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आखिरकार कार्रवाई क्यों नहीं होती है
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सेक्टर-5 स्थित पुलिस स्टेशन में एसएचओ से बातचीत करते गृह मंत्री अनिल विज।
- फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। आखिरकार कार्रवाई क्यों नहीं होती है....सेक्टर-5 के थाने के औचक निरीक्षण के बाद जैसे ही गृहमंत्री बाहर निकले तो वहां मौजूद एक शिकायतकर्ता महिला की शिकायत सुनने लगे। जैसे ही महिला की शिकायत गृहमंत्री के हाथों में आई तो अनिल विज लगभग चीख पड़े। अनिल विज के सामने खड़े सीपी और डीसीपी दोनों ही अधिकारी एकदम चुप रह गए तो वहीं थाना प्रभारी ललित शर्मा का हाल एकदम बुरा हो गया। अनिल विज ने महिला की शिकायत सीपी को सौंपकर कहा कि महिला इतने समय से यहां दौड़ रही है। ऐसे में तुरंत ही इसकी शिकायत दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि थाने में ड्यूटी में कोताही बरतने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। इतना कहने के बाद अनिल विज अपनी कार में बैठे और निकल गए। अनिल विज के जाते ही सीपी सौरभ सिंह और डीसीपी मोहित हांडा भी तुरंत ही चले गए।
थाने के बाहर पहुंच गए शिकायतकर्ता
एक तरफ गृहमंत्री अनिल विज सेक्टर-5 थाने की फाइलें खंगाल रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ उनके आने की खबर सुनते ही कई शिकायतकर्ता दौड़े चले आए। गृहमंत्री के आने के कारण कमांडो थाने के गेट पर थे और जनता बाहर। काफी देर तक शिकायतकर्ता यहां खड़े रहे पर जब उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो वह चिल्लाने तक लगे। ऐसे में पहले सीपी मोहित हांडा बाहर आए और उसके बाद सौरभ सिंह। मोहित हांडा ने सभी को एक लाइन बनाकर खड़ा होने को कह दिया।
ऐसे टॉयलेट रखेंगे कर्मचारियों के लिए
गृहमंत्री अनिल विज ने वाशरूम का निरीक्षण किया और बोले, ऐसा टॉयलेट तो नहीं देखा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का टॉयलेट उन्होंने नहीं देखा है। यहां तो हालात ही एकदम खराब हैं। अधिकारियों को डांटते उन्होंने कहा कि ऐसा टॉयलेट कहीं नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के हालात नहीं होने चाहिए। टॉयलेट का निरीक्षण करने के बाद अनिल विज बैरक देखने पहुंचे। उसके बाद उन्होंने अन्य कमरों का निरीक्षण भी किया।
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मेरी प्राइवेट फोर्स भी है, लगाऊं क्या
हुक्का बार की रिपोर्ट लेते समय गृहमंत्री ने कहा कि अब सेक्टर-5 के थाने के आसपास हुक्का बार चल रहे हैं कि नहीं। ऐसे में एसएचओ ने कहा कि जी नहीं, सब बंद हैं। ऐसे में अनिल विज ने कहा कि मैं पता लगाऊं क्या। जानते हो कि नहीं मेरी एक प्राइवेट फोर्स भी है। वह मुझको पल-पल की खबरें देती है। गृहमंत्री अनिल विज का गुस्सा जैसे-जैसे शिकायतें सामने आईं, बढ़ता चला गया। उन्होंने एक शिकायत के मामले में थाना प्रभारी को कहा कि किस जगह ऐसा लिखा है कि कोई अंग्रेजी में शिकायत दर्ज नहीं करवा सकता। ऐसा उन्होंने इस वजह से कहा कि किसी शिकायतकर्ता से यह कहा गया था कि वह हिंदी में शिकायत लिखकर दें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की ड्यूटी उन्होंने कहीं नहीं देखी।
हुक्का पकड़ा तो क्यों नहीं लिए सैंपल
कुछ समय पहले गृहमंत्री के आदेश पर 47 हुक्का बार में छापा मारा गया। ऐसे में अनिल विज ने एसएचओ से कहा कि आपके एरिया में कितने हुक्का बार हैं। ऐसे में एसएचओ ने जवाब दिया कि सात। अनिल विज ने कहा कि आपने कितनों पर मामला दर्ज किया। एसएचओ ने बताया कि एक पर। ऐसे में गृहमंत्री ने पूछा कि सैंपल लिया था कि नहीं। ऐसे में एसएचओ ने कहा जी मैंने फोन पर संबंधित विभाग को बता दिया था। एकबार फिर से गृहमंत्री भड़क गए और सीधे डीसीपी से पूछा कि सैंपल लेना चाहिए था कि नहीं?
क्यों नहीं दर्ज की आपने एफआईआर
थाने पहुंचे अनिल विज मुंशी के रूम में पहुंचे और वहां से फाइलें निकालकर शिकायतें चेक करने लगे। अनिल विज की नजर फाइलों में दबी शिकायतों पर पड़ी तो उन्होंने इसको निकाल लिया। फिर एक शिकायत निकालकर बोले, इस मामले में शिकायत क्यों नहीं दर्ज की गई। ऐसे में थाना प्रभारी चुप हो गए। क्रोधित होकर अनिल विज पहले तो एसएचओ पर शिकायत दर्ज न करने को लेकर भड़के और फिर शिकायतकर्ता के नंबर पर सीधे संपर्क करके उनसे सारी जानकारी ली और कहा कि आपका मामला दर्ज हो जाएगा।
मेरा नाम जानते हो, बोलकर बताओ
एकदम से एक्शन में आए हरियाणा के गृहमंत्री ने सेक्टर-5 के थाने के प्रभारी ललित शर्मा से सवाल जवाब करते वक्त कार्रवाई न किए जाने और लापरवाही को लेकर काफी ज्यादा गुस्से में थे। ऐसे में अनिल विज ने अपने स्टाइल में थाना प्रभारी को कहा, मेरा नाम जानते हो...थाना प्रभारी ने कहा जी...फिर अनिल विज बोले, बोलकर बताओ। तब थाना प्रभारी ने अटकते हुए धीरे से कहा जी....अनिल विज।
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थाने के बाहर पहुंच गए शिकायतकर्ता
एक तरफ गृहमंत्री अनिल विज सेक्टर-5 थाने की फाइलें खंगाल रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ उनके आने की खबर सुनते ही कई शिकायतकर्ता दौड़े चले आए। गृहमंत्री के आने के कारण कमांडो थाने के गेट पर थे और जनता बाहर। काफी देर तक शिकायतकर्ता यहां खड़े रहे पर जब उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो वह चिल्लाने तक लगे। ऐसे में पहले सीपी मोहित हांडा बाहर आए और उसके बाद सौरभ सिंह। मोहित हांडा ने सभी को एक लाइन बनाकर खड़ा होने को कह दिया।
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ऐसे टॉयलेट रखेंगे कर्मचारियों के लिए
गृहमंत्री अनिल विज ने वाशरूम का निरीक्षण किया और बोले, ऐसा टॉयलेट तो नहीं देखा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का टॉयलेट उन्होंने नहीं देखा है। यहां तो हालात ही एकदम खराब हैं। अधिकारियों को डांटते उन्होंने कहा कि ऐसा टॉयलेट कहीं नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के हालात नहीं होने चाहिए। टॉयलेट का निरीक्षण करने के बाद अनिल विज बैरक देखने पहुंचे। उसके बाद उन्होंने अन्य कमरों का निरीक्षण भी किया।
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मेरी प्राइवेट फोर्स भी है, लगाऊं क्या
हुक्का बार की रिपोर्ट लेते समय गृहमंत्री ने कहा कि अब सेक्टर-5 के थाने के आसपास हुक्का बार चल रहे हैं कि नहीं। ऐसे में एसएचओ ने कहा कि जी नहीं, सब बंद हैं। ऐसे में अनिल विज ने कहा कि मैं पता लगाऊं क्या। जानते हो कि नहीं मेरी एक प्राइवेट फोर्स भी है। वह मुझको पल-पल की खबरें देती है। गृहमंत्री अनिल विज का गुस्सा जैसे-जैसे शिकायतें सामने आईं, बढ़ता चला गया। उन्होंने एक शिकायत के मामले में थाना प्रभारी को कहा कि किस जगह ऐसा लिखा है कि कोई अंग्रेजी में शिकायत दर्ज नहीं करवा सकता। ऐसा उन्होंने इस वजह से कहा कि किसी शिकायतकर्ता से यह कहा गया था कि वह हिंदी में शिकायत लिखकर दें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की ड्यूटी उन्होंने कहीं नहीं देखी।
हुक्का पकड़ा तो क्यों नहीं लिए सैंपल
कुछ समय पहले गृहमंत्री के आदेश पर 47 हुक्का बार में छापा मारा गया। ऐसे में अनिल विज ने एसएचओ से कहा कि आपके एरिया में कितने हुक्का बार हैं। ऐसे में एसएचओ ने जवाब दिया कि सात। अनिल विज ने कहा कि आपने कितनों पर मामला दर्ज किया। एसएचओ ने बताया कि एक पर। ऐसे में गृहमंत्री ने पूछा कि सैंपल लिया था कि नहीं। ऐसे में एसएचओ ने कहा जी मैंने फोन पर संबंधित विभाग को बता दिया था। एकबार फिर से गृहमंत्री भड़क गए और सीधे डीसीपी से पूछा कि सैंपल लेना चाहिए था कि नहीं?
क्यों नहीं दर्ज की आपने एफआईआर
थाने पहुंचे अनिल विज मुंशी के रूम में पहुंचे और वहां से फाइलें निकालकर शिकायतें चेक करने लगे। अनिल विज की नजर फाइलों में दबी शिकायतों पर पड़ी तो उन्होंने इसको निकाल लिया। फिर एक शिकायत निकालकर बोले, इस मामले में शिकायत क्यों नहीं दर्ज की गई। ऐसे में थाना प्रभारी चुप हो गए। क्रोधित होकर अनिल विज पहले तो एसएचओ पर शिकायत दर्ज न करने को लेकर भड़के और फिर शिकायतकर्ता के नंबर पर सीधे संपर्क करके उनसे सारी जानकारी ली और कहा कि आपका मामला दर्ज हो जाएगा।
मेरा नाम जानते हो, बोलकर बताओ
एकदम से एक्शन में आए हरियाणा के गृहमंत्री ने सेक्टर-5 के थाने के प्रभारी ललित शर्मा से सवाल जवाब करते वक्त कार्रवाई न किए जाने और लापरवाही को लेकर काफी ज्यादा गुस्से में थे। ऐसे में अनिल विज ने अपने स्टाइल में थाना प्रभारी को कहा, मेरा नाम जानते हो...थाना प्रभारी ने कहा जी...फिर अनिल विज बोले, बोलकर बताओ। तब थाना प्रभारी ने अटकते हुए धीरे से कहा जी....अनिल विज।