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अच्छी खबर : हिसार के खेदड़ स्थित हाइड्रोजन प्लांट से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू, राजीव गांधी थर्मल प्लांट की है अच्छी पहल
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पंचकूला। हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड के खेदड़ हिसार स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट ने अपने हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र से ऑक्सीजन का उत्पादन करके अपनी तकनीकी क्षमताओं का समुचित प्रदर्शन किया है। एचपीजीसीएल के अतिरिक्त मुख्य सचिव (विद्युत) सह-अध्यक्ष पीके दास ने वीरवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब इस प्लांट में 10 एनएम ऑक्सीजन का उत्पादन 3 घंटे में किया जा सकता है। इस क्षमता से राज्य के कोविड प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए 32 नंबर टाइप-डी सिलिंडर या 150 नंबर बी-टाइप सिलिंडरों को भरकर अस्पतालों में आपूर्ति की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के कारण मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है। यह कोरोना मरीजों के उपचार में एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए लिक्विड ऑक्सीजन की खरीद और वितरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में एचपीजीसीएल के इस प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू होने से सरकार के प्रयासों को बल मिला है। उन्होंने कहा कि इस प्लांट में उत्पादित ऑक्सीजन के नमूनों का परीक्षण और अनुमोदन श्रीराम संस्थान द्वारा किया गया है। आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आवश्यक लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है।
यहां यह उल्लेखनीय होगा कि राजीव गांधी थर्मल पॉवर प्लांट में हाइड्रोजन (इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से) के उत्पादन के लिए हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र हैं, जिसका उपयोग प्लांट में जेनरेटर कूलिंग के लिए किया जा रहा है। कोविड-19 से उत्पन्न खतरों और ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को देखकर राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट के इंजीनियरों की टीम ने हाइड्रोजन जेनरेशन प्लांट की रेट्रोफिटिंग की और ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू किया।
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उन्होंने कहा कि कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के कारण मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है। यह कोरोना मरीजों के उपचार में एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए लिक्विड ऑक्सीजन की खरीद और वितरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में एचपीजीसीएल के इस प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू होने से सरकार के प्रयासों को बल मिला है। उन्होंने कहा कि इस प्लांट में उत्पादित ऑक्सीजन के नमूनों का परीक्षण और अनुमोदन श्रीराम संस्थान द्वारा किया गया है। आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आवश्यक लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है।
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यहां यह उल्लेखनीय होगा कि राजीव गांधी थर्मल पॉवर प्लांट में हाइड्रोजन (इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से) के उत्पादन के लिए हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र हैं, जिसका उपयोग प्लांट में जेनरेटर कूलिंग के लिए किया जा रहा है। कोविड-19 से उत्पन्न खतरों और ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को देखकर राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट के इंजीनियरों की टीम ने हाइड्रोजन जेनरेशन प्लांट की रेट्रोफिटिंग की और ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू किया।
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