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Panchkula News: हरियाणा पुलिस को बारूद और मादक पदार्थ खोजना होगा आसान, भानू में प्रशिक्षण ले रहे 14 श्वान
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। आईटीबीपी भानू में स्थित नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग एंड एनिमल हरियाणा पुलिस के श्वान दस्ते को प्रशिक्षित कर रहा है। इसमें हरियाणा पुलिस के 27 जवान और 14 श्वान बेसिक प्रशिक्षण ले रहे हैं। एडवांस कोर्स में हरियाणा पुलिस के श्वान दस्ते को तीन प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें ट्रैकर श्वान प्रशिक्षण, बारूद खोजी श्वान प्रशिक्षण और मादक पदार्थ खोजी श्वान प्रशिक्षण दिया जाता है। बेसिक प्रशिक्षण के दौरान श्वान को मुख्य रूप से आठ पाठ सिखाए जा रहे हैं।
इसमें हिल वाक में श्वान को चालक के बाएं चलना, श्वान को चालक के आदेश पर बैठना, उच्च अधिकारी के सामने जवान को सावधान की जरूरत होती है, उसी प्रकार श्वान को भी बैठना-उठना सिखाया जाता है। लड़ाई के मैदान में दुश्मन की नजर व गोली से बचने के लिए छोटी से छोटी पोजीशन बनाकर समतल होना सिखाया जाता है। श्वान ज्यादा देर तक समतल नहीं रह सकता है। थकने की हालत में रेस्ट करना सिखाया जाता है। श्वान के शरीर का निरीक्षण करने के लिए लेटो पोजीशन सिखाया जाता है। दुश्मन की नजर व गोली से बचने के लिए कोई आड़ पकड़ने के लिए रोल करना भी सिखाया जाता है ताकि श्वान चालक के साथ श्वान भी रोल करके छिपाव वाली जगह पर जा सके।
आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि हरियाणा पुलिस बल को मजबूत बनाने के लिए यह श्वान दस्ता तैयार किया जा रहा है। 14 श्वान सही तरीके से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वर्तमान समय में पुलिस बलों के लिए श्वान दस्ते को प्रशिक्षित किया जाना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस बल श्वान दस्ते की सहायता से अपराध को कम करने व अपराधी तक पहुंचने में सफलता हासिल कर रही है। इन सब गतिविधियों को देखते हुए अखिल भारतीय स्तर पर पुलिस श्वान दस्ते की प्रतियोगिताएं भी की जा रही है।
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आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि श्वान के लिए कोर्स की अवधि आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग होती है। यह कोर्स, जिसमें हरियाणा पुलिस के श्वान दस्ते को प्रशिक्षित किया जा रहा है इसकी प्रशिक्षण अवधि 12 सप्ताह है। इन 12 सप्ताह में बेसिक प्रशिक्षण दिया जाता है। बेसिक प्रशिक्षण के दौरान श्वान को अनुशासन में ढाला जाता है। इस दौरान श्वान को अपने हैंडलर के आदेशों को समझना और उसके आदेशों के अनुसार कार्रवाई करना सिखाया जाता है।
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पंचकूला। आईटीबीपी भानू में स्थित नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग एंड एनिमल हरियाणा पुलिस के श्वान दस्ते को प्रशिक्षित कर रहा है। इसमें हरियाणा पुलिस के 27 जवान और 14 श्वान बेसिक प्रशिक्षण ले रहे हैं। एडवांस कोर्स में हरियाणा पुलिस के श्वान दस्ते को तीन प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें ट्रैकर श्वान प्रशिक्षण, बारूद खोजी श्वान प्रशिक्षण और मादक पदार्थ खोजी श्वान प्रशिक्षण दिया जाता है। बेसिक प्रशिक्षण के दौरान श्वान को मुख्य रूप से आठ पाठ सिखाए जा रहे हैं।
इसमें हिल वाक में श्वान को चालक के बाएं चलना, श्वान को चालक के आदेश पर बैठना, उच्च अधिकारी के सामने जवान को सावधान की जरूरत होती है, उसी प्रकार श्वान को भी बैठना-उठना सिखाया जाता है। लड़ाई के मैदान में दुश्मन की नजर व गोली से बचने के लिए छोटी से छोटी पोजीशन बनाकर समतल होना सिखाया जाता है। श्वान ज्यादा देर तक समतल नहीं रह सकता है। थकने की हालत में रेस्ट करना सिखाया जाता है। श्वान के शरीर का निरीक्षण करने के लिए लेटो पोजीशन सिखाया जाता है। दुश्मन की नजर व गोली से बचने के लिए कोई आड़ पकड़ने के लिए रोल करना भी सिखाया जाता है ताकि श्वान चालक के साथ श्वान भी रोल करके छिपाव वाली जगह पर जा सके।
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आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि हरियाणा पुलिस बल को मजबूत बनाने के लिए यह श्वान दस्ता तैयार किया जा रहा है। 14 श्वान सही तरीके से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वर्तमान समय में पुलिस बलों के लिए श्वान दस्ते को प्रशिक्षित किया जाना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस बल श्वान दस्ते की सहायता से अपराध को कम करने व अपराधी तक पहुंचने में सफलता हासिल कर रही है। इन सब गतिविधियों को देखते हुए अखिल भारतीय स्तर पर पुलिस श्वान दस्ते की प्रतियोगिताएं भी की जा रही है।
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आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि श्वान के लिए कोर्स की अवधि आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग होती है। यह कोर्स, जिसमें हरियाणा पुलिस के श्वान दस्ते को प्रशिक्षित किया जा रहा है इसकी प्रशिक्षण अवधि 12 सप्ताह है। इन 12 सप्ताह में बेसिक प्रशिक्षण दिया जाता है। बेसिक प्रशिक्षण के दौरान श्वान को अनुशासन में ढाला जाता है। इस दौरान श्वान को अपने हैंडलर के आदेशों को समझना और उसके आदेशों के अनुसार कार्रवाई करना सिखाया जाता है।