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Panchkula News: पंचकूला में रेहड़ी-फड़ी वालों के खिलाफ कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Fri, 02 May 2025 01:13 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 02 May 2025 01:13 AM IST
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High court stays action against street vendors in Panchkula
नगर निगम से पूरे पंचकूला के वेंडिंग जोन का ब्योरा तलब
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याची ने कहा-रोजी-रोटी छीनने के लिए बार-बार काटे जा रहे मनमाने तरीके से चालान

हाईकोर्ट द्वारा वेंडरों के सर्वे होने तक चालान व उन्हें विस्थापित करने पर लगाई गई थी रोक

माई सिटी रिपोर्टर

चंडीगढ़। पंचकूला में स्ट्रीट वेंडरों को उनके स्थान से हटाने और चालान काटने के मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नगर निगम को वेंडिंग जोन से जुड़ा ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही वेंडरों को तय स्थान पर काम करने देने और उनके काम में बाधा डालने पर रोक लगा दी है।

मामले में याचिका दाखिल करते हुए फुटपाथ वर्कर स्वरोजगार बचाओ संघर्ष समिति ने कहा कि 16 नवंबर 2015 को हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए स्ट्रीट वेंडरों पर यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इन आदेशों के तहत पहले से मौजूद किसी भी वेंडर को उसके स्थान से हटाया नहीं जा सकता था। इसके तहत सबसे पहले टाउन वेंडिंग कमेटी बनाई जानी थी जिसे अपना सर्वे पूरा करना था। सर्वे पूरा होने के बाद वेंडरों को सर्टिफिकेट दिए जाने थे ताकि उनकी पहचान की जा सके। जब तक यह कार्य पूरा नहींं होता तब तक के लिए कोई चालान नहींं करने के आदेश थे। याची ने कहा कि पंचकूला में हुडा और पुलिस वेंडरों को लगातार परेशान कर रही है। दलील दी जाती है कि आदेशों के बारे में प्रतिवादियों को पता नहीं था जबकि ऐसा हो ही नहींं सकता, क्योंकि मुख्य आदेशों के बाद कई अवमानना याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं, जिन पर हुडा को नोटिस भी जारी हो चुका है। बावजूद इसके हुडा के अधिकारी वेंडरों को परेशान करने पर तुले हैं।
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मार्च 2014 में स्ट्रीट वेंडर एक्ट पास हुआ था
याचिकाकर्ता ने कहा कि 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन बनाम एमसी ग्रेटर मुंबई के मामले का फैसला सुनाते हुए टाउन वेंडिंग कमेटी बनाने के आदेश दिए थे। इन आदेशों के बाद देशभर के वेंडरों के लिए भारत सरकार ने मार्च 2014 में स्ट्रीट वेंडर (प्रोटेक्शन ऑफ लिविंगहुड एंड रेगुलेशन ऑफ स्ट्रीट वेडिंग) एक्ट पास किया था। इस एक्ट को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद 1 मई 2014 से लागू किया गया था। याची ने कहा कि इस एक्ट के तहत हर शहर में स्ट्रीट वेंडरों के लिए टाउन वेंडिंग कमेटी बनाने का प्रावधान है। इन प्रवधानों का पालन ज्यादातर स्थानों पर नहीं हो रहा है। याची ने कहा कि इसके अभाव में अधिकारी महीने में जब मन करता है आकर चालान काट देते हैं। महीने में अधिकतम चालान की कोई सीमा तय नहीं की गई है। याची ने कहा कि इस बारे में कई बार वेंडरों की एसोसिएशन ने अपने हक की रक्षा के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है और लगातार कई अवमानना याचिकाएं हाईकोर्ट में पहुंच चुकी हैं।
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