भूपेंद्र हुड्डा ने कहा: अगर ओलंपिक में पेपर लीक का मुकाबला होता तो हरियाणा सरकार को मिलता स्वर्ण पदक
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सभी पेपर लीक मामलों की हाईकोर्ट की देखरेख में सीबीआई जांच करवाने और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की है।
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नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि कांग्रेस पेपर लीक घोटाले के मामले को आने वाले विधानसभा सत्र में उठाएगी। गठबंधन सरकार में परचून की दुकान पर सामान की तरह नौकरियां बिक रही हैं। एक के बाद एक पेपर लीक घोटाले सामने आ रहे हैं।
अगर ओलंपिक में पेपर लीक करने की कोई इवेंट होती तो हरियाणा सरकार को पक्का स्वर्ण पदक मिलता। पिछले कुछ साल में शायद ही ऐसी कोई भर्ती हुई हो, जिसका पेपर लीक न हुआ हो। बिना उच्च पद पर बैठे व्यक्ति की संलिप्तता के यह संभव नहीं है।
हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान छह साल में दो दर्जन से ज्यादा पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। एक ही साल में ग्राम सचिव और कांस्टेबल जैसी दो बड़ी भर्तियों का पेपर लीक होना आम बात नहीं है।
बावजूद इसके आज तक सरकार ने किसी बड़े पदाधिकारी की जांच नहीं की करवाई। भर्तियों में धांधलेबाजी के चलते कुछ साल पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पर छापे मारे गए थे। तब पता चला था कि बीजेपी सरकार के दौरान हर भर्ती के रेट फिक्स हैं।
5 लाख से 10 और 20 लाख रुपये में नौकरियों को बेचा जा रहा था। भर्तियों में धांधलेबाजी को लेकर खुद हाईकोर्ट सरकार को कई बार फटकार लगा चुका है। आज प्रदेश का युवा देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहा है। साथ ही उन पर भर्ती घोटालों की मार पड़ रही है।
हरियाणा बना पेपर लीक माफियाओं का गढ़: सैलजा
कुमारी सैलजा ने कहा कि पुलिस कांस्टेबल परीक्षा लीक मामले में धीरे-धीरे जो परतें खुल रही हैं, वे बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। प्रदेश पेपर लीक माफियाओं का गढ़ बन चुका है। क्या बिना किसी बड़ी शह के यह मुमकिन है? कुमारी सैलजा ने कहा कि इस पेपर लीक मामले में हरियाणा सरकार लिखी एक बोलेरो की भी संलिप्तता सामने आ रही है।
कुमारी सैलजा ने पूछा कि आखिर यह हरियाणा सरकार लिखी बोलेरो किसकी है? इस मामले में क्या किन्हीं बड़े लोगों का हाथ है? इस सरकार में 35 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। लगातार पेपर लीक हो रहे हैं फिर भी यह सरकार इनसे सबक लेने को तैयार क्यों नहीं है? कुमार सैलजा ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हरियाणा सरकार जानबूझकर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को चौपट कर रही है। इस सरकार के शासनकाल में पेपर लीक माफिया लगातार फल-फूल रहे हैं।
पेपर लीक मामलों पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री की चुप्पी से स्पष्ट संकेत: सुरजेवाला
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सभी पेपर लीक मामलों की हाईकोर्ट की देखरेख में सीबीआई जांच करवाने और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की है। सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री की चुप्पी से संकेत स्पष्ट हैं और उससे सफेदपोश दोषियों को सरकार के मूक समर्थन की बू आ रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश में हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट), क्लर्क, एक्साइज इंस्पेक्टर, एचसीएस ज्यूडिशियल, कंडक्टर, पटवारी, नायब तहसीलदार, आईटीआई इंस्पेक्टर, बिजली बोर्ड और ग्राम सचिव की भर्ती परीक्षा जैसी दर्जनों परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं लेकिन सरकार ऐसे व्यवहार कर रही है मानो कुछ न हुआ हो। उन्होंने कहा कि हर महीने एक नया पेपर लीक मामला सामने आने से युवाओं का इस प्रदेश सरकार से भरोसा खत्म हो चुका है।
एचएसएससी चेयरमैन ने डीजीपी को लिखा पत्र
उधर, पुरुष सिपाही की परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने हरियाणा के डीजीपी को पत्र लिखा है। पत्र में मांग गई है कि इस मामले की गंभीरता और गहनता के साथ जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो।
चेयरमैन ने कहा कि कैथल एसपी ने बताया है कि परीक्षा के समय चार युवाओं को प्रश्न पत्र की आंसर-की के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कड़ा एक्शन लिया जाए। उधर, हरियाणा पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है और पकड़े गए आरोपियों से गिरोह के सरगना के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।