{"_id":"6a8df5173492175f5707ba5f","slug":"hospitals-should-not-remain-mere-buildings-make-them-fully-operational-high-court-panchkula-news-c-16-1-pkl1098-1105913-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल केवल भवन बनकर न रह जाएं, पूरी तरह चालू करें : हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल केवल भवन बनकर न रह जाएं, पूरी तरह चालू करें : हाईकोर्ट
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों की इमारतें तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है। इन संस्थानों को पूरी तरह कार्यशील बनाने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति जरूरी है।
हाईकोर्ट ने नागरिकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। अदालत ने पंजाब और हरियाणा सरकार से जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को जल्द कार्यशील बनाने को कहा। दोनों राज्यों से मौजूदा स्थिति का विस्तृत ब्योरा भी मांगा गया है। पंजाब सरकार ने बताया कि मोगा, रोपड़ और मालेरकोटला में गहन चिकित्सा इकाइयां करीब दो सप्ताह में शुरू होंगी। फिरोजपुर में विशेष चिकित्सा खंड छह सप्ताह में चालू होने की संभावना है।
हाईकोर्ट ने पंजाब के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव को गहन चिकित्सा इकाइयों के संचालन की स्थिति रखने का निर्देश दिया। हरियाणा के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव को भी जिला अस्पतालों की सुविधाओं पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश मिला।
विज्ञापन
रुकी हुई स्वास्थ्य परियोजनाएं :
अदालत के संज्ञान में आया कि कुछ स्वास्थ्य परियोजनाओं का निर्माण पूर्व आदेशों से प्रभावित हुआ है। पेड़ों को हटाने की अनुमति न मिलने से कई स्थानों पर निर्माण कार्य रुका है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर ऐसे सभी मामलों की पूरी जानकारी मांगी है। इससे अदालत रुकी परियोजनाओं और उन्हें पूरा करने के कदमों की समीक्षा कर सकेगी। अदालत ने कहा कि सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं अब आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का हिस्सा हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने नागरिकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। अदालत ने पंजाब और हरियाणा सरकार से जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को जल्द कार्यशील बनाने को कहा। दोनों राज्यों से मौजूदा स्थिति का विस्तृत ब्योरा भी मांगा गया है। पंजाब सरकार ने बताया कि मोगा, रोपड़ और मालेरकोटला में गहन चिकित्सा इकाइयां करीब दो सप्ताह में शुरू होंगी। फिरोजपुर में विशेष चिकित्सा खंड छह सप्ताह में चालू होने की संभावना है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने पंजाब के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव को गहन चिकित्सा इकाइयों के संचालन की स्थिति रखने का निर्देश दिया। हरियाणा के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव को भी जिला अस्पतालों की सुविधाओं पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश मिला।
विज्ञापन
रुकी हुई स्वास्थ्य परियोजनाएं :
अदालत के संज्ञान में आया कि कुछ स्वास्थ्य परियोजनाओं का निर्माण पूर्व आदेशों से प्रभावित हुआ है। पेड़ों को हटाने की अनुमति न मिलने से कई स्थानों पर निर्माण कार्य रुका है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर ऐसे सभी मामलों की पूरी जानकारी मांगी है। इससे अदालत रुकी परियोजनाओं और उन्हें पूरा करने के कदमों की समीक्षा कर सकेगी। अदालत ने कहा कि सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं अब आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का हिस्सा हैं।