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Panchkula News: ऑनलाइन ठगी के मामलों में जांच में ढिलाई पर पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की फटकार
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ऑनलाइन ठगी के मामले में जांच में कोताही पर पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट नहीं आई तो सरकार पर 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इससे पहले अप्रैल में इसी मामले में हाईकोर्ट पंजाब पुलिस के अधिकारियों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा चुका है। इसके बावजूद जांच करने की इच्छा न दिखाने पर जीरो टॉलरेंस के रुख पर जोर दिया है।कपूरथला निवासी पुनीत गुप्ता ने उनके साथ हुई 28.84 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में पुलिस को शिकायत दी थी। याची ने बताया कि शिकायत के आधार पर 2021 में मामला भी दर्ज किया गया, लेकिन जांच में कोई प्रगति नहीं हो रही है इसके चलते उसे हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने अप्रैल में पंजाब सरकार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए कपूरथला पुलिस को यह राशि याची को सौंपने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट ने एसएसपी को राशि का भुगतान करने और इस राशि को एफआईआर दर्ज होने के बाद जितने एसएचओ रहे हैं उनसे वसूलने का आदेश दिया था। अब जब दोबारा मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट को बताया गया कि करीब ढाई साल बीतने के बावजूद अभी तक न तो जांच पूरी हुई है और न ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि 29 अप्रैल को लगाए गए 1 लाख रुपये के जुर्माने के बावजूद जांच एजेंसी के इरादे में कोई बदलाव नहीं आया है। अगर इस मामले में अब गंभीरता नहीं दिखाई गई तो दोबारा 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में मोबाइल कंपनी को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस जारी करने में इतनी देरी पर पुलिस के पास स्पष्टीकरण नहीं है। धारा 160 के तहत नोटिस पुलिस को गवाहों की उपस्थिति की आवश्यकता के लिए अधिकार देता है। ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले लोगों को जांच एजेंसी की निष्क्रियता के चलते अदालतों का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होना पड़ता है। याची बीते ढाई साल से जांच एजेंसी के पीछे भाग रहा है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आखिरी मौका देते हुए स्पष्ट कर दिया कि यदि अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट नहीं आई तो फिर से 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
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हाईकोर्ट ने एसएसपी को राशि का भुगतान करने और इस राशि को एफआईआर दर्ज होने के बाद जितने एसएचओ रहे हैं उनसे वसूलने का आदेश दिया था। अब जब दोबारा मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट को बताया गया कि करीब ढाई साल बीतने के बावजूद अभी तक न तो जांच पूरी हुई है और न ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि 29 अप्रैल को लगाए गए 1 लाख रुपये के जुर्माने के बावजूद जांच एजेंसी के इरादे में कोई बदलाव नहीं आया है। अगर इस मामले में अब गंभीरता नहीं दिखाई गई तो दोबारा 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में मोबाइल कंपनी को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस जारी करने में इतनी देरी पर पुलिस के पास स्पष्टीकरण नहीं है। धारा 160 के तहत नोटिस पुलिस को गवाहों की उपस्थिति की आवश्यकता के लिए अधिकार देता है। ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले लोगों को जांच एजेंसी की निष्क्रियता के चलते अदालतों का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होना पड़ता है। याची बीते ढाई साल से जांच एजेंसी के पीछे भाग रहा है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आखिरी मौका देते हुए स्पष्ट कर दिया कि यदि अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट नहीं आई तो फिर से 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
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