पूरी तरह सुरक्षित है चंडीगढ़ में मिल रहा पैकेटयुक्त दूध, ऐसे कराएं जांच
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दो दिन पहले भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की दूध पर चौंकाने वाली रिपोर्ट आई थी। इसमें बताया गया था कि पैकेज्ड (प्रोसेस्ड मिल्क) और कच्चा दूध उनके मानकों पर खरा नहीं उतरा है लेकिन यूटी के स्वास्थ्य विभाग की ओर से दावा किया गया है कि पिछले तीन महीने के दौरान उसने भिन्न-भिन्न कंपनियों के प्रोसेस्ड मिल्क के 100 से ज्यादा सैंपल लिए थे, जिन्हें जांच के लिए प्रतिष्ठित लेबोट्ररी एनएबीएल में भेजा गया।
ये सभी सैंपल जांच में मानकों के अनुसार सही पाए गए हैं। इसमें ऐसा कोई भी हानिकारक तत्व नहीं मिला है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो। कुल मिलाकर चंडीगढ़ में आने वाला पैकेज्ड मिल्क सेफ है। हालांकि इसमें एक भी कच्चे दूध का सैंपल शामिल नहीं था।
बताया जा रहा है कि एफएसएसएआई की ओर से निर्देश मिले थे कि सभी स्टेट व यूटी अपने-अपने स्तर पर दूध के सैंपल भरें। उसके बाद यूटी के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले तीन महीने के भीतर अलग-अलग कंपनियों के फुल क्रीम, प्रोसेस्ड, टोंड और डबल टोंड मिल्क के सैंपल्स लिए गए। इन सैंपलों में खासतौर पर पेस्टीसाइड, एंटीबायोटिक और एप्लाटॉक्सिन की जांच की गई।
ये चीजें चंडीगढ़ से भरे गए दूध के सैंपलों में नहीं मिली हैं। हालांकि एफएसएसएआई की दो दिन पहले आई रिपोर्ट में बताया गया था कि चंडीगढ़ से भी 20 सैंपल भरे गए थे, लेकिन उनमें से सिर्फ चार सैंपलों में ही रसायन मिला था।
इस पर चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एफएसएसएआई की रिपोर्ट साल 2018 की है और जो चंडीगढ़ ने सैंपल लिए हैं, पिछले तीन महीने के हैं। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. जी दीवान ने कहा है कि सभी सैंपलों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। एक भी सैंपल में हानिकारक तत्व नहीं मिला है।
यहां पर चेक करा सकते हैं अपना दूध
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल फूड सेफ्टी लैब में दूध के सैंपलों की जांच करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 20 रुपये देने पड़ते हैं। इस लैब में दूध में फैट, पानी, प्रोटीन और यूरिया सहित कुल 13 मानकों की जांच करवा सकते हैं जबकि एंटीबायोटिक, पेस्टीसाइड व एल्लाटॉक्सिन जांच की सुविधा नहीं है।
इसकी जांच के लिए सैंपलों को एनएबीएल की लैब में भेजना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की यह लैब सेक्टर 22 हास्पिटल, मनीमाजरा हास्पिटल, सेक्टर 40, सेक्टर 45 व सेक्टर 8 की डिस्पेंसरी में अलग-अलग दिन जाती है।