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Panchkula News: हवाला मामले में एनआईए अदालत में सुनवाई, आयकर विभाग की याचिका मंजूर
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मोहाली। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की अदालत में हवाला की राशि (सीआरपीसी एक्ट 1973 की धारा 451 व इनकम टैक्स एक्ट की धारा 132ए ) मामले में नामजद आरोपी राजूभाई प्रह्लादभाई पटेल के मामले की सुनवाई हुई। इस मामले में इनकम टैक्स ने एनआईए की ओर से जब्त की गई एक करोड़ 58 लाख 75 हजार 50 रुपये की राशि को जारी करवाने के लिए याचिका लगाई थी। जिसे एनआईए अदालत ने मंजूर कर लिया है और इस राशि को इनकम टैक्स विभाग को सीज करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक इस मामले में एक अन्य आरोपी गगनदीप सिंह उर्फ गग्गी की मौत हो चुकी है।
एनआईए ने 21 फरवरी 2023 को इस मामले में एफआईआर नंबर (आरसी-01/2022/एनआईए/डीएलआई) दर्ज की थी। एनआईए कोराजूभाई प्रह्लादभाई पटेल के दिल्ली स्थित चांदनी चौक कार्यालय परिसर से तलाशी के दौरान उक्त राशि जब्त की थी। यह राशि पुलिस अधीक्षक एनआईए शाखा चंडीगढ़ की हिरासत में है। एनआईए चंडीगढ़ द्वारा जब्त की गई नकदी को आयकर विभाग की हिरासत में लेने के लिए अदालत में याचिका लगाई गई थी। अदालत में इनकम टैक्स विभाग की ओर से पेश हुए वकील ने यह तर्क दिया कि एनआईए ने जो उक्त राशि जब्त की थी उस मामले की जांच इनकम टैक्स के डिप्टी डायरेक्टर इंवेस्टिगेशन यूनिट-7 (3) न्यू दिल्ली के पास पेंडिंग हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जांच के दौरान दावेदार को जब्त की गई नकदी रखने के लिए आमदन के स्रोत का विवरण करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करवाने के लिए कई बार मौके दिए गए। हालांकि दावेदार ने इसका कोई भी जवाब नहीं दिया। उन्होंने अदालत को कहा कि यह राशि जो एनआईए की हिरासत में है उसे इनकम टैक्स विभाग को रिलीज किया जाए।
वहीं, दूसरी ओर एनआईए की ओर से पेश हुए सरकारी वकील ने अदालत में तर्क दिया कि डिजिटल डाटा की जांच और मामले की जांच दौरान गवाहों की जुबानी जांच के आधार पर पटेल के घर की तलाशी ली गई थी। सीआरपीसी की धारा 165 के प्रावधानों के अनुसार पटेल के परिसर की तलाशी के दौरान सीआरपीसी की धारा 102 के प्रावधानों के तहत 1,58,75,050/- रुपये की नकदी, साथ ही दो मोबाइल फोन और तीन नकदी गिनने वाली मशीनें जब्त की गई थी। सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस के अनुपालन में राजू पटेल अपने वकील के साथ जांच में शामिल हुए और उनके पेशी पर बड़ी मात्रा में हवाला टोकन जब्त किए गए, लेकिन वह अपने यहां पाई गई इतनी बड़ी मात्रा में नकदी के वैध स्रोत के बारे में संतोषजनक ढंग से नहीं बता सके। न ही वह अपनी व्यावसायिक गतिविधि से संबंधित उचित कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत कर सका।
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राजू भाई पटेल के पास से जब्त किए गए रिकॉर्ड और 1,58,75,050 रुपये की नकदी सहित भौतिक सबूतों के आधार पर वह एक हवाला ऑपरेटर पाया गया था, जो भुगतान के लिए अवैध लेनदेन के लिए व्यापारियों को सुविधा प्रदान करने में शामिल है। अदालत को यह भी बताया गया कि 23 अक्तूबर 2023 को इस अदालत ने रुपये की नकद राशि जारी करने के लिए दायर राजू भाई पटेल के आवेदन को खारिज कर दिया था। वहीं एनआईए आयकर विभाग द्वारा उक्त राशि को हिरासत में लेने के लिए दायर की गई याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। एनआईए द्वारा दी गई कोई आपत्ति नहीं होने के मद्देनजर आयकर विभाग की याचिका को अदालत ने मंजूर कर लिया और अब जब्त की गई राशि को आयकर विभाग अपनी हिरासत में लेगा।
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एनआईए ने 21 फरवरी 2023 को इस मामले में एफआईआर नंबर (आरसी-01/2022/एनआईए/डीएलआई) दर्ज की थी। एनआईए कोराजूभाई प्रह्लादभाई पटेल के दिल्ली स्थित चांदनी चौक कार्यालय परिसर से तलाशी के दौरान उक्त राशि जब्त की थी। यह राशि पुलिस अधीक्षक एनआईए शाखा चंडीगढ़ की हिरासत में है। एनआईए चंडीगढ़ द्वारा जब्त की गई नकदी को आयकर विभाग की हिरासत में लेने के लिए अदालत में याचिका लगाई गई थी। अदालत में इनकम टैक्स विभाग की ओर से पेश हुए वकील ने यह तर्क दिया कि एनआईए ने जो उक्त राशि जब्त की थी उस मामले की जांच इनकम टैक्स के डिप्टी डायरेक्टर इंवेस्टिगेशन यूनिट-7 (3) न्यू दिल्ली के पास पेंडिंग हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जांच के दौरान दावेदार को जब्त की गई नकदी रखने के लिए आमदन के स्रोत का विवरण करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करवाने के लिए कई बार मौके दिए गए। हालांकि दावेदार ने इसका कोई भी जवाब नहीं दिया। उन्होंने अदालत को कहा कि यह राशि जो एनआईए की हिरासत में है उसे इनकम टैक्स विभाग को रिलीज किया जाए।
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वहीं, दूसरी ओर एनआईए की ओर से पेश हुए सरकारी वकील ने अदालत में तर्क दिया कि डिजिटल डाटा की जांच और मामले की जांच दौरान गवाहों की जुबानी जांच के आधार पर पटेल के घर की तलाशी ली गई थी। सीआरपीसी की धारा 165 के प्रावधानों के अनुसार पटेल के परिसर की तलाशी के दौरान सीआरपीसी की धारा 102 के प्रावधानों के तहत 1,58,75,050/- रुपये की नकदी, साथ ही दो मोबाइल फोन और तीन नकदी गिनने वाली मशीनें जब्त की गई थी। सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस के अनुपालन में राजू पटेल अपने वकील के साथ जांच में शामिल हुए और उनके पेशी पर बड़ी मात्रा में हवाला टोकन जब्त किए गए, लेकिन वह अपने यहां पाई गई इतनी बड़ी मात्रा में नकदी के वैध स्रोत के बारे में संतोषजनक ढंग से नहीं बता सके। न ही वह अपनी व्यावसायिक गतिविधि से संबंधित उचित कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत कर सका।
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राजू भाई पटेल के पास से जब्त किए गए रिकॉर्ड और 1,58,75,050 रुपये की नकदी सहित भौतिक सबूतों के आधार पर वह एक हवाला ऑपरेटर पाया गया था, जो भुगतान के लिए अवैध लेनदेन के लिए व्यापारियों को सुविधा प्रदान करने में शामिल है। अदालत को यह भी बताया गया कि 23 अक्तूबर 2023 को इस अदालत ने रुपये की नकद राशि जारी करने के लिए दायर राजू भाई पटेल के आवेदन को खारिज कर दिया था। वहीं एनआईए आयकर विभाग द्वारा उक्त राशि को हिरासत में लेने के लिए दायर की गई याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। एनआईए द्वारा दी गई कोई आपत्ति नहीं होने के मद्देनजर आयकर विभाग की याचिका को अदालत ने मंजूर कर लिया और अब जब्त की गई राशि को आयकर विभाग अपनी हिरासत में लेगा।