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हाईकोर्ट बाउंड्री वॉल: 19 दिन बीते, अभी भी परीक्षण में जुटा प्रशासन
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हाईकोर्ट बाउंड्री वॉल: 19 दिन बीते, अभी भी परीक्षण में जुटा प्रशासन
- हेरिटेज की सब-कमेटी ने कहा- कुछ ही हिस्से में बन सकती है दीवार, कोई और तरीका अपनाएं
- एडवाइजर मनोज परिदा बोले- अभी भी कर रहे हैं परीक्षण, प्रशासक लेंगे आखिरी फैसला
- पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन हफ्ते में बाउंड्री वॉल बनाने के दिए थे आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार बनाने के आदेश को 19 दिन बीत चुके हैं। सुरक्षा के लिए बनने वाली चहारदीवारी को लेकर अभी भी चंडीगढ़ प्रशासन परीक्षण में लगा है। हेरिटेज की सब-कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुछ ही जगह पर दीवार बनाई जा सकती है। बाकी के जगहों के लिए कोई और तरीका अपनाना पड़ेगा।
हाईकोर्ट के चारों ओर दीवार बनाने के आदेश पर प्रशासन का तर्क है कि यह दीवार भवन के हेरिटेज स्टेटस के खिलाफ होगी। हेरिटेज की सब-कमेटी ने पूरे इलाके का सर्वे किया। इसके बाद पाया कि हाईकोर्ट के ज्यादातर हिस्से से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है, क्योंकि वह भी हेरिटेज का हिस्सा है। हालांकि, कुछ हिस्से जहां जंगली इलाका है, वहां पर दीवार बनाई जा सकती है। बाकी के हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए दीवार बनाने की बजाए किसी और तरीके के बारे में विचार करना होगा। सब कमेटी ने अपनी पूरी रिपोर्ट मुख्य हेरिटेज कमेटी को भेज दी है। मुख्य हेरिटेज कमेटी के चेयरमैन एडवाइजर मनोज परिदा हैं। गौरतलब है कि चंडीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों को हाईकोर्ट की सुरक्षा कमेटी ने चहारदीवारी बनाने के लिए 25 अक्टूबर के बाद सात दिन के अंदर अनुमानित लागत तैयार करने के आदेश दिए थे। इसके बाद तीन हफ्ते के अंदर हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार बनाने को कहा गया था। आदेश के अगले ही दिन प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर शुरू हो गया था।
हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी ने दिए थे यह आदेश
हाईकोर्ट को मिल रहीं धमकियों के बाद बीते दिनों जस्टिस राजीव शर्मा की अध्यक्षता में हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी बैठक की हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई। इसके बाद हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार और उसके ऊपर कंटीली तार लगाने के आदेश जारी किए गए थे। साथ ही कमेटी ने कहा कि हाईकोर्ट भवन सुरक्षित नहीं है, यहां कोई भी बाहरी प्रवेश कर सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन बार-बार हेरिटेज स्टेटस का कार्ड खेलना बंद करे और तीन हफ्ते के अंदर बाउंड्री वॉल बनाए। कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर को काम शुरू होने के बाद से हर हफ्ते की फोटो मांगी है, ताकि चल रहे काम की निगरानी की जा सके, लेकिन तीन हफ्ते भी बीतने वाले हैं और प्रशासन अभी तक यही तय नहीं कर पाया है कि दीवार बनाई जा सकती है या नहीं।
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---वर्जन---
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चारों ओर दीवार बनाई जा सकती है या नहीं, इसे लेकर अभी परीक्षण किया जा रहा है। आखिरी फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ही लेंगे।
- मनोज परिदा, एडवाइजर
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- हेरिटेज की सब-कमेटी ने कहा- कुछ ही हिस्से में बन सकती है दीवार, कोई और तरीका अपनाएं
- एडवाइजर मनोज परिदा बोले- अभी भी कर रहे हैं परीक्षण, प्रशासक लेंगे आखिरी फैसला
- पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन हफ्ते में बाउंड्री वॉल बनाने के दिए थे आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार बनाने के आदेश को 19 दिन बीत चुके हैं। सुरक्षा के लिए बनने वाली चहारदीवारी को लेकर अभी भी चंडीगढ़ प्रशासन परीक्षण में लगा है। हेरिटेज की सब-कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुछ ही जगह पर दीवार बनाई जा सकती है। बाकी के जगहों के लिए कोई और तरीका अपनाना पड़ेगा।
हाईकोर्ट के चारों ओर दीवार बनाने के आदेश पर प्रशासन का तर्क है कि यह दीवार भवन के हेरिटेज स्टेटस के खिलाफ होगी। हेरिटेज की सब-कमेटी ने पूरे इलाके का सर्वे किया। इसके बाद पाया कि हाईकोर्ट के ज्यादातर हिस्से से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है, क्योंकि वह भी हेरिटेज का हिस्सा है। हालांकि, कुछ हिस्से जहां जंगली इलाका है, वहां पर दीवार बनाई जा सकती है। बाकी के हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए दीवार बनाने की बजाए किसी और तरीके के बारे में विचार करना होगा। सब कमेटी ने अपनी पूरी रिपोर्ट मुख्य हेरिटेज कमेटी को भेज दी है। मुख्य हेरिटेज कमेटी के चेयरमैन एडवाइजर मनोज परिदा हैं। गौरतलब है कि चंडीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों को हाईकोर्ट की सुरक्षा कमेटी ने चहारदीवारी बनाने के लिए 25 अक्टूबर के बाद सात दिन के अंदर अनुमानित लागत तैयार करने के आदेश दिए थे। इसके बाद तीन हफ्ते के अंदर हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार बनाने को कहा गया था। आदेश के अगले ही दिन प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर शुरू हो गया था।
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हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी ने दिए थे यह आदेश
हाईकोर्ट को मिल रहीं धमकियों के बाद बीते दिनों जस्टिस राजीव शर्मा की अध्यक्षता में हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी बैठक की हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई। इसके बाद हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार और उसके ऊपर कंटीली तार लगाने के आदेश जारी किए गए थे। साथ ही कमेटी ने कहा कि हाईकोर्ट भवन सुरक्षित नहीं है, यहां कोई भी बाहरी प्रवेश कर सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन बार-बार हेरिटेज स्टेटस का कार्ड खेलना बंद करे और तीन हफ्ते के अंदर बाउंड्री वॉल बनाए। कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर को काम शुरू होने के बाद से हर हफ्ते की फोटो मांगी है, ताकि चल रहे काम की निगरानी की जा सके, लेकिन तीन हफ्ते भी बीतने वाले हैं और प्रशासन अभी तक यही तय नहीं कर पाया है कि दीवार बनाई जा सकती है या नहीं।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चारों ओर दीवार बनाई जा सकती है या नहीं, इसे लेकर अभी परीक्षण किया जा रहा है। आखिरी फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ही लेंगे।
- मनोज परिदा, एडवाइजर