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Panchkula News: बिना पक्ष रखने का मौका दिए कार्रवाई पर सरकार को फटकार, मुख्य सचिव को नोटिस

Thu, 13 Apr 2023 01:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Apr 2023 01:27 AM IST
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Government reprimanded for taking action without giving a chance to present, notice to Chief Secretary
चंडीगढ़। डिपो होल्डरों को बिना पक्ष रखने का मौका दिए उनके लाइसेंस निलंबित करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वैधानिक प्रावधानों के बारे में जानकारी की कमी के कारण अधिकारी बिना विवेक का इस्तेमाल किए या अज्ञानता में अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अब मुख्य सचिव को पक्ष बना नोटिस जारी कर इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए मोगा निवासी 70 डिपो होल्डरों ने बताया कि डीएफएससी ने उनका लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इससे पहले भी कुछ डिपो होल्डरों का लाइसेंस निलंबित किया गया था और तब भी इसे चुनौती दी गई थी। तकनीकी आधार पर दाखिल इस याचिका का पंजाब सरकार द्वारा प्रावधान में किए गए संशोधन के बाद निपटारा कर दिया गया थ। अब मोगा के जिला खाद्य अधिकारी ने फिर से लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। कोर्ट को बताया गया कि डिपो होल्डरों को जिस दिन कारण बताओ नोटिस जारी किया गया उसी दिन उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया जो न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न इस आदेश पर रोक लगा दी जाए। साथ ही मोगा के जिला खाद्य अधिकारी को अगली सुनवाई पर पेश होने का आदेश दिया है।
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क्या अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है कि वे कैसे करें शक्तियों का इस्तेमाल
पंजाब के अधिकारियों के इस रवैए को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार के रवैए के कारण पूर्व के मामले की तरह याचिकाओं की बाढ़ आ सकती है। ऐसे में कोर्ट यह जानना चाहता है कि क्या पंजाब के अधिकारियों को यह प्रशिक्षण दिया गया है कि अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कैसे किया जाए। कोर्ट ने कहा कि यह मामला शक्तियां न होने का नहीं बल्कि इसे मनमाने तरीके से इस्तेमाल का है। इस मामले में भी मुकदमेबाजी से बचा जा सकता था और इसे कम करना हमेशा राज्य के हित में होता है।
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हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा है कि क्या पंजाब के अधिकारियों को शक्तियों के प्रयोग के लिए प्रशिक्षण देने की कोई व्यवस्था है। यदि ऐसा प्रतीत होता है कि वैधानिक प्रावधानों की कमी के कारण अधिकारी बिना विवेक का इस्तेमाल किए या अज्ञानता में अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं तो उनके प्रशिक्षण के लिए तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।
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