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Panchkula News: नाबालिग पत्नी के गर्भवती होने पर पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर हाईकोर्ट ने की रद्द

Wed, 20 Mar 2024 01:39 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Mar 2024 01:39 AM IST
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High Court cancels FIR lodged against husband for minor wife's pregnancy
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए नाबालिग पत्नी से दुष्कर्म के आरोपी पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कानून के पालन के दौरान वास्तविकता पर गौर करना बेहद जरूरी है।
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याचिका दाखिल करते हुए पति ने बताया था कि उसका विवाह हिंदू रीति रिवाज के हिसाब से हुआ था। जब उसकी पत्नी बीमार हुई तो वह उसे चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचा था। तब डॉक्टरों ने बताया था कि उसकी पत्नी गर्भवती है और नाबालिग है। इसके बाद सारंगपुर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था और याची को गिरफ्तार कर लिया था। कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई थी और जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए बेसहारा हुई महिलाओं के लिए योजना को लेकर सुनवाई शुरू की थी।
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इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर याची व उसकी पत्नी के बयान दर्ज कराए गए और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। याची की पत्नी ने कहा कि उसने याची के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी थी और वह अपने पति के साथ रहना चाहती है। उससे कुछ कागजों पर दस्तखत ले लिए गए थे। सभी पक्षों को सुनकर हाईकोर्ट ने कहा कि याची व उसकी पत्नी सुखी जीवन जी रहे थे और दोनों एक-दूसरे के साथ खुश थे। भले ही लड़की की आयु विवाह के लिए उपयुक्त नहीं थी, लेकिन इससे विवाह अमान्य नहीं हो जाता। इससे विवाह अमान्य होने योग्य होता है, लेकिन केवल तब जब नाबालिग इसका विरोध करे। ऐसे में याची व उसकी पत्नी का विवाह वैध है और वह पति होने के नाते उसका कानूनी अभिभावक है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि पॉक्सो एक्ट नाबालिगों को यौन अत्याचार से बचाने के लिए बनाया गया है और यह कल्याणकारी कानून है। इसका अनुपालन करते हुए वास्तविकता पर गौर करना जरूरी है। याची व उसकी पत्नी अपने बच्चे को खो चुके हैं और जीवन को पटरी पर लौटाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने याची पर दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है।
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