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हरियाणा : सर्वे में अपनी जाति छुपा रहे हरियाणवी, परिवार पहचान पत्र से प्राप्त डाटा का कास्ट वेरिफिकेशन करा रही राज्य सरकार
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चंडीगढ़। हरियाणा के लोग प्रदेश सरकार को अपनी जाति बताने में हिचकिचा रहे हैं। परिवार पहचान पत्र से प्राप्त डाटा के आधार पर सरकार जाति वेरिफाई को लेकर सर्वे करा रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में 45.5 और ग्रामीण क्षेत्र में 23 प्रतिशत लोगों ने अपनी जाति की जानकारी नहीं दी है। इस कार्य को समय पर पूरा कराने को लेकर प्रदेश सरकार ने सभी डीसी को दिशा निर्देश जारी किए हैं।
हरियाणा सरकार की योजना है कि भविष्य में सभी सरकारी योजनाएं पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) से जोड़ी जाएं। बुढ़ापा पेंशन, राशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र आदि इसी से जोड़े जाएं। इसीलिए जाति के डाटा के वेरिफाई किया जा रहा है। नए साल से सरकार ने इसकी तैयारी कर रखी है। संबंधित व्यक्ति की आय, आयु और शैक्षणिक योग्यता की पूरी जानकारी सरकार के पास होगी। पीपीपी बनवाते समय संबंधित व्यक्ति से उसकी जाति पूछी जाती है, इसमें जनरल, एससी और बीसी आदि कालम भरना होता है। इसी आधार पर सरकार अब इस डाटा को वेरिफाई कर रही है। लेकिन लोग अपनी जाति की जानकारी देने से बच रहे हैं। शहरी क्षेत्र के 8 जिले ऐसे हैं, जहां पर 90 प्रतिशत से अधिक जानकारी लंबित है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में कई जिलों में डाटा वेरिफाई नहीं हुआ है।
जिला शहरी ग्रामीण (पेंडिंग प्रतिशत में)
अंबाला 43.9 9.7
भिवानी 91.4 24.5
चरखीदादरी 99.9 33.6
फरीदाबाद 38.1 7.4
फतेहाबाद 90.4 20.7
गुरुग्राम 31.9 39.4
हिसार 96.0 34.2
झज्जर 99.8 11.6
जींद 3.8 20.6
कैथल 14.6 3.9
करनाल 35.9 18.5
कुरुक्षेत्र 20.5 23.6
महेंद्रगढ़ 99.9 51.8
नूंह 15.5 5.0
पलवल 33.0 33.4
पंचकूला 51.8 17.9
पानीपत 1.7 9.1
रेवाड़ी 31.5 20.6
रोहतक 22.1 9.3
सिरसा 88.8 35.4
सोनीपत 47.2 35.3
यमुनानगर 62.8 28.4
कुल 45.5 23.2
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हरियाणा सरकार की योजना है कि भविष्य में सभी सरकारी योजनाएं पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) से जोड़ी जाएं। बुढ़ापा पेंशन, राशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र आदि इसी से जोड़े जाएं। इसीलिए जाति के डाटा के वेरिफाई किया जा रहा है। नए साल से सरकार ने इसकी तैयारी कर रखी है। संबंधित व्यक्ति की आय, आयु और शैक्षणिक योग्यता की पूरी जानकारी सरकार के पास होगी। पीपीपी बनवाते समय संबंधित व्यक्ति से उसकी जाति पूछी जाती है, इसमें जनरल, एससी और बीसी आदि कालम भरना होता है। इसी आधार पर सरकार अब इस डाटा को वेरिफाई कर रही है। लेकिन लोग अपनी जाति की जानकारी देने से बच रहे हैं। शहरी क्षेत्र के 8 जिले ऐसे हैं, जहां पर 90 प्रतिशत से अधिक जानकारी लंबित है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में कई जिलों में डाटा वेरिफाई नहीं हुआ है।
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जिला शहरी ग्रामीण (पेंडिंग प्रतिशत में)
अंबाला 43.9 9.7
भिवानी 91.4 24.5
चरखीदादरी 99.9 33.6
फरीदाबाद 38.1 7.4
फतेहाबाद 90.4 20.7
गुरुग्राम 31.9 39.4
हिसार 96.0 34.2
झज्जर 99.8 11.6
जींद 3.8 20.6
कैथल 14.6 3.9
करनाल 35.9 18.5
कुरुक्षेत्र 20.5 23.6
महेंद्रगढ़ 99.9 51.8
नूंह 15.5 5.0
पलवल 33.0 33.4
पंचकूला 51.8 17.9
पानीपत 1.7 9.1
रेवाड़ी 31.5 20.6
रोहतक 22.1 9.3
सिरसा 88.8 35.4
सोनीपत 47.2 35.3
यमुनानगर 62.8 28.4
कुल 45.5 23.2