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सांड्रस और चानन सिंह को रूल 14.29 से हरियाणा पुलिस आज भी दे रही सम्मान
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार द्वारा आज भी पंजाब पुलिस रूल्स के रूल 14.29 को रद्द नहीं किया गया है और इसके तहत जेपी सांड्रस और चानन सिंह को सम्मान दिया जा रहा है। इस रूल के तहत एक फंड बना है जिससे ड्यूटी के दौरान मारे गए पुलिस कर्मियों के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसे रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
चंडीगढ़ के एक लॉ कॉलेज के एक छात्र रेवंत कौशिश ने हाईकोर्ट को बताया है कि उसने हाल ही में चंद्रशेखर आजाद पर आधारित पुस्तक ‘चंद्र शेखर आजाद विवेशकशील क्रांतिकारी’ पढ़ी थी। इसमें लाहौर के एएसपी जेपी सांड्रस की हत्या का जिक्र था। पुस्तक के अनुसार जब सांड्रस की हत्या की गई तो चानन सिंह नाम के हेड कांस्टेबल ने भगत सिंह का पीछा कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की थी। चानन सिंह को रोकने के लिए चंद्रशेखर आजाद ने उसके पैर पर गोली चलाई थी। चानन सिंह भारतीय था और चंद्रशेखर किसी भारतीय की हत्या नहीं करना चाहते थे इसलिए गोली पैर पर चलाई गई थी। बाद में चानन सिंह की अधिक खून बहने से मौत हो गई थी।
याचिकाकर्ता ने बताया कि 1934 में रूल 14.29 को शामिल कर सांड्रस और चानन सिंह के नाम पर एक फंड बनाया गया था। ड्यूटी के दौरान मरे पुलिस कर्मियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने के लिए यह फंड तैयार किया गया था। इसके माध्यम से सांड्रस और चानन सिंह को सम्मान दिया गया था। पंजाब सरकार ने तो 2003 में इस फंड के नाम में बदलाव कर दिया, लेकिन हरियाणा में आज भी इसी नाम से फंड जारी है। अब याचिकाकर्ता ने इस मामले में हरियाणा में इस रूल को रद्द करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने अब याचिका में हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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चंडीगढ़ के एक लॉ कॉलेज के एक छात्र रेवंत कौशिश ने हाईकोर्ट को बताया है कि उसने हाल ही में चंद्रशेखर आजाद पर आधारित पुस्तक ‘चंद्र शेखर आजाद विवेशकशील क्रांतिकारी’ पढ़ी थी। इसमें लाहौर के एएसपी जेपी सांड्रस की हत्या का जिक्र था। पुस्तक के अनुसार जब सांड्रस की हत्या की गई तो चानन सिंह नाम के हेड कांस्टेबल ने भगत सिंह का पीछा कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की थी। चानन सिंह को रोकने के लिए चंद्रशेखर आजाद ने उसके पैर पर गोली चलाई थी। चानन सिंह भारतीय था और चंद्रशेखर किसी भारतीय की हत्या नहीं करना चाहते थे इसलिए गोली पैर पर चलाई गई थी। बाद में चानन सिंह की अधिक खून बहने से मौत हो गई थी।
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याचिकाकर्ता ने बताया कि 1934 में रूल 14.29 को शामिल कर सांड्रस और चानन सिंह के नाम पर एक फंड बनाया गया था। ड्यूटी के दौरान मरे पुलिस कर्मियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने के लिए यह फंड तैयार किया गया था। इसके माध्यम से सांड्रस और चानन सिंह को सम्मान दिया गया था। पंजाब सरकार ने तो 2003 में इस फंड के नाम में बदलाव कर दिया, लेकिन हरियाणा में आज भी इसी नाम से फंड जारी है। अब याचिकाकर्ता ने इस मामले में हरियाणा में इस रूल को रद्द करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने अब याचिका में हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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