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रोपड़ में अवैध खनन मामले में जवाब न देने पर पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की फटकार
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चंडीगढ़। रोपड़ में अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल की गई याचिका पर जवाब दाखिल न करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार को हर हाल में 22 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
स्टोन क्रशर मालिक बचित्तर सिंह ने एडवोकेट मंसूर अली के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि इससे पहले भी उसने अवैध खनन को लेकर याचिका दाखिल की थी। तब हाईकोर्ट ने अवैध नाके लगा खनन सामग्री से भरे ट्रकों से अवैध वसूली के मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। बाद में सरकार के आश्वासन पर हाईकोर्ट ने सीबीआई से जांच वापस ले ली थी। अब याची ने बताया कि जो जगह खनन के लिए अलॉट की गई है उसके लिए पर्यावरण से जुड़ी मंजूरी ही नहीं ली गई है। पूर्व में ली गई मंजूरी की मियाद 2018 में ही खत्म हो चुकी है। मियाद खत्म होने के बावजूद यहां पर खनन का कार्य जारी है। याची ने इसके दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। बुधवार को याचिका सुनवाई के लिए पहुंची तो पंजाब सरकार ने समय दिए जाने की मांग की। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इस देरी पर जमकर फटकार लगाते हुए 22 फरवरी तक हर हाल में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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स्टोन क्रशर मालिक बचित्तर सिंह ने एडवोकेट मंसूर अली के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि इससे पहले भी उसने अवैध खनन को लेकर याचिका दाखिल की थी। तब हाईकोर्ट ने अवैध नाके लगा खनन सामग्री से भरे ट्रकों से अवैध वसूली के मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। बाद में सरकार के आश्वासन पर हाईकोर्ट ने सीबीआई से जांच वापस ले ली थी। अब याची ने बताया कि जो जगह खनन के लिए अलॉट की गई है उसके लिए पर्यावरण से जुड़ी मंजूरी ही नहीं ली गई है। पूर्व में ली गई मंजूरी की मियाद 2018 में ही खत्म हो चुकी है। मियाद खत्म होने के बावजूद यहां पर खनन का कार्य जारी है। याची ने इसके दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। बुधवार को याचिका सुनवाई के लिए पहुंची तो पंजाब सरकार ने समय दिए जाने की मांग की। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इस देरी पर जमकर फटकार लगाते हुए 22 फरवरी तक हर हाल में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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