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321 करोड़ के बैंक फर्जीवाड़े में हाईकोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब

Wed, 29 Dec 2021 01:27 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 01:27 AM IST
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High Court seeks response from ED in 321 crore bank fraud
चंडीगढ़। फर्जी बैंक गारंटी के जरिये इंडियन ओवरसीज बैंक के अधिकारियों से मिलीभगत कर 321 करोड़ का फर्जीवाड़ा करने के मामले में परिंदा क्रिएशंस की प्रॉपर्टी अटैच करने के ईडी एडजुकेटिंग अथॉरिटी के आदेशों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी करने के साथ ही इस मामले में ईडी को 10 जनवरी के लिए नोटिस जारी किया है।
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जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस संदीप मौदगिल की खंडपीठ ने यह आदेश लुधियाना के परिंदा क्रिएशंस के निदेशक द्वारा एडवोकेट सौरभ कपूर के मार्फत दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। उल्लेखनीय है कि इस मामले के मुख्य आरोपी गौरव कृपाल की बेटी भी परिंदा क्रिएशंस में निदेशक है और इस मामले में सह-आरोपी है। परिंदा क्रिएशंस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि इस मामले में ईडी ने उसकी 10 कनाल और 16 मरले की व्यावसायिक प्रॉपर्टी अटैच करने के आदेश दिए हैं और इसे मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएल) की एडजुकेटिंग अथॉरिटी ने भी 13 दिसंबर को कन्फर्म कर दिया। इसके बाद 16 दिसंबर को उन्हें कब्जा छोड़ने के ऑर्डर थमा दिए गए।
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इसी के खिलाफ याचिकाकर्ता कंपनी ने याचिका दायर कर कहा है कि एडजुकेटिंग अथॉरिटी ने कानून का उल्लंघन करके यह आदेश दिए हैं क्योंकि निर्धारित कानून के अनुसार एडजुकेटिंग अथॉरिटी के चेयरमैन और कम से कम एक सदस्य का कोरम पूरा करने पर ही दिए जाते हैं। लेकिन उनकी प्रॉपर्टी अटैच करने के आदेश देते समय कोरम पूरा नहीं था और सिर्फ एक सदस्य ने ही यह आदेश जारी कर दिए हैं।
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यह है मामला
2016 में इंडियन ओवरसीज बैंक के अफसरों और हांगकांग की कंपनी से जुड़े व्यापारियों ने सांठगांठ कर खाताधारकों का 321 करोड़ का घोटाला कर दिया था। इन सभी ने पहले इंडियन ओवरसीज बैंक से फर्जी गारंटी पत्र तैयार कराया। इसके बाद बैंक आफ बड़ौदा और पीएनबी की शाखाओं से 321 करोड़ का लोन हासिल कर लिया। जब गारंटी पत्र के फर्जी होने का खुलासा हुआ तो इंडियन ओवरसीज सहित पीएनबी और बीओबी बैंक में हड़कंप मच गया। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा सीबीआई की जांच में हुआ था।
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