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Panchkula News: आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ रोकेंगे घग्गर का कटाव
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नदी के साथ लगती जमीन पर बनाए जाएंगे स्पर
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। घग्गर नदी के बढ़े जलस्तर से इस बार सेक्टर-26, 27 और 28 के साथ लगने वाले हर्बल पार्क का काफी कटाव हुआ। पानी मुख्य सड़क से केवल 25 मीटर दूर बह रहा था। ऐसे में एचएसवीपी की काफी जमीन नदी के साथ बह गई और नदी का हिस्सा बन गई। आगे से ऐसा न हो इसके लिए एचएसवीपी ने अब आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों का सहारा लिया है। वहां से एक टीम ने करीब 15 दिन पहले यहां दौरा कर हालात का जायजा लिया।
घग्गर बरसाती नदी है। इस बार बारिश के दौरान नदी ने रौद्र रूप धारण किया। घग्गर पार बसे रिहायशी क्षेत्र की तरफ नदी का रुख होने के कारण काफी जगह का कटाव हो गया। भविष्य में नदी अपने दायरे को न तोड़ पाए इसलिए वहां स्पर बनाए जाएंगे। इसके लिए आईआईटी रुड़की की टीम का सहारा लिया जाएगा।
टीम ने मांगी जरूरी जानकारी
आईआईटी रुड़की से पहुंची टीम ने 15 जुलाई को एचएसवीपी के अधिकारियों के साथ सेक्टर-32 में स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर सेक्टर-28 के कब्रिस्तान तक दौरा कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने प्राधिकरण के अधिकारियों से जरूरी जानकारियां मांगी हैं। इसमें नदी का लेवल, गहराई और अन्य जरूरी बातें शामिल रहेंगी। जैसे ही अधिकारी ये जानकारी उपलब्ध कराएंगे, स्पर बनाने की योजना पर आईआईटी की टीम काम शुरू कर देगी।
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चार करोड़ से भरा जाएगा कटाव
घग्गर नदी ने एचएसवीपी की जितनी जमीन का कटाव किया था उसे वापस भरने का काम प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए करीब 4 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। प्राधिकरण की 3 जेसीबी, 7 पोकलेन मशीन, 12 टीपर, 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली व 150 मजदूर लगातार काम कर रहे हैं। कटाव न हो इसके लिए एचएसवीपी की ओर से 20 फीट चौड़ी और 900 फीट लंबी स्टेनिंग दीवार भी बनाई जा रही है। कटाव वाली जगह को भरने के बाद एचएसवीपी की ओर से हर्बल पार्क का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।
करीब 15 दिन पहले आईआईटी रुड़की की टीम ने शहर का दौरा किया है। टीम ने सेक्टर-21 के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सेक्टर-28 के कब्रिस्तान तक की जगह का जायजा लिया। जल्द ही जरूरी जानकारियां टीम को दी जाएंगी। उसके बाद टीम नदी में स्पर बनाने की योजना बनाएगी। -नरेंद्र कुमार पायल, एक्सईएन, एचएसवीपी
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पंचकूला। घग्गर नदी के बढ़े जलस्तर से इस बार सेक्टर-26, 27 और 28 के साथ लगने वाले हर्बल पार्क का काफी कटाव हुआ। पानी मुख्य सड़क से केवल 25 मीटर दूर बह रहा था। ऐसे में एचएसवीपी की काफी जमीन नदी के साथ बह गई और नदी का हिस्सा बन गई। आगे से ऐसा न हो इसके लिए एचएसवीपी ने अब आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों का सहारा लिया है। वहां से एक टीम ने करीब 15 दिन पहले यहां दौरा कर हालात का जायजा लिया।
घग्गर बरसाती नदी है। इस बार बारिश के दौरान नदी ने रौद्र रूप धारण किया। घग्गर पार बसे रिहायशी क्षेत्र की तरफ नदी का रुख होने के कारण काफी जगह का कटाव हो गया। भविष्य में नदी अपने दायरे को न तोड़ पाए इसलिए वहां स्पर बनाए जाएंगे। इसके लिए आईआईटी रुड़की की टीम का सहारा लिया जाएगा।
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टीम ने मांगी जरूरी जानकारी
आईआईटी रुड़की से पहुंची टीम ने 15 जुलाई को एचएसवीपी के अधिकारियों के साथ सेक्टर-32 में स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर सेक्टर-28 के कब्रिस्तान तक दौरा कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने प्राधिकरण के अधिकारियों से जरूरी जानकारियां मांगी हैं। इसमें नदी का लेवल, गहराई और अन्य जरूरी बातें शामिल रहेंगी। जैसे ही अधिकारी ये जानकारी उपलब्ध कराएंगे, स्पर बनाने की योजना पर आईआईटी की टीम काम शुरू कर देगी।
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चार करोड़ से भरा जाएगा कटाव
घग्गर नदी ने एचएसवीपी की जितनी जमीन का कटाव किया था उसे वापस भरने का काम प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए करीब 4 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। प्राधिकरण की 3 जेसीबी, 7 पोकलेन मशीन, 12 टीपर, 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली व 150 मजदूर लगातार काम कर रहे हैं। कटाव न हो इसके लिए एचएसवीपी की ओर से 20 फीट चौड़ी और 900 फीट लंबी स्टेनिंग दीवार भी बनाई जा रही है। कटाव वाली जगह को भरने के बाद एचएसवीपी की ओर से हर्बल पार्क का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।
करीब 15 दिन पहले आईआईटी रुड़की की टीम ने शहर का दौरा किया है। टीम ने सेक्टर-21 के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सेक्टर-28 के कब्रिस्तान तक की जगह का जायजा लिया। जल्द ही जरूरी जानकारियां टीम को दी जाएंगी। उसके बाद टीम नदी में स्पर बनाने की योजना बनाएगी। -नरेंद्र कुमार पायल, एक्सईएन, एचएसवीपी