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अरावली के अवैध फार्म हाउस नहीं होंगे नियमित
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हरियाणा के अरावली वन क्षेत्र में बने फार्म हाउस नियमित नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सरकार इन पर कार्रवाई भी करेगी। भविष्य में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। सरकार ने अवैध रूप से फार्म हाउस बनाने वालों को नोटिस दे दिए हैं। भविष्य में निर्माण पर रोक लग सके इसके लिए वन विभाग द्वारा अवैध निर्माण की निगरानी ड्रोन के जरिए और बढ़ाई जाएगी। वन मंत्री कंवर पाल ने सदन में यह जानकारी दी। वह बड़खल से भाजपा विधायक सीमा त्रिखा के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने फरीदाबाद व गुरुग्राम जिलों के अरावली क्षेत्र में निर्मित फार्म हाउस का विवरण सदन पटल पर रखा।
वन मंत्री ने बताया कि पंजाब भू-संरक्षण अधिनियम, 1900 की धारा 4 व 5 के अधीन अधिसूचित अरावली क्षेत्र में बनाए गए फार्म हाउस को बिजली कनेक्शन देने की जानकारी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से मांगी है। अरावली क्षेत्र में अवैध निर्माण की जांच के लिए समय-समय पर ड्रोन से मैपिंग की जाती है। अवैध निर्माण का पता चलता है तो तुरंत गिरा दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस क्षेत्र में अवैध निर्माण के मामले में कमेटी गठित की हुई है, विभाग ने कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने सरकार को अवैध फार्म हाउस के निर्माण पर घेरने की कोशिश की, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। सीमा त्रिखा ने कहा कि भाजपा शासन में अरावली वन क्षेत्र सुरिक्षत हुआ है। अवैध फार्म हाउस 2004 से 2014 तक बने हैं। इस पर किरण बोलीं कि सरकार अपनी ओर से अवैध निर्माण रोकने को कोई कदम नहीं उठा रही। सब कुछ सुप्रीम कोर्ट ही करेगा क्या।
उन्होंने अवैध निर्माण की पहचान कर कार्रवाई की मांग की। वन मंत्री ने सदन में 2000 से 2020 तक विकसित फार्म हाउस का पूरा ब्योरा रखा, जिसमें मालिकों के नाम, फार्म हाउस का कुल क्षेत्रफल और उनकी बिजली कनेक्शन जारी करने की तारीख तक शामिल है। वन मंत्री ने बताया कि ये फार्म हाउस फरीदाबाद जिले के कोट, अनंगपुर, मेवला महाराजपुर, लकड़पुर, अंखीर और गुरुग्राम जिले में दमदमा, खेरला, गवालपहाड़ी, हैदरपुर विरान और रायसेना में मौजूद हैं।
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वन मंत्री ने बताया कि पंजाब भू-संरक्षण अधिनियम, 1900 की धारा 4 व 5 के अधीन अधिसूचित अरावली क्षेत्र में बनाए गए फार्म हाउस को बिजली कनेक्शन देने की जानकारी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से मांगी है। अरावली क्षेत्र में अवैध निर्माण की जांच के लिए समय-समय पर ड्रोन से मैपिंग की जाती है। अवैध निर्माण का पता चलता है तो तुरंत गिरा दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस क्षेत्र में अवैध निर्माण के मामले में कमेटी गठित की हुई है, विभाग ने कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने सरकार को अवैध फार्म हाउस के निर्माण पर घेरने की कोशिश की, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। सीमा त्रिखा ने कहा कि भाजपा शासन में अरावली वन क्षेत्र सुरिक्षत हुआ है। अवैध फार्म हाउस 2004 से 2014 तक बने हैं। इस पर किरण बोलीं कि सरकार अपनी ओर से अवैध निर्माण रोकने को कोई कदम नहीं उठा रही। सब कुछ सुप्रीम कोर्ट ही करेगा क्या।
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उन्होंने अवैध निर्माण की पहचान कर कार्रवाई की मांग की। वन मंत्री ने सदन में 2000 से 2020 तक विकसित फार्म हाउस का पूरा ब्योरा रखा, जिसमें मालिकों के नाम, फार्म हाउस का कुल क्षेत्रफल और उनकी बिजली कनेक्शन जारी करने की तारीख तक शामिल है। वन मंत्री ने बताया कि ये फार्म हाउस फरीदाबाद जिले के कोट, अनंगपुर, मेवला महाराजपुर, लकड़पुर, अंखीर और गुरुग्राम जिले में दमदमा, खेरला, गवालपहाड़ी, हैदरपुर विरान और रायसेना में मौजूद हैं।
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