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भीषण गर्मी में एक बाल्टी पानी के लिए गांव खड़क मंगोली में घंटो की जद्दोजहद

Fri, 20 May 2022 01:48 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 01:48 AM IST
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Hours of struggle in village Kharak Mangoli for a bucket of water in scorching heat
पंचकूला। भीषण गर्मी में भी सुबह से शाम तक गांव खड़क मंगोली के गेट नंबर-चार पर पानी के लिए रोजाना जंग होती है। यहां आंख खुलते ही लोगों को नित्य क्रिया से पहले पानी की याद आती है। इस गांव में रोजाना स्थानीय महिलाएं पेयजल के लिए आपस में लड़ती हैं, यहां प्यास मायने नहीं रखता, पहले आओ और पहले पाओ की परंपरा चलती है। जो पहले आएगा उसे ही नलका से पानी भरने का मौका मिलेगा। इसका खुलासा सुबह सात से दस बजे के बीच अमर उजाला की रियलिटी चेक में हुआ। टीम ने चार नलकों का रियलिटी चेक किया। यहां लोगों को पेयजल की सप्लाई मिल तो रही है, लेकिन एक बाल्टी पानी भरने के लिए प्रत्येक महिला को 30 से 45 मिनट का समय लगता है। वीरवार को तो यहां पानी के लिए एक जगह महिलाओं के बीच जमकर हंगामा भी हुआ। मारपीट तक नौबत आ गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने महिलाओं को समझाकर हटाया।
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पानी के लिए रोजाना दो किलोमीटर तक की लंबी दौड़
रेहड़ी से पानी लेकर आर रहे गांव खड़क मंगोली के विक्रम और भीम कुमार ने बताया कि पानी के लिए रोजाना सेक्टर-2, 4 और 9 के मार्केट तक जाना पड़ता है। यहां भी मार्केट वाले पानी भरने से मना करते हैं। कोरोना काल के बाद पिछले एक साल से गेट नंबर चार के एरिया में पानी की समस्या है। सुबह से शाम तक लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। हमें एक वक्त की रोटी मिलने से पहले पानी की चिंता सताने लगती है। क्योंकि गर्मी में एक टाइम बिना खाना के रह सकते हैं, बिना पानी के रहना मुश्किल है।
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सप्ताह में दो चार दिन नहीं आता पानी
पानी के लिए आपस में लड़ने वाली महिला छठिया और अंजली ने बताया कि सप्ताह में तीन चार दिन तो पानी ही नहीं आता। जिस दिन पानी आता है तो सुबह सात बजे से ही महिलाएं पानी भरने के लिए कतार में लग जाती हैं, वीरवार को भी ऐसा ही हुआ। छठिया ने बताया कि उसके पति को काम पर जाना था, घर में पीने के लिए पानी नहीं था, आज लेट हो गई, अंजली पहले से पानी के लिए लाइन में खड़ी थी, मुझे जल्दी पानी भरना था, वह तैयार नहीं हुई, तो आपस में लड़ाई हो गई। छठिया ने बताया कि पानी को लेकर यहां अक्सर लड़ाई हो जाती है, यहां कई बार पुलिस भी आ चुकी है।
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सीएम विंडो में शिकायत के बाद हुआ था सर्वे भी
स्थानीय निवासी श्रवण साहनी ने बताया कि पानी की समस्या से निजात के लिए एक माह पहले सीएम विंडो में शिकायत दी थी। इसके बाद कुछ अधिकारी और कर्मचारी मौके पर सर्वे करने के लिए आए थे, जांच करने के बाद उन्होंने आश्वासन भी दिया था कि जल्द ही समस्या का समाधान करवाया जाएगा, लेकिन पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है। अभी मई का महीना है, यहां बिना पानी के लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है।
किराए पर ऑटो लेकर, सेक्टर-दो की मार्केट से लाते हैं पानी
गीतांजली ने बताया कि बच्चों को इतनी गर्मी में बिना नहाए ही स्कूल में भेजना पड़ता है। पीने के लिए पानी ऑटो किराए पर लेकर सेक्टर-दो, सात और नौ की मार्केट से भरना पड़ता है। यहां करीब 3000 लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। थोड़ा बहुत पानी नल में आता भी है तो इसका प्रेशर बहुत कम होता है और बाल्टियां भरने के लिए स्थानीय महिलाओं के बीच आपस में लड़ाई होती है। जो थोड़ा बहुत पानी मिलता भी है तो उसका समय निर्धारित नहीं है। अभी मई चल रहा है और यह मुसीबत झेलने के लिए जून अभी बाकी है, बिना पानी के हम लोगों का कैसे गुजारा होगा।

जल्द डालेंगे पानी की पाइपलाइन
पब्लिक हेल्थ के जेई इंद्रजीत ने बताया कि पहले गांव खड़क मंगोली के गेट नंबर चार में पानी की सप्लाई की जिम्मेदारी एचएसवीपी के पास थी, उनका एक ट्यूबवेल भी फेल हो गया है। इसके चलते यह समस्या आ रही है। अभी वर्तमान में पानी की सप्लाई की जिम्मेदारी पब्लिक हेल्थ के पास है। विभाग की टीम रोजाना जांच कर रही। कुछ जगह समस्याओं का समाधान किया गया है। बेहतर पेयजल की सप्लाई के लिए एक नई पानी लाइन बिछाई जानी है, जल्द ही स्थानीय लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल जाएगी।
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