाली है। कई जिलों में तो एक एक बीडीपीओ के पास तीन तीन ब्लाकों के चार्ज हैं। अगर उनको ही प्रशासक लगाया गया तो विकास कार्य कैसे होंगे, क्योंकि एक- एक ब्लाक में 40-40 पंचायतें हैं तो क्या एक बीडीपीओ 120 पंचायतों को संभाल पाएगा।
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23 फरवरी से पहले पदाधिकारियों से चार्ज लिया जाना है। यह पक्रिया जारी है। प्रशासक नियुक्त होने के बाद भी विकास कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
-आरसी बिढ़ान, महानिदेशक, पंचायती राज विभाग